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बिसाना में आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति निकली फर्जी
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:28 PM IST
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- फोटो : getty
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ग्राम पंचायत गंभीर पट्टी बिसाना में नियम विरुद्ध तरीके से एक और आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति के मामले में शनिवार को सीएमओ दफ्तर में ग्राम प्रधान के बयान भी लिए गए।
जिंदपट्टी बिसाना विकास खंड मुरसान के प्रधान दिगंबर सिंह ने पिछले दिनों सीएमओ से शिकायत की थी कि एक हजार की आबादी पर एक आशा नियुक्त होती है। ग्राम पंचायत गंभीर पट्टी की आबादी 2250 के लगभग है और जिंदपट्टी बिसाना की आबादी 1800 के लगभग है, जबकि दोनों तरफ दो-दो आशाएं पहले से ही नियुक्त हैं। जनसंख्या के आधार पर पांचवीं आशा नियुक्त हो नहीं सकती।
जिंद पट्टी बिसाना की आशा कार्यकत्री गंभीरपट्टी बिसाना में कार्य कर रही है। न ही कोई नियुक्ति निकाली है और न ही प्रधान की कोई खुली मीटिंग हुई, जबकि प्रधान की संस्तुति जरूरी होती है। इस नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की गई थी। शिकायत मिलने पर सीएमओ द्वारा ग्राम प्रधान को बयानों के लिए दफ्तर में बुलाया गया, जहां उनके बयान हुए, जिसमें प्रधान ने कहा कि आशा की नियुक्ति के लिए उनके पैड का दुरुपयोग किया गया है और फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने इस नियुक्ति को निरस्त कराए जाने की मांग की। सीएमओ ने इस संबंध में मुरसान के सीएचसी प्रभारी को भी जांच के आदेश दिए हैं।
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सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह का कहना है कि मुरसान के सीएचसी प्रभारी और एसीएमओ डीके अग्रवाल को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता के बयान भी दर्ज करा लिए गए हैं। इर पहलू पर जांच की जा रही है। जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की जाएगी। दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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जिंदपट्टी बिसाना विकास खंड मुरसान के प्रधान दिगंबर सिंह ने पिछले दिनों सीएमओ से शिकायत की थी कि एक हजार की आबादी पर एक आशा नियुक्त होती है। ग्राम पंचायत गंभीर पट्टी की आबादी 2250 के लगभग है और जिंदपट्टी बिसाना की आबादी 1800 के लगभग है, जबकि दोनों तरफ दो-दो आशाएं पहले से ही नियुक्त हैं। जनसंख्या के आधार पर पांचवीं आशा नियुक्त हो नहीं सकती।
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जिंद पट्टी बिसाना की आशा कार्यकत्री गंभीरपट्टी बिसाना में कार्य कर रही है। न ही कोई नियुक्ति निकाली है और न ही प्रधान की कोई खुली मीटिंग हुई, जबकि प्रधान की संस्तुति जरूरी होती है। इस नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की गई थी। शिकायत मिलने पर सीएमओ द्वारा ग्राम प्रधान को बयानों के लिए दफ्तर में बुलाया गया, जहां उनके बयान हुए, जिसमें प्रधान ने कहा कि आशा की नियुक्ति के लिए उनके पैड का दुरुपयोग किया गया है और फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने इस नियुक्ति को निरस्त कराए जाने की मांग की। सीएमओ ने इस संबंध में मुरसान के सीएचसी प्रभारी को भी जांच के आदेश दिए हैं।
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सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह का कहना है कि मुरसान के सीएचसी प्रभारी और एसीएमओ डीके अग्रवाल को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता के बयान भी दर्ज करा लिए गए हैं। इर पहलू पर जांच की जा रही है। जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की जाएगी। दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।