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Hathras News: 10 बजे तक नहीं आए चिकित्सक, मरीज हुए बेहाल

Thu, 09 May 2024 01:53 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Updated Thu, 09 May 2024 01:53 AM IST
सार

सीएचसी पर सुबह करीब 10 दस बजे तक मरीजों की संख्या 20 से ज्यादा हो गई। इस दौरान उपचार के लिए मुरसान से आईं मरीज शकुंतला की तबीयत बिगड़ गई। महिला अस्पताल के गेट पर ही लेट गई। यह देख आसपास बैठे मरीजों में खलबली मच गई। महिला को काफी देर बाद होश आया। इसी तरह अन्य कई मरीज भी चिकित्सकों के न आने पर निजी चिकित्सकों के यहां उपचार के लिए चले गए।

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Doctor did not come till 10 o'clock, patients became miserable
मुरसान सीएचसी पर उपचार के लिए इंतजार करते मरीज - फोटो : संवाद

विस्तार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। 8 मई की सुबह आठ बजे से ही सीएचसी पर मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया, लेकिन 10 बजे तक ओपीडी में चिकित्सक का अता-पता नहीं था। सुबह 10 बजे सीएचसी प्रभारी अस्पताल पहुंचे और मरीजों का उपचार शुरू किया। चिकित्सकों की लेटलतीफी से मरीजों और उनके तीमारदारों में नाराजगी दिखी।

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बदलते मौसम की वजह से स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ने लगी है, लेकिन डॉक्टर व स्टाफ न तो कभी समय से आते हैं और न ही सही से इलाज करते हैं। मुरसान सीएचसी पर तीन चिकित्सक और दो दंत चिकित्सकों की तैनाती है। 8 मई को सुबह करीब 10 बजे सीएचसी प्रभारी डॉक्टर चंद्रवीर सिंह पहुंच गए और परेशान मरीजों का उपचार शुरू किया, लेकिन तब तक ओपीडी व दंत चिकित्सक अस्पताल में नहीं आए।
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शासन की मुख्य योजना स्वास्थ्य है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते स्वास्थ्य केंद्र मुरसान में सभी व्यवस्था शासन की फेल साबित हो रही हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. मंजीत सिंह का कहना है कि डॉक्टर अस्पताल परिसर में ही रहते हैं। एक स्टाफ कुछ देर बाद ही अस्पताल में पहुंच गया था। सभी मरीजों को दवा दी जा रही है।-
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चिकित्सक के इंतजार में मरीज की बिगड़ी तबीयत
सीएचसी 8 मई को सुबह करीब 10 दस बजे तक मरीजों की संख्या 20 से ज्यादा हो गई। इस दौरान उपचार के लिए मुरसान से आईं मरीज शकुंतला की तबीयत बिगड़ गई। महिला अस्पताल के गेट पर ही लेट गई। यह देख आसपास बैठे मरीजों में खलबली मच गई। महिला को काफी देर बाद होश आया। इसी तरह अन्य कई मरीज भी चिकित्सकों के न आने पर निजी चिकित्सकों के यहां उपचार के लिए चले गए।

मैं करीब आठ किलोमीटर दूर गांव नगला बनारसी से दवा लेने के लिए सुबह आठ बजे आ गया था, लेकिन यहां दस बजे तब कोई चिकित्सक नहीं आया। मुझे खांसी के साथ अन्य बीमारी है।-गोपाल सिंह, नगला बनारसी।
मेरे शरीर में खुजली सहित अन्य परेशानी है। मैं गांव शीतला से दवा लेने के लिए ढाई घंटे से बैठा हूं, लेकिन सीएचसी पर दवा देने वाला कोई चिकित्सक नहीं है। यहां इंतजार करते हुए काफी परेशानी हो रही है।-हुब्बलाल
मैं करीब छह किलोमीटर दूर गांव गौजिया से दवा लेने आई हूं। मेरे पैर में परेशानी है। सुबह आठ बजे से यहां बैठी हूं, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिला है। अब गर्मी भी बढ़ती जा रही है। कुछ देर और इंतजार कर रही हूं। फिर बाजार से दवा लेकर चली जाऊंगी।-वैजयंती, गौजिया


मैं गर्मी के कारण बीमार हो गई हूं, इसलिये दवा लेने के लिए सुबह ठंडे-ठंडे में आई हूं। दो घंटे इंतजार के बाद भी कोई डॉक्टर नहीं मिला। यहां पर अब भीड़ बढ़ती जा रही है। इस अस्पताल में डॉक्टरों की यही स्थिति है।-अफसाना, मरीज

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