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हाथरस : कार गैराज की आड़ में नगर पालिका के टैक्स की चोरी का खेल
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नगर में गैराज की आड़ में नगर पालिका के कर की चोरी का धंधा खूब फल-फूल रहा है। शहर में अलग-अलग स्थानों पर एक दर्जन गैराज बन चुके हैं। यह गैराज मालिक वाहन स्वामियों से एक से दो हजार रुपये महीना वसूल रहे हैं। खास बात यह है कि यह लोग नगर पालिका को कॉमर्शियल कर भी नहीं दे रहे हैं। इस कारण नगर पालिका को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इससे नगर पालिका के आला अफसर बेसुध बने हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जिले में दो लाख 75 हजार से अधिक वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। इनमें अधिकांश वाहन स्वामी ऐसे हैं, जिनके पास गाड़ी खड़ी करने की भी जगह नहीं है। ये वाहन स्वामी शहर में बने गैराज का सहारा ले रहे हैं। शहर के सादाबाद गेट, नयागंज, शिव कॉलोनी और अलीगढ़ रोड सहित अलग-अलग स्थानों पर गैराज बने हुए हैं। इन लोगों द्वारा खाली प्लांट की चारदीवारी कराके टिनशेड या फिर खुले में गाड़ियों को खड़ा कराने के नाम पर प्रति गाड़ी पर गैराज स्वामी द्वारा एक हजार से दो हजार रुपये प्रतिमाह तक वसूल किए जा रहे हैं।
नगर पालिका के कर विभाग की टीम शहर में गैराज की आड़ में चल रहे कर चोरी के खेल से अंजान है। इस कारण ये गैराज स्वामी हर माह नगर पालिका को लाखों रुपये महीने की चपत लगा रहे हैं। नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा का कहना है कि शहर में जिन लोगों ने गैराज बना रखे हैं, उनकी जगहों का टैक्स विभाग की टीम से तत्काल सर्वे कराया जाएगा। सभी गैराज स्वामियों से कॉमर्शियल टैक्स वसूल किया जाएगा। कर की चोरी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवाद
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फुटपाथों पर कारों का कब्जा, आवागमन बाधित
हाथरस। शहर में कई स्थानों पर कुछ ठेकेदारों द्वारा फुटपाथ पर कारों को खड़ा करके अच्छा-खासा बाजार बना लिया गया है। शहर की घास मंडी, बीएच मिल रोड, आगरा रोड, अलीगढ़ रोड आदि स्थानों पर फुटपाथों पर लाइन लगाकर खड़ी कार लोगों के आवागमन में भी बाधक बन रही हैं। इस कारण आए-दिन मुख्य मार्गों पर लोगों को आवागमन में दिक्कतों से जूझना पड़ता है। शिकायतों के बावजूद प्रशासन और पुलिस ने इन फुटपाथों को खाली कराने में कोई दिचलस्पी नहीं दिखाई है। नतीजा, हालात जस के तस हैं और लोगों की दिक्कतें बरकरार हैं। संवाद
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नगर में गैराज की आड़ में नगर पालिका के कर की चोरी का धंधा खूब फल-फूल रहा है। शहर में अलग-अलग स्थानों पर एक दर्जन गैराज बन चुके हैं। यह गैराज मालिक वाहन स्वामियों से एक से दो हजार रुपये महीना वसूल रहे हैं। खास बात यह है कि यह लोग नगर पालिका को कॉमर्शियल कर भी नहीं दे रहे हैं। इस कारण नगर पालिका को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इससे नगर पालिका के आला अफसर बेसुध बने हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जिले में दो लाख 75 हजार से अधिक वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। इनमें अधिकांश वाहन स्वामी ऐसे हैं, जिनके पास गाड़ी खड़ी करने की भी जगह नहीं है। ये वाहन स्वामी शहर में बने गैराज का सहारा ले रहे हैं। शहर के सादाबाद गेट, नयागंज, शिव कॉलोनी और अलीगढ़ रोड सहित अलग-अलग स्थानों पर गैराज बने हुए हैं। इन लोगों द्वारा खाली प्लांट की चारदीवारी कराके टिनशेड या फिर खुले में गाड़ियों को खड़ा कराने के नाम पर प्रति गाड़ी पर गैराज स्वामी द्वारा एक हजार से दो हजार रुपये प्रतिमाह तक वसूल किए जा रहे हैं।
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नगर पालिका के कर विभाग की टीम शहर में गैराज की आड़ में चल रहे कर चोरी के खेल से अंजान है। इस कारण ये गैराज स्वामी हर माह नगर पालिका को लाखों रुपये महीने की चपत लगा रहे हैं। नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा का कहना है कि शहर में जिन लोगों ने गैराज बना रखे हैं, उनकी जगहों का टैक्स विभाग की टीम से तत्काल सर्वे कराया जाएगा। सभी गैराज स्वामियों से कॉमर्शियल टैक्स वसूल किया जाएगा। कर की चोरी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवाद
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फुटपाथों पर कारों का कब्जा, आवागमन बाधित
हाथरस। शहर में कई स्थानों पर कुछ ठेकेदारों द्वारा फुटपाथ पर कारों को खड़ा करके अच्छा-खासा बाजार बना लिया गया है। शहर की घास मंडी, बीएच मिल रोड, आगरा रोड, अलीगढ़ रोड आदि स्थानों पर फुटपाथों पर लाइन लगाकर खड़ी कार लोगों के आवागमन में भी बाधक बन रही हैं। इस कारण आए-दिन मुख्य मार्गों पर लोगों को आवागमन में दिक्कतों से जूझना पड़ता है। शिकायतों के बावजूद प्रशासन और पुलिस ने इन फुटपाथों को खाली कराने में कोई दिचलस्पी नहीं दिखाई है। नतीजा, हालात जस के तस हैं और लोगों की दिक्कतें बरकरार हैं। संवाद