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हाथरस : बच्चे पढ़ाई के साथ जीवन में खेल को करें शामिल : पीयूष
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हाथरस : भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कोच पीयूष दुबे का स्वागत करते डीएम। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बच्चों को जैसे संस्कार दिए जाते हैं, वह वैसे ही तैयार होते हैं। बच्चे जीवन में खेलों को जरूर शामिल करें। खेलो व पढ़ाई से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। बच्चे विदेशों की तरह अपने टाइम शेड्यूल बनाएं। खेल व पढ़ाई की दो धाराओं को समय के अनुसार जोड़ें। खेलों से स्वस्थ रहने के साथ स्वस्थ शरीर में मस्तिष्क निवास करता है।
यह बातें ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को कांस्य पदक दिलाने वाले कोच पीयूष दुबे ने शहर के आगरा रोड स्थित दून पब्लिक स्कूल में पत्रकारों से बातचीत में कहीं। इस मौके पर कॉलेज प्रशासन ने उनका जोशीला स्वागत किया। उन्होंने कॉलेज का भ्रमण भी किया। शिक्षा व्यवस्था को देखा। उन्होंने कहा कि इस एतिहासिक जीत का श्रेय भारतीय हॉकी टीम के 33 सदस्यों की मेहनत को जाता है। सम्मान के लिए पीएम ने सभी खिलाड़ियों व उन्हें बुलाया।
पीएम ने कहा कि स्कूल बहुत बड़ी चीज है। अगले ओलंपिक से पहले वह 75 जिलों में दौरा करें। बच्चों में खेल भावना जाग्रत करें। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उन्हें बुलाया गया। वहां उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर मिनी स्टेडियम बनाए जाने की बात कही थी। पीयूष दुबे को भरोसा है कि वह उसे पूरा करेंगे। सकारात्मक सोच से आगे बढ़ा जा सकता है।
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जनेऊ व तिलक विश्व में कोई कोच नहीं पहनता
हाथरस। पीयूष दुबे बृज की देहरी कहे जाने वाले हाथरस से नाता रखते हैं। खास बात यह है कि संस्कृति का आज भी पूरा ध्यान रखते हैं। माथे पर तिलक और जनेऊ धारण करते हैं। प्याज तक का सेवन नहीं करते हैं। विदेशों में इस तरह की चीजों को नहीं मानते हैं। इस कारण कभी-कभी दिक्कत भी होती है। उन्होंने कहा कि विश्व में कोई कोच तिलक व जनेऊ धारण नहीं करता है। संवाद
रसमई में बनेगा मिनी स्टेडियम
हाथरस। पीयूष दुबे का शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर स्वागत किया गया। डीएम ने पीयूष दुबे को बच्चों के लिए रसमई में खेल मैदान के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर तहसीलदार निधि भारद्वाज, पीयूष दुबे के बड़े भाई श्रवण दुबे, प्रबंधक समिति के डायरेक्टर अनुरोध शर्मा, नीलम रावत, प्रवीण उपाध्याय, विकास शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
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बच्चों को जैसे संस्कार दिए जाते हैं, वह वैसे ही तैयार होते हैं। बच्चे जीवन में खेलों को जरूर शामिल करें। खेलो व पढ़ाई से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। बच्चे विदेशों की तरह अपने टाइम शेड्यूल बनाएं। खेल व पढ़ाई की दो धाराओं को समय के अनुसार जोड़ें। खेलों से स्वस्थ रहने के साथ स्वस्थ शरीर में मस्तिष्क निवास करता है।
यह बातें ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को कांस्य पदक दिलाने वाले कोच पीयूष दुबे ने शहर के आगरा रोड स्थित दून पब्लिक स्कूल में पत्रकारों से बातचीत में कहीं। इस मौके पर कॉलेज प्रशासन ने उनका जोशीला स्वागत किया। उन्होंने कॉलेज का भ्रमण भी किया। शिक्षा व्यवस्था को देखा। उन्होंने कहा कि इस एतिहासिक जीत का श्रेय भारतीय हॉकी टीम के 33 सदस्यों की मेहनत को जाता है। सम्मान के लिए पीएम ने सभी खिलाड़ियों व उन्हें बुलाया।
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पीएम ने कहा कि स्कूल बहुत बड़ी चीज है। अगले ओलंपिक से पहले वह 75 जिलों में दौरा करें। बच्चों में खेल भावना जाग्रत करें। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उन्हें बुलाया गया। वहां उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर मिनी स्टेडियम बनाए जाने की बात कही थी। पीयूष दुबे को भरोसा है कि वह उसे पूरा करेंगे। सकारात्मक सोच से आगे बढ़ा जा सकता है।
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जनेऊ व तिलक विश्व में कोई कोच नहीं पहनता
हाथरस। पीयूष दुबे बृज की देहरी कहे जाने वाले हाथरस से नाता रखते हैं। खास बात यह है कि संस्कृति का आज भी पूरा ध्यान रखते हैं। माथे पर तिलक और जनेऊ धारण करते हैं। प्याज तक का सेवन नहीं करते हैं। विदेशों में इस तरह की चीजों को नहीं मानते हैं। इस कारण कभी-कभी दिक्कत भी होती है। उन्होंने कहा कि विश्व में कोई कोच तिलक व जनेऊ धारण नहीं करता है। संवाद
रसमई में बनेगा मिनी स्टेडियम
हाथरस। पीयूष दुबे का शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर स्वागत किया गया। डीएम ने पीयूष दुबे को बच्चों के लिए रसमई में खेल मैदान के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर तहसीलदार निधि भारद्वाज, पीयूष दुबे के बड़े भाई श्रवण दुबे, प्रबंधक समिति के डायरेक्टर अनुरोध शर्मा, नीलम रावत, प्रवीण उपाध्याय, विकास शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद