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हाथरस : चिराग, अविन के अगले कदम पर सबकी टकटकी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पंचायत चुनाव के लिए जिले में मतदान समाप्त हो गया है। भाजपा ने इस दौरान जिले के 11 ऐसे नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था, जो या तो बागी बनकर चुनाव लड़े थे या भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के स्थान पर दूसरे प्रत्याशी को चुनाव लड़ा रहे थे। इसमें मुख्य रूप से चिरागवीर उपाध्याय, डॉ. अविन शर्मा और उनकी पत्नी क्षमा शर्मा शामिल हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि पार्टी से बाहर किए गए इन नेताओं का अगला कदम क्या होगा।
उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत के चुनाव में इस बार सबसे रोमांचक मुकाबला वार्ड नंबर 14 में हुआ है। वहां भाजपा ने पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय की पत्नी ऋतु उपाध्याय को पार्टी समर्थित उम्मीदवार बना दिया। उनके सामने उनकी जेठानी पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय भी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरीं। वहीं भाजपा नेता अविन शर्मा ने भी अपनी पत्नी क्षमा शर्मा को चुनाव मैदान में उतार दिया। अविन ने अपनी पत्नी के चुनाव की कमान संभाली तो चिराग ने अपनी मां सीमा का जोर-शोर से प्रचार किया। कुछ अन्य नेता भी पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़े।
भाजपा ने 11 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया। अब सबकी नजर इस पर है कि आखिर निष्कासित किए गए इन नेताओं की अगली रणनीति क्या होगी। खासतौर पर चिरागवीर उपाध्याय और डॉ. अविन शर्मा पर सबकी टकटकी लगी है। इसे लेकर चिरागवीर उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने अभी अपनी कोई रणनीति तय नहीं की है। पहले जिला पंचायत के मतदान का परिणाम सामने आए। उसके बाद ही कुछ तय करेंगे। वहीं डॉ. अविन शर्मा का कहना है कि भाजपा में मैंने लंबे समय तक काम किया है, लेकिन पार्टी ने बाहरी व्यक्ति को टिकट दे दिया। मैं नहीं चाहता था कि मेरी पत्नी चुनाव लड़ें, लेकिन मेरे समर्थक चाहते थे कि हम चुनाव लड़ें, इसलिए चुनाव लड़ना पड़ा। अब चुनाव परिणाम का इंतजार है। हालांकि अभी किसी और दल में जाने के बारे में नहीं सोचा है।
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पंचायत चुनाव के लिए जिले में मतदान समाप्त हो गया है। भाजपा ने इस दौरान जिले के 11 ऐसे नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था, जो या तो बागी बनकर चुनाव लड़े थे या भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के स्थान पर दूसरे प्रत्याशी को चुनाव लड़ा रहे थे। इसमें मुख्य रूप से चिरागवीर उपाध्याय, डॉ. अविन शर्मा और उनकी पत्नी क्षमा शर्मा शामिल हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि पार्टी से बाहर किए गए इन नेताओं का अगला कदम क्या होगा।
उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत के चुनाव में इस बार सबसे रोमांचक मुकाबला वार्ड नंबर 14 में हुआ है। वहां भाजपा ने पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय की पत्नी ऋतु उपाध्याय को पार्टी समर्थित उम्मीदवार बना दिया। उनके सामने उनकी जेठानी पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय भी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरीं। वहीं भाजपा नेता अविन शर्मा ने भी अपनी पत्नी क्षमा शर्मा को चुनाव मैदान में उतार दिया। अविन ने अपनी पत्नी के चुनाव की कमान संभाली तो चिराग ने अपनी मां सीमा का जोर-शोर से प्रचार किया। कुछ अन्य नेता भी पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़े।
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भाजपा ने 11 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया। अब सबकी नजर इस पर है कि आखिर निष्कासित किए गए इन नेताओं की अगली रणनीति क्या होगी। खासतौर पर चिरागवीर उपाध्याय और डॉ. अविन शर्मा पर सबकी टकटकी लगी है। इसे लेकर चिरागवीर उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने अभी अपनी कोई रणनीति तय नहीं की है। पहले जिला पंचायत के मतदान का परिणाम सामने आए। उसके बाद ही कुछ तय करेंगे। वहीं डॉ. अविन शर्मा का कहना है कि भाजपा में मैंने लंबे समय तक काम किया है, लेकिन पार्टी ने बाहरी व्यक्ति को टिकट दे दिया। मैं नहीं चाहता था कि मेरी पत्नी चुनाव लड़ें, लेकिन मेरे समर्थक चाहते थे कि हम चुनाव लड़ें, इसलिए चुनाव लड़ना पड़ा। अब चुनाव परिणाम का इंतजार है। हालांकि अभी किसी और दल में जाने के बारे में नहीं सोचा है।
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