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मानक से कम वसूली पर पांच ईओ का वेतन रोका
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:31 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मानक से कम वसूली करना जिले की पांच नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को भारी पड़ गया है। एडीएम ने इन पांचों अपर जिलाधिकारियों का वेतन रोक दिया है। इन पांचों से खराब वसूली के लिए स्पष्टीकरण भी तलब किया है। इन सभी को वसूली में सुधार लाने के लिए कड़ी चेतावनी भी जारी की गई है।
एडीएम रेखा एस चौहान ने पिछले दिनों नगर पालिका और नगर पंचायतों की वसूली की समीक्षा की। जिले की हाथरस व सिकंदराराऊ नगर पालिका के अलावा नगर पंचायत मुरसान, मेंडू और पुरदिलनगर में गृहकर और जलकर की वसूली की स्थिति उन्हें संतोषजनक नहीं मिली। पांचों की वसूली मानक से कहीं ज्यादा कम थी।
इस पर एडीएम ने नाराजगी जताई और पांचों अधिशासी अधिकारियों का वेतन तब तक के लिए रोकने के आदेश दिए, जब तक वह वसूली की स्थिति में सुधार नहीं लाते। एडीएम ने इन सभी अधिशासी अधिकारियों से कहा कि अगली समीक्षा तक वह मानक के हिसाब से वसूली की रिपोर्ट नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिख दिया जाएगा।
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एडीएम की सख्ती से नगर निकायों के स्टाफ में खलबली मच गई है। जाहिर है कि आने वाले दिनों में नगर पालिका और नगर पंचायतों के जलकर व गृहकर के बकाएदारों पर वसूली के लिए शिकंजा कस सकता है। एडीएम ने बताया कि वह अब निकायों की वसूली की नियमित समीक्षा करेंगी। जहां सुधार नहीं होगा, वहां के जिम्मेदार अफसर और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एडीएम रेखा एस चौहान ने पिछले दिनों नगर पालिका और नगर पंचायतों की वसूली की समीक्षा की। जिले की हाथरस व सिकंदराराऊ नगर पालिका के अलावा नगर पंचायत मुरसान, मेंडू और पुरदिलनगर में गृहकर और जलकर की वसूली की स्थिति उन्हें संतोषजनक नहीं मिली। पांचों की वसूली मानक से कहीं ज्यादा कम थी।
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इस पर एडीएम ने नाराजगी जताई और पांचों अधिशासी अधिकारियों का वेतन तब तक के लिए रोकने के आदेश दिए, जब तक वह वसूली की स्थिति में सुधार नहीं लाते। एडीएम ने इन सभी अधिशासी अधिकारियों से कहा कि अगली समीक्षा तक वह मानक के हिसाब से वसूली की रिपोर्ट नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिख दिया जाएगा।
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एडीएम की सख्ती से नगर निकायों के स्टाफ में खलबली मच गई है। जाहिर है कि आने वाले दिनों में नगर पालिका और नगर पंचायतों के जलकर व गृहकर के बकाएदारों पर वसूली के लिए शिकंजा कस सकता है। एडीएम ने बताया कि वह अब निकायों की वसूली की नियमित समीक्षा करेंगी। जहां सुधार नहीं होगा, वहां के जिम्मेदार अफसर और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।