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हाथरस : मकान की छत गिरने से दंपती व तीन बच्चे मलबे में दबे
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हाथरस : गांव श्रीनगर में छत गिरने से मलबे में दबकर घायल हुए एक ही परिवार के पांच सदस्य। संवाद
- फोटो : HASAYAN
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
क्षेत्र के महासिंहपुर मार्ग स्थित ग्राम पंचायत श्रीनगर में रविवार की सुबह करीब दो बजे एक मकान की छत गिर गई। इसके मलबे में दबकर दंपती और उनके बच्चों सहित कुल पांच लोग घायल हो गए। मलबा गिरने की आवाज सुनते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्राम प्रधान की मदद से सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर लाया गया। वहां से सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
महेंद्र पुत्र लालाराम निवासी श्रीनगर शनिवार की रात को बारिश होने के कारण अपने कच्चे मकान के अंदर परिवार के तीन सदस्यों के साथ सो रहे थे। आधी रात के बाद करीब दो बजे अचानक उनके मकान की छत गिर गई। मलबे में महेंद्र सिंह, उनकी पत्नी नेहनी देवी, पुत्र अरूण कुमार (12 वर्ष), भोला (नौ वर्ष) और गुड्डू (चार वर्ष) दब गए। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह को दी तो प्रधान ने ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को मलबे से निकालकर उपचार के लिए सीएचसी पहुंचाया। वहां रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉ. हितेश कुमार ने घायलों का इलाज किया। प्रधान ने घटना के बारे में लेखपाल को भी अवगत कराया है और पीड़ित परिवार को मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित कराए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व प्रधान उर्मिला देवी के कार्यकाल के दौरान महेंद्र सिंह का चयन प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत हुआ था, लेकिन ग्राम पंचायत में तैनात पूर्व सचिव द्वारा मकान की छत में पत्थर व गार्डर लगे होने पर अंत्योदय कार्डधारक होने के बाद भी उनको पात्रता सूची से अलग कर दिया गया। अगर उस वक्त इस परिवार को आवास मिल जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता। संवाद
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क्षेत्र के महासिंहपुर मार्ग स्थित ग्राम पंचायत श्रीनगर में रविवार की सुबह करीब दो बजे एक मकान की छत गिर गई। इसके मलबे में दबकर दंपती और उनके बच्चों सहित कुल पांच लोग घायल हो गए। मलबा गिरने की आवाज सुनते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्राम प्रधान की मदद से सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर लाया गया। वहां से सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
महेंद्र पुत्र लालाराम निवासी श्रीनगर शनिवार की रात को बारिश होने के कारण अपने कच्चे मकान के अंदर परिवार के तीन सदस्यों के साथ सो रहे थे। आधी रात के बाद करीब दो बजे अचानक उनके मकान की छत गिर गई। मलबे में महेंद्र सिंह, उनकी पत्नी नेहनी देवी, पुत्र अरूण कुमार (12 वर्ष), भोला (नौ वर्ष) और गुड्डू (चार वर्ष) दब गए। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह को दी तो प्रधान ने ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को मलबे से निकालकर उपचार के लिए सीएचसी पहुंचाया। वहां रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉ. हितेश कुमार ने घायलों का इलाज किया। प्रधान ने घटना के बारे में लेखपाल को भी अवगत कराया है और पीड़ित परिवार को मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित कराए जाने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व प्रधान उर्मिला देवी के कार्यकाल के दौरान महेंद्र सिंह का चयन प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत हुआ था, लेकिन ग्राम पंचायत में तैनात पूर्व सचिव द्वारा मकान की छत में पत्थर व गार्डर लगे होने पर अंत्योदय कार्डधारक होने के बाद भी उनको पात्रता सूची से अलग कर दिया गया। अगर उस वक्त इस परिवार को आवास मिल जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता। संवाद
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