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हाथरस : एक अधिकारी-लिपिक से परेशान महिला कलेक्ट्रेट में पानी की टंकी पर चढ़ी
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कलेक्ट्रेट स्थित पानी की टंकी पर चढ़ी महिला। संवाद
- फोटो : MURSAN
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरसान/हाथरस।
एक महिला मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई और टंकी से कूदकर खुदकुशी की धमकी देने लगी। यह दृश्य देखकर वहां खलबली मच गई और अधिकारी इस महिला की मनुहार करने लगे। महिला का आरोप था कि वह पिछले पांच माह से नगर पालिका के चक्कर लगा रही है।
नगर पालिका के एक लिपिक और अधिकारी उसकी दुकान का नाम परिवर्तन नहीं कर रहे। उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। अधिकारियों ने जैसे-तैसे इस महिला का समझा-बुझाकर नीचे उतारा। उसके बाद एसडीएम सदर व ईओ नगर पालिका पहुंचे और संबंधित पत्रावली देखी। देर शाम वहां कर्मचारी इस दुकान के नाम परिवर्तन से संबंधित प्रक्रिया को पूरा कराने में जुटे थे।
शहर की करबला रोड रत्न कुंज कॉलोनी निवासी सुनीता सिंह मंगलवार की दोपहर ढाई बजे कलेक्ट्रेट स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। वह वहां से कूदकर खुदकुशी करने की धमकी देने लगीं। उन्होंने खुद अपना वीडियो शूट किया और इसमें आपबीती बताई।
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उनका आरोप था कि उन्होंने नगर पालिका की एक दुकान को अपने बेटे को ट्रांसफर करने सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। इसके बाद नगर पालिका के तत्कालीन ईओ अनिल कुमार के कहने पर दुकान में नाम ट्रांसफर करने के लिए नगर पालिका का एक लिपिक यशुराज 50 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं।
पैसे न देने के कारण वह पिछले करीब पांच महीने से नगर पालिका के चक्कर लगवा रहे हैं। इसकी वजह से वह अब वह खुदकुशी करने के लिए मजबूर हैं। टंकी पर सुनीता सिंह को चढ़ा देखकर खलबली मच गई। टंकी के नीचे अधिकारी व पुलिसकर्मी आ गए।
एडीएम बसंत अग्रवाल भी वहां पहुंचे और सुनीत सिंह को समझा-बुझाकर टंकी से नीचे उतारा। जब तक सुनीता सिंह टंकी से नीचे नहीं उतरी, कलेक्ट्रेट में अधिकारी काफी परेशान रहे। अधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम सदर राजकुमार सिंह नगर पालिका पहुंचे। वहां एसडीएम के निर्देश पर ईओ स्वदेश आर्य इस दुकान के नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कराने में जुट गए। सुनीता सिंह भी वहां मौजूद थीं।
पहले भी दो बार धरना दे चुकी हैं सुनीता सिंह
सुनीता सिंह ने इससे पहले दो बार नगर पालिका के बाहर ओवरब्रिज के नीचे धरना भी दिया था। दोनों बार उन्हें पुलिस ने उचित कार्यवाही का आश्वासन देकर उठा दिया था। सुनीता सिंह का कहना है कि इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
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एक महिला मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई और टंकी से कूदकर खुदकुशी की धमकी देने लगी। यह दृश्य देखकर वहां खलबली मच गई और अधिकारी इस महिला की मनुहार करने लगे। महिला का आरोप था कि वह पिछले पांच माह से नगर पालिका के चक्कर लगा रही है।
नगर पालिका के एक लिपिक और अधिकारी उसकी दुकान का नाम परिवर्तन नहीं कर रहे। उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। अधिकारियों ने जैसे-तैसे इस महिला का समझा-बुझाकर नीचे उतारा। उसके बाद एसडीएम सदर व ईओ नगर पालिका पहुंचे और संबंधित पत्रावली देखी। देर शाम वहां कर्मचारी इस दुकान के नाम परिवर्तन से संबंधित प्रक्रिया को पूरा कराने में जुटे थे।
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शहर की करबला रोड रत्न कुंज कॉलोनी निवासी सुनीता सिंह मंगलवार की दोपहर ढाई बजे कलेक्ट्रेट स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। वह वहां से कूदकर खुदकुशी करने की धमकी देने लगीं। उन्होंने खुद अपना वीडियो शूट किया और इसमें आपबीती बताई।
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उनका आरोप था कि उन्होंने नगर पालिका की एक दुकान को अपने बेटे को ट्रांसफर करने सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। इसके बाद नगर पालिका के तत्कालीन ईओ अनिल कुमार के कहने पर दुकान में नाम ट्रांसफर करने के लिए नगर पालिका का एक लिपिक यशुराज 50 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं।
पैसे न देने के कारण वह पिछले करीब पांच महीने से नगर पालिका के चक्कर लगवा रहे हैं। इसकी वजह से वह अब वह खुदकुशी करने के लिए मजबूर हैं। टंकी पर सुनीता सिंह को चढ़ा देखकर खलबली मच गई। टंकी के नीचे अधिकारी व पुलिसकर्मी आ गए।
एडीएम बसंत अग्रवाल भी वहां पहुंचे और सुनीत सिंह को समझा-बुझाकर टंकी से नीचे उतारा। जब तक सुनीता सिंह टंकी से नीचे नहीं उतरी, कलेक्ट्रेट में अधिकारी काफी परेशान रहे। अधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम सदर राजकुमार सिंह नगर पालिका पहुंचे। वहां एसडीएम के निर्देश पर ईओ स्वदेश आर्य इस दुकान के नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कराने में जुट गए। सुनीता सिंह भी वहां मौजूद थीं।
पहले भी दो बार धरना दे चुकी हैं सुनीता सिंह
सुनीता सिंह ने इससे पहले दो बार नगर पालिका के बाहर ओवरब्रिज के नीचे धरना भी दिया था। दोनों बार उन्हें पुलिस ने उचित कार्यवाही का आश्वासन देकर उठा दिया था। सुनीता सिंह का कहना है कि इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।