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साधन समितियों पर पहुंचा खाद, बुवाई के लिए नहीं है पर्याप्त
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संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को राहत तो मिली है लेकिन अभी जो खाद पहुंचा है वह पर्याप्त नहीं है। किसान सुबह से ही समितियों पर कतार लगाकर खड़े हो जा रहे हैं उसके बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। खाद के लिए किसान आपस में धक्का-मुक्की कर रहे हैं।
क्षेत्र की सभी नौ सहकारी साधन समिति पर 6760 बोरी डीएपी की खाद आने के बाद मारामारी कम तो हुई है लेकिन इतनी खाद खेतों के लिए पर्याप्त नहीं है। सहपऊ पूर्वी सहकारी साधन समिति पर 860, धाधऊ, राजनगर एवं नगला सलेम सहकारी साधन समिति प्रत्येक पर 1060 बोरी खोंडा एवं रसगवों 720-720 कोंकना खुर्द पर 500 बोरी, मागरू और गुतहरा सहकारी साधन समिति पर 360-360 डीएपी खाद बोरी पहुंचते ही सचिवों ने सुबह से ही वितरण शुरू कर दिया था। हालांकि, बाजार में खाद उपलब्ध नहीं होने से ऐसे किसानों के सामने समस्या पैदा हो गई है जिन्होंने खेत बाकी पर लिया है।
साधन समितियों के सचिवों का कहना हैं कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार उन किसानों को खाद देना है जो उनकी सोसाइटी के सदस्य अथवा उनके पास उनके खेतों की खतौनी है। जिन किसानों को खाद नहीं मिला है वह काफी उदास हैं और बाजार में खाद मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
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- हादसे में घायल होने के कारण साधन समिति पर खाद लेने नहीं जा सका। लेकिन कुछ खाद मिल गया है जिससे खेतों में बुवाई शुरू करा दिया है। - राहुल पाठक, सहपऊ
- मुझे अभी तक खाद नहीं मिला है। समिति पर खाद आने की सूचना पर लाइन में लगा था। उसके बावजूद खाद नहीं मिल सका। - कालीचरन, थरौरा
- मेरे पास खेत कम है इसलिए कम खाद मिला है जबकि मुझे अधिक खाद की आवश्यकता है। होने पर खाद कम मिला है जबकि मुझे अधिक खाद की आवश्यकता है। - घनश्याम शर्मा, सहपऊ
- साधन समितियों पर खाद लेने वालों की काफी भीड़ रहती है। सरकार को खाद बाजार में भी उपलब्ध कराना चाहिए जिससे धक्का-मुक्की न हो। - टीटू शुक्ला, मोहल्ला शुक्लयाना सहपऊ
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क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को राहत तो मिली है लेकिन अभी जो खाद पहुंचा है वह पर्याप्त नहीं है। किसान सुबह से ही समितियों पर कतार लगाकर खड़े हो जा रहे हैं उसके बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। खाद के लिए किसान आपस में धक्का-मुक्की कर रहे हैं।
क्षेत्र की सभी नौ सहकारी साधन समिति पर 6760 बोरी डीएपी की खाद आने के बाद मारामारी कम तो हुई है लेकिन इतनी खाद खेतों के लिए पर्याप्त नहीं है। सहपऊ पूर्वी सहकारी साधन समिति पर 860, धाधऊ, राजनगर एवं नगला सलेम सहकारी साधन समिति प्रत्येक पर 1060 बोरी खोंडा एवं रसगवों 720-720 कोंकना खुर्द पर 500 बोरी, मागरू और गुतहरा सहकारी साधन समिति पर 360-360 डीएपी खाद बोरी पहुंचते ही सचिवों ने सुबह से ही वितरण शुरू कर दिया था। हालांकि, बाजार में खाद उपलब्ध नहीं होने से ऐसे किसानों के सामने समस्या पैदा हो गई है जिन्होंने खेत बाकी पर लिया है।
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साधन समितियों के सचिवों का कहना हैं कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार उन किसानों को खाद देना है जो उनकी सोसाइटी के सदस्य अथवा उनके पास उनके खेतों की खतौनी है। जिन किसानों को खाद नहीं मिला है वह काफी उदास हैं और बाजार में खाद मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
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- हादसे में घायल होने के कारण साधन समिति पर खाद लेने नहीं जा सका। लेकिन कुछ खाद मिल गया है जिससे खेतों में बुवाई शुरू करा दिया है। - राहुल पाठक, सहपऊ
- मुझे अभी तक खाद नहीं मिला है। समिति पर खाद आने की सूचना पर लाइन में लगा था। उसके बावजूद खाद नहीं मिल सका। - कालीचरन, थरौरा
- मेरे पास खेत कम है इसलिए कम खाद मिला है जबकि मुझे अधिक खाद की आवश्यकता है। होने पर खाद कम मिला है जबकि मुझे अधिक खाद की आवश्यकता है। - घनश्याम शर्मा, सहपऊ
- साधन समितियों पर खाद लेने वालों की काफी भीड़ रहती है। सरकार को खाद बाजार में भी उपलब्ध कराना चाहिए जिससे धक्का-मुक्की न हो। - टीटू शुक्ला, मोहल्ला शुक्लयाना सहपऊ