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Hathras News: नाम का बस स्टैंड, न बसें रुकतीं, न जरूरी सुविधाएं
Thu, 17 Sep 2026 02:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:51 AM IST
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सासनी में बस स्टैंड का जर्जर भवन। संवाद
- फोटो : samvad
आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कस्बे का रोडवेज बस स्टैंड बदहाली का शिकार है। जर्जर भवन, टूटी छत, गंदगी और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि बस स्टैंड होने के बावजूद अधिकांश रोडवेज बसें यहां नहीं रुकतीं।
कस्बे से प्रतिदिन हजारों लोग अलीगढ़, हाथरस और अन्य शहरों के लिए यात्रा करते हैं, लेकिन उन्हें बस स्टैंड के बाहर सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। यात्रियों के बैठने के लिए बेंच तक नहीं हैं, जबकि परिसर की छतें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि जर्जर भवन की शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। हाथरस डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि बस स्टैंड की हालत में सुधार के लिए कई पत्र लिखे जा चुके हैं। जल्द ही इस बारे में कोई सकारात्मक आदेश शासन से आ सकते हैं।
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बस स्टैंड सिर्फ नाम का रह गया है। भवन जर्जर है, सुविधाएं नहीं हैं और रोडवेज बसें भी नहीं रुकतीं। इससे यात्रियों को रोज परेशानी होती है।
-दिलीप कुमार निवासी रुदायन।
मैं करीब दो घंटे तक बस का इंतजार करता रहा, लेकिन बसें बिना रुके निकल गईं। धूप में खड़े रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
-दिलीप शर्मा निवासी कोठिया।
रिश्तेदारी में अलीगढ़ जा रही थी, लेकिन काफी देर तक बस नहीं मिली। बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए कम से कम बैठने और पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
-विनीता देवी, यात्री।
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कस्बे से प्रतिदिन हजारों लोग अलीगढ़, हाथरस और अन्य शहरों के लिए यात्रा करते हैं, लेकिन उन्हें बस स्टैंड के बाहर सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। यात्रियों के बैठने के लिए बेंच तक नहीं हैं, जबकि परिसर की छतें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
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कर्मचारियों का कहना है कि जर्जर भवन की शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। हाथरस डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि बस स्टैंड की हालत में सुधार के लिए कई पत्र लिखे जा चुके हैं। जल्द ही इस बारे में कोई सकारात्मक आदेश शासन से आ सकते हैं।
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बस स्टैंड सिर्फ नाम का रह गया है। भवन जर्जर है, सुविधाएं नहीं हैं और रोडवेज बसें भी नहीं रुकतीं। इससे यात्रियों को रोज परेशानी होती है।
-दिलीप कुमार निवासी रुदायन।
मैं करीब दो घंटे तक बस का इंतजार करता रहा, लेकिन बसें बिना रुके निकल गईं। धूप में खड़े रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
-दिलीप शर्मा निवासी कोठिया।
रिश्तेदारी में अलीगढ़ जा रही थी, लेकिन काफी देर तक बस नहीं मिली। बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए कम से कम बैठने और पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
-विनीता देवी, यात्री।