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हाथरस : पोषण के साथ विधिक साक्षरता भी जरूरी : निर्मला दीक्षित
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हाथरस : मिशन शक्ति के तहत बच्चे का अन्न प्राशन करातीं राज्य महिला आयोग की सदस्य। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सदर तहसील में मिशन शक्ति के तहत पोषण पंचायत कार्यक्रम एवं आजादी से अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन राज्य महिला आयोग की सदस्या निर्मला दीक्षित की अध्यक्षता में हुआ। शिविर में विधिक जानकारी देने के साथ-साथ कुपोषित महिलाओं बच्चों के लिए पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित योजना एवं पोषण अभियान के अंतर्गत चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई। गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं अन्न प्राशन संस्कार किया गया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित तथा सिविल जज सीनियर डिविजन नम्रता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में सदस्य ने जाह्नवी, रुक्मिणी, मंजू, मधु, गुड़िया, आरती, अनीता, नेहा शर्मा, विनीता, ईशा आदि गर्भवती महिलाओं को पोषण डलिया भेंटकर गोद भराई की। दिव्यांशु पुत्र सुमन एवं साक्षी पुत्री खुशबू का अन्न प्राशन संस्कार किया गया। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि पोषण के साथ साथ विधिक साक्षरता भी अत्यंत आवश्यक है।
नारी शिक्षा के महत्व को बताते हुए कहा कि शिक्षित नारी एक परिवार की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। परिवार के शुभम संचालन के लिए नारी का स्वस्थ एवं शिक्षित होना आवश्यक है। सिविल जज सीनियर डिविजन नम्रता शर्मा ने कहा कि महिलाएं व बच्चे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्य अनैतिक अत्याचार के शिकार लोग और ऐसे सभी व्यक्ति, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, वे सभी नि:शुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। संवाद
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सदर तहसील में मिशन शक्ति के तहत पोषण पंचायत कार्यक्रम एवं आजादी से अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन राज्य महिला आयोग की सदस्या निर्मला दीक्षित की अध्यक्षता में हुआ। शिविर में विधिक जानकारी देने के साथ-साथ कुपोषित महिलाओं बच्चों के लिए पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित योजना एवं पोषण अभियान के अंतर्गत चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई। गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं अन्न प्राशन संस्कार किया गया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित तथा सिविल जज सीनियर डिविजन नम्रता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में सदस्य ने जाह्नवी, रुक्मिणी, मंजू, मधु, गुड़िया, आरती, अनीता, नेहा शर्मा, विनीता, ईशा आदि गर्भवती महिलाओं को पोषण डलिया भेंटकर गोद भराई की। दिव्यांशु पुत्र सुमन एवं साक्षी पुत्री खुशबू का अन्न प्राशन संस्कार किया गया। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि पोषण के साथ साथ विधिक साक्षरता भी अत्यंत आवश्यक है।
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नारी शिक्षा के महत्व को बताते हुए कहा कि शिक्षित नारी एक परिवार की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। परिवार के शुभम संचालन के लिए नारी का स्वस्थ एवं शिक्षित होना आवश्यक है। सिविल जज सीनियर डिविजन नम्रता शर्मा ने कहा कि महिलाएं व बच्चे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्य अनैतिक अत्याचार के शिकार लोग और ऐसे सभी व्यक्ति, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, वे सभी नि:शुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। संवाद
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