Hathras: हाईटेंशन लाइन के नीचे गैस से भरा कैप्सूल पलटा, तीन घंटे तक 150 गांवों में बंद रही बिजली आपूर्ति
मथुरा-बरेली राजमार्ग का निर्माण चल रहा है। मिट्टी उठाने से कुछ स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। ऐसे ही एक गड्ढे में पहिया पढ़ने के बाद चालक कैप्सूल से नियंत्रण खो बैठा और वह सड़क किनारे जाकर पलट गया।
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निर्माणाधीन मथुरा-बरेली हाईवे पर 30 अगस्त सुबह एलपीजी गैस लेकर बॉटलिंग प्लांट पर जा रहा एक कैप्सूल पलट गया। जिस स्थान पर यह पलटा, उसके ऊपर से बिजली की हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। गैस रिसाव से कोई हादसा न हो जाए, इसके चलते तीन घंटे तक आपूर्ति बंद की गई। सूचना पर पुलिस के अलावा दो दमकलों के साथ मुख्य अग्निशमन अधिकारी, भारत गैस के बॉटलिंग प्लांट के अधिकारी और विद्युत विभाग अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक रेस्क्यू आपरेशन चला और चार क्रेन की मदद से कैप्सूल को सीधा कर सड़क पर लाया गया। इसके बाद उसे रवाना किया गया।
हादसा 30 अगस्त सुबह करीब चार बजे हाथरस और सिकंदराराऊ के बीच सलेमपुर पुलिस चौकी के पास हुआ। इन दिनों मथुरा-बरेली राजमार्ग का निर्माण चल रहा है। मिट्टी उठाने से कुछ स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। ऐसे ही एक गड्ढे में पहिया पढ़ने के बाद चालक कैप्सूल से नियंत्रण खो बैठा और वह सड़क किनारे जाकर पलट गया। हादसे में चालक भी घायल हो गया। कैप्सूल हाथरस की ओर से सलेमपुर स्थित भारत गैस के बॉटलिंग प्लांट की ओर आ रहा था।
ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। गैस रिसाव की आशंका और बड़ा हादसा न हो जाए, दमकल को भी सूचना दी गई। विद्युत उपखंड अधिकारी शुभम सिंह, बिजलीघर के जेई पुष्पेन्द्र कुमार सिंह विमल भी मौके पर पहुंच गए। 33000 केवीए के विद्युत लाइन में आपूर्ति बंद कराई गई। शुभम सिंह ने बताया कि कैप्सूल हटने के बाद बिजली चालू करा दी गई।
हसायन सहित 150 गांवों में बंद रही बिजली आपूर्ति
हादसे के चलते हाईटेंशन लाइन की आपूर्ति बंद किए जाने से हसायन बिजलीघर के पांच फीडरों जाऊ, बस्तोई, हसायन, सीधामई और सलेमपुर फीडर की आपूर्ति भी बंद रही। विद्युत विभाग अधिकारियों का कहना है कि जिस समय कैप्सूल को सीधा कर निकाला जा रहा था, उस अवधि में ही बिजली बंद की गई थी। करीब तीन घंटे हसायन सहित 150 गांवों की आपूर्ति ठप रही।
कैप्सूल में एलजीपी गैस भरी थी। रात्रि चार बजे हादसा हुआ था, घटना स्थल के आसपास आबादी नहीं थी। सुबह नौ बजे उन्हें सूचना मिली, इसके बाद शाम चार बजे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया।- आरके वाजपेयी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी