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Hathras News: बंदरों के खौफ और पार्कों के अभाव ने छीनी आजादी
Thu, 15 Oct 2026 01:59 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 15 Oct 2026 01:59 AM IST
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शहर के नवग्रह हनुमान मंदिर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल महिलाएं। संवाद
- फोटो : Samvad
शहर में बदहाल बुनियादी ढांचे और खूंखार जानवरों के बढ़ते आतंक के चलते आम जनजीवन घरों की चारदीवारी में सिमटने को मजबूर हो गया है। बुधवार को अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के तहत अलीगढ़ रोड स्थित नवग्रह मंदिर में महिलाओं ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी।
शहर की विभिन्न कॉलोनियों से पहुंचीं महिलाओं ने नगर की कई समस्याओं से रूबरू कराते हुए अपने परिवार, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा व सेहत पर चिंता जाहिर की। संवाद में महिलाओं का सबसे बड़ा दर्द यह छलका कि शहर के अंदर सार्वजनिक पार्कों का घोर अभाव है। इस कारण न तो बच्चों के खेलने के लिए कोई खुली जगह बची है और न ही बुजुर्गों के टहलने के लिए सुरक्षित वातावरण।
ऊपर से शहरभर में बंदरों, आवारा कुत्तों और निराश्रित गोवंशों का ऐसा खौफ है कि महिलाएं बच्चों को घर से बाहर अकेले भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं। इसके अलावा मुरसान गेट सहित कई प्रमुख मार्गों की जर्जर सड़कें, गंदगी से बजबजाती नालियां, नियमित सफाई का अभाव और जलभराव जैसे मुद्दों पर भी महिलाओं ने अपनी बेबाक राय रखी और प्रशासनिक अधिकारियों से शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई।
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इस मौके पर पूजा गुप्ता, पूजा वार्ष्णेय, पूनम वार्ष्णेय, पूजा वार्ष्णेय, मंजू गुप्ता, पूनम गौड़, वंदना शर्मा, कुसुम वार्ष्णेय, रूमी अग्रवाल, गीता गुप्ता, प्रभा वार्ष्णेय आदि महिलाएं मौजूद थीं।
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शहर की विभिन्न कॉलोनियों से पहुंचीं महिलाओं ने नगर की कई समस्याओं से रूबरू कराते हुए अपने परिवार, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा व सेहत पर चिंता जाहिर की। संवाद में महिलाओं का सबसे बड़ा दर्द यह छलका कि शहर के अंदर सार्वजनिक पार्कों का घोर अभाव है। इस कारण न तो बच्चों के खेलने के लिए कोई खुली जगह बची है और न ही बुजुर्गों के टहलने के लिए सुरक्षित वातावरण।
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ऊपर से शहरभर में बंदरों, आवारा कुत्तों और निराश्रित गोवंशों का ऐसा खौफ है कि महिलाएं बच्चों को घर से बाहर अकेले भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं। इसके अलावा मुरसान गेट सहित कई प्रमुख मार्गों की जर्जर सड़कें, गंदगी से बजबजाती नालियां, नियमित सफाई का अभाव और जलभराव जैसे मुद्दों पर भी महिलाओं ने अपनी बेबाक राय रखी और प्रशासनिक अधिकारियों से शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई।
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इस मौके पर पूजा गुप्ता, पूजा वार्ष्णेय, पूनम वार्ष्णेय, पूजा वार्ष्णेय, मंजू गुप्ता, पूनम गौड़, वंदना शर्मा, कुसुम वार्ष्णेय, रूमी अग्रवाल, गीता गुप्ता, प्रभा वार्ष्णेय आदि महिलाएं मौजूद थीं।