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हाथरस : बनने के बाद से ही बंद है चौबारा का सार्वजनिक शौचालय
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हाथरस : गांव चौबारा में बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय। संवाद
- फोटो : SHAPHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या जस की तस है। योजना के तहत पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर में शौचालय बनवाए गए। दूसरी योजना के तहत सार्वजनिक शौचालय बनना था। लेकिन, सार्वजनिक शौचालय की बिल्डिंग तो बन गई लेकिन शौचालय अभी तक चालू नहीं हो सका। जिससे लोगों को इसका लाभ कभी मिला ही नहीं।
क्षेत्र की ग्राम पंचायत चौबारा में सार्वजनिक शौचालय बने लगभग डेढ़ साल हो चुके हैं लेकिन, शौचालय तब से बंद ही पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय बनने के बाद उन्होंने अभी तक किसी भी सफाई कर्मी को नहीं देखा है। शौचालय के नजदीक गांव का संविलियन विद्यालय होने से इसका महत्व और अधिक भी बढ़ जाता है। जब शौचालय का निर्माण पूरा हुआ था तो इसके पास सबमर्सिबल लगाई गई थी लेकिन आज तक उसे किसी ने भी चलते नहीं देखा।
लोगों का कहना है कि शौचालय बनने के बाद गांव सचिव एवं प्रधान ने उसे किस समूह का सौंपा है और किस सफाई कर्मी की नियुक्ति हुई है उनको पता ही नहीं है। इधर पंचायत सचिव ग्रीश कुमार का कहना है कि चौबारा के प्रधान के खाते में किसी तकनीकी परेशानी की वजह से खाते पर रोक लगी है, जिससे सफाई कर्मी का भुगतान करने में परेशानी हो रही है शायद इसी कारण से सफाई कर्मी नहीं आ रहा होगा। संवाद
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- मेरा खेत सार्वजनिक शौचालय के पास ही है। खेतों की रखवाली, बुआई के लिए मैं रोज खेतों पर ही रहता हू।ं मैंने जब से यह शौचालय बना है तब से बंद ही देखा है। अभी तक इसका इस्तेमाल नहीं हुआ है। - जुगनू
- शौचालय बनने के बाद से ही बंद है। इसकी सबमर्सिबल के लिए बिजली का कनेक्शन ही नहीं है जिससे इसके ऊपर बनी पानी की टंकी को भरा जा सके। इस पर किसी भी सफाई कर्मी की नियुक्ति भी नहीं हुई है। - योगेंद्र तिवारी
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स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या जस की तस है। योजना के तहत पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर में शौचालय बनवाए गए। दूसरी योजना के तहत सार्वजनिक शौचालय बनना था। लेकिन, सार्वजनिक शौचालय की बिल्डिंग तो बन गई लेकिन शौचालय अभी तक चालू नहीं हो सका। जिससे लोगों को इसका लाभ कभी मिला ही नहीं।
क्षेत्र की ग्राम पंचायत चौबारा में सार्वजनिक शौचालय बने लगभग डेढ़ साल हो चुके हैं लेकिन, शौचालय तब से बंद ही पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय बनने के बाद उन्होंने अभी तक किसी भी सफाई कर्मी को नहीं देखा है। शौचालय के नजदीक गांव का संविलियन विद्यालय होने से इसका महत्व और अधिक भी बढ़ जाता है। जब शौचालय का निर्माण पूरा हुआ था तो इसके पास सबमर्सिबल लगाई गई थी लेकिन आज तक उसे किसी ने भी चलते नहीं देखा।
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लोगों का कहना है कि शौचालय बनने के बाद गांव सचिव एवं प्रधान ने उसे किस समूह का सौंपा है और किस सफाई कर्मी की नियुक्ति हुई है उनको पता ही नहीं है। इधर पंचायत सचिव ग्रीश कुमार का कहना है कि चौबारा के प्रधान के खाते में किसी तकनीकी परेशानी की वजह से खाते पर रोक लगी है, जिससे सफाई कर्मी का भुगतान करने में परेशानी हो रही है शायद इसी कारण से सफाई कर्मी नहीं आ रहा होगा। संवाद
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- मेरा खेत सार्वजनिक शौचालय के पास ही है। खेतों की रखवाली, बुआई के लिए मैं रोज खेतों पर ही रहता हू।ं मैंने जब से यह शौचालय बना है तब से बंद ही देखा है। अभी तक इसका इस्तेमाल नहीं हुआ है। - जुगनू
- शौचालय बनने के बाद से ही बंद है। इसकी सबमर्सिबल के लिए बिजली का कनेक्शन ही नहीं है जिससे इसके ऊपर बनी पानी की टंकी को भरा जा सके। इस पर किसी भी सफाई कर्मी की नियुक्ति भी नहीं हुई है। - योगेंद्र तिवारी