शिक्षक दिवस: हाथरस के पांच नौजवान, पहले खुद पढ़े, अब दूसरों के सपनों को दे रहे उड़ान
करीब 10 वर्षों में यहां से तैयारी करने वाले लगभग 125 युवाओं की सरकारी नौकरी लग चुकी है। अब इनमें से कई युवा स्वयं अन्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं।
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शिक्षक दिवस पर हाथरस शहर के उन युवाओं को नजरअंदाज करना बेमानी होगी, जो पिछले एक दशक से निर्धन व जरूरतमंद विद्यार्थियों के जीवन शिक्षा के जरिये सफलता के रंग भर रहे हैं। हाथरस के विभव नगर में ये पांच नौजवान करीब एक दशक से ऐसे कोचिंग सेंटर का संचालन कर रहे हैं, जहां न केवल वह खुद पढ़ रहे हैं, बल्कि निर्धन विद्यार्थियों के सपनों को भी उड़ान दे रहे हैं।
खास बात यह है कि यहां पढ़ाने वाले शिक्षक किसी संस्थान के वेतनभोगी कर्मचारी नहीं, बल्कि ऐसे युवा हैं, जिन्होंने खुद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है या सफलता हासिल कर सरकारी नौकरी प्राप्त की है। अब यही युवा अपनी मेहनत और अनुभव का लाभ दूसरे विद्यार्थियों तक पहुंचाकर उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं। उनका मानना है कि दूसरों को पढ़ाने से खुद की तैयारी भी मजबूत होती है और विद्यार्थियों को अनुभवी मार्गदर्शन मिल जाता है।
करीब 10 वर्षों में यहां से तैयारी करने वाले लगभग 125 युवाओं की सरकारी नौकरी लग चुकी है। अब इनमें से कई युवा स्वयं अन्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं। कोचिंग में रेलवे, यूपी पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों, एसएससी, इंजीनियरिंग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।
यहां तैयारी करते हुए मैंने सी टेट और यूपी टेट की परीक्षाएं पास की हैं और अब टीजीटी व पीजीटी की तैयारी में जुटा हूं। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक यहां निशुल्क पढ़ाता हूं, जिसके बाद अपने गांव में कोचिंग चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता हूं। -हेमंत भारती निवासी गांव नगला भोजा
मैं सिविल इंजीनियरिंग और रेलवे की तैयारी कर रहा हूं। कई बार मुख्य परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू तक पहुंचा हूं। अपनी तैयारी जारी रखने के साथ-साथ मैं यहां बच्चों को पढ़ाता हूं, ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें। बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाती।-राकेश कुमार निवासी छोटा नवीपुर
मैं वर्ष 2018 से यहां जुड़ा हूं। यहां आकर मैंने बीएड और टेट पास किया है। हाल ही में मेरा चयन असिस्टेंट लोको पायलट के लिए हुआ था, लेकिन मेडिकल कारणों से रह गया। ग्रुप डी की परीक्षा भी पास की है। इस समय अध्यापन क्षेत्र में जाने की तैयारी कर रहा हूं।-सोमेंद्र सागर निवासी विभव नगर
मैं वर्तमान में सहायक अध्यापक हूं और 2008 से इस संस्था से जुड़ा हूं। मेरी हमेशा यही कोशिश रही है कि धन के अभाव में किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई न रुके। इसी उद्देश्य से मेरे जैसे कई सफल युवा मिलकर इस संस्थान को चला रहे हैं, ताकि निर्धन छात्र भी अपने सपनों को पूरा कर सकें।-राहुल सागर निवासी विभव नगर
मैं इस समय बिजली निगम में टीजी टू के पद पर तैनात हूं। मुझे यह सफलता इसी संस्थान के मार्गदर्शन से मिली है। मैंने बेहद विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई की थी, इसलिए अब गरीब युवाओं के सहयोग में पीछे नहीं हटता। हम सभी के प्रयासों से अब तक 125 से अधिक युवा नौकरी प्राप्त कर चुके हैं।-गजेंद्रपाल सिंह निवासी नाई का नगला
मैं सादाबाद क्षेत्र के एक स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हूं। जब हमने शुरुआत की थी, तब मार्गदर्शन देने वाला कोई नहीं था, इसलिए हम दोस्तों ने मिलकर तैयारी शुरू की। अब सफल होने के बाद हम अन्य युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।-मनोज कुमार निवासी नवीपुर खुर्द