फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Due to lack of oxygen, serious patients are not being treated in private hospitals

ऑक्सीजन की कमी से निजी अस्पतालों में नहीं हो पा रहा गंभीर मरीजों का इलाज

Fri, 30 Apr 2021 12:04 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Apr 2021 12:04 AM IST
विज्ञापन
Due to lack of oxygen, serious patients are not being treated in private hospitals
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
विज्ञापन

प्रशासन व चिकित्सा विभाग भले ही ऑक्सीजन की किल्लत न होने का दावा करे लेकिन स्थिति कुछ अलग ही है। ऑक्सीजन की किल्लत के चलते प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा। रोजाना गंभीर मरीजों को वहां से वापस भेजा जा रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी बंद है और कई नामचीन अस्पतालों ने भी ओपीडी बंद कर रखी है। कुछ नर्सिंग होम में मरीज देखे जा रहे हैं तो वहां ऑक्सीजन की किल्लत पैदा हो गई है। जिले के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामवीर सिंह का जलेसर रोड पर नर्सिंग होम है। उनका कहना है कि उनके नर्सिंग होम पर करीब दस दिन से ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन

ऐसे में रोजाना दस से 15 तक गंभीर मरीजों को यहां से उपचार के लिए बाहर भेज दिया जाता है। जब मरीज की हालत नाजुक हो तो उसे ऑक्सीजन की जरूरत होती है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों की ओपीडी को चालू किया जाना चाहिए, जिससे कि अन्य मरीजों का भी वहां उपचार हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

उनका कहना है कि कोरोना के अलावा और भी बीमारियां हैं, जिनसे मरीज जूझ रहा है। इनका ज्यादातर नर्सिंग होमों पर उपचार भी उपलब्ध है लेकिन जब ऑक्सीजन ही उपलब्ध नहीं होगी तो फिर आखिर इन बीमारियों का उपचार कैसे होगा। इसलिए प्राइवेट अस्पतालों, जोकि कोविड अस्पताल नहीं है, वहां भी ऑक्सीजन की उपलब्धता होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed