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हाथरस : राशन के चावल की कालाबाजारी में तीन के खिलाफ मुकदमा
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गांव अमरपुर घना में छापा मार कार्रवाई करने पहुंची आपूर्ति विभाग की टीम। संवाद
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
पूर्ति विभाग की टीम ने अमरपुर घना में सरकारी चावल की खरीद फरोख्त की सूचना पर छापा मार कार्रवाई की। इस दौरान डीएसओ एसपी शाक्य व उनकी टीम ने 75 कट्टे चावल जब्त किए हैं। इस मामले में पूर्ति विभाग ने कोतवाली हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज कराया है।
पूर्ति विभाग की टीम को मुखबिर के जरिये ग्राम अमरपुर घना में खेत पर बने मकान में सरकारी चावल की अवैध खरीद-फरोख्त की सूचना मिली। सूचना के आधार पर डीएसओ एसपी शाक्य ने पूर्ति निरीक्षक सरिता, सुमन सारस्वत, आशु लिपिक शराफत अली के साथ मौके पर पहुंच कर छापेमार कार्रवाई की।
मौके पर ग्राम अमरपुर घना में सौरभ पुत्र श्यौ प्रसाद के मकान के एक कमरे में चावल के 75 कट्टे पाए गए। इस संबंध में मकान मालिक सौरभ से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान सौरभ ने बताया कि मैंने अपना घर लोकेंद्र को किराये पर पिछले लगभग एक माह से दे रखा है। लोकेंद्र यहां चावल की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं।
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सुबह नौ बजे टिरिर्यों में चावल लदकर आता है और शाम को 5:30 बजे तक छोटे हाथी (टेंपो) आदि में लोड कराकर बेचने के लिए ले जाते हैं। चावल को लोड करके कहां ले जाते हैं, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैंने इस मकान का एक कमरा 5000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किराये पर दिया है।
इस दौरान विक्की चालक अरुण पुत्र मानिकचंद्र, निवासी-सोखना की विक्की पर दो कट्टे चावल के लदे मिले। इस संबंध में अरुण ने बताया कि मैं आज अपनी विक्की से अमरपुर घना में लोकेंद्र को चावल बेचने के लिये आया हूं। मैं यह चावल गांव-गांव में जाकर 17 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदकर लोकेंद्र को 19 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचता हूं।
मैं करीब 15-20 दिन से प्रत्येक दिन यहां चावल बेचकर जा रहा हूं। मेरे द्वारा यह चावल काडर्धारकों से खरीदकर यहां लाकर बेचा जाता है। टीम को मौके पर हाथ की सिलाई के 75 बोरे प्लास्टिक के वजन 56.65 क्विंटल चावल पाया गया। इस मौके पर दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटे, खाली कट्टे, प्लास्टिक की सूतली का बंडल मिले।
डीएसओ एसपी शाक्य ने बताया कि सब्सिडीयुक्त चावल को विक्की चालकों द्वारा काडर्धारकों से खरीदा जाना पाया गया है। इस चावल को प्लास्टिक के कट्टों में पुन: भरकर ऊंचे दामों पर बेचकर कालाबाजारी की जाती है।
डीएम के अनुमोदन के क्रम में लोकेंद्र पुत्र बृजलाल, निवासी मोहल्ला नगला भोजा हाथरस, सौरभ पुत्र श्यौप्रसाद निवासी ग्राम अमरपुर घना एवं विक्की चालक अरुण पुत्र मानिकचंद्र निवासी ग्राम सोखना के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा-3/7 के अंतगर्त थाना कोतवाली हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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पूर्ति विभाग की टीम ने अमरपुर घना में सरकारी चावल की खरीद फरोख्त की सूचना पर छापा मार कार्रवाई की। इस दौरान डीएसओ एसपी शाक्य व उनकी टीम ने 75 कट्टे चावल जब्त किए हैं। इस मामले में पूर्ति विभाग ने कोतवाली हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज कराया है।
पूर्ति विभाग की टीम को मुखबिर के जरिये ग्राम अमरपुर घना में खेत पर बने मकान में सरकारी चावल की अवैध खरीद-फरोख्त की सूचना मिली। सूचना के आधार पर डीएसओ एसपी शाक्य ने पूर्ति निरीक्षक सरिता, सुमन सारस्वत, आशु लिपिक शराफत अली के साथ मौके पर पहुंच कर छापेमार कार्रवाई की।
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मौके पर ग्राम अमरपुर घना में सौरभ पुत्र श्यौ प्रसाद के मकान के एक कमरे में चावल के 75 कट्टे पाए गए। इस संबंध में मकान मालिक सौरभ से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान सौरभ ने बताया कि मैंने अपना घर लोकेंद्र को किराये पर पिछले लगभग एक माह से दे रखा है। लोकेंद्र यहां चावल की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं।
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सुबह नौ बजे टिरिर्यों में चावल लदकर आता है और शाम को 5:30 बजे तक छोटे हाथी (टेंपो) आदि में लोड कराकर बेचने के लिए ले जाते हैं। चावल को लोड करके कहां ले जाते हैं, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैंने इस मकान का एक कमरा 5000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किराये पर दिया है।
इस दौरान विक्की चालक अरुण पुत्र मानिकचंद्र, निवासी-सोखना की विक्की पर दो कट्टे चावल के लदे मिले। इस संबंध में अरुण ने बताया कि मैं आज अपनी विक्की से अमरपुर घना में लोकेंद्र को चावल बेचने के लिये आया हूं। मैं यह चावल गांव-गांव में जाकर 17 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदकर लोकेंद्र को 19 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचता हूं।
मैं करीब 15-20 दिन से प्रत्येक दिन यहां चावल बेचकर जा रहा हूं। मेरे द्वारा यह चावल काडर्धारकों से खरीदकर यहां लाकर बेचा जाता है। टीम को मौके पर हाथ की सिलाई के 75 बोरे प्लास्टिक के वजन 56.65 क्विंटल चावल पाया गया। इस मौके पर दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटे, खाली कट्टे, प्लास्टिक की सूतली का बंडल मिले।
डीएसओ एसपी शाक्य ने बताया कि सब्सिडीयुक्त चावल को विक्की चालकों द्वारा काडर्धारकों से खरीदा जाना पाया गया है। इस चावल को प्लास्टिक के कट्टों में पुन: भरकर ऊंचे दामों पर बेचकर कालाबाजारी की जाती है।
डीएम के अनुमोदन के क्रम में लोकेंद्र पुत्र बृजलाल, निवासी मोहल्ला नगला भोजा हाथरस, सौरभ पुत्र श्यौप्रसाद निवासी ग्राम अमरपुर घना एवं विक्की चालक अरुण पुत्र मानिकचंद्र निवासी ग्राम सोखना के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा-3/7 के अंतगर्त थाना कोतवाली हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज कराया गया है।