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Hathras News: बिना अनुमति के प्रचार सामग्री का न कराएं प्रकाशन
Tue, 19 Mar 2024 12:08 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 19 Mar 2024 12:08 AM IST
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लोकसभा चुनाव के चलते कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक लेते डीए
- फोटो : Samvad
लोकसभा चुनाव को लेकर जिलाधिकारी अर्चना वर्मा और पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय व राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सभी से स्पष्ट कहा गया कि बिना अनुमति के प्रचार सामग्री का प्रकाशन न कराएं।
डीएम ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वह चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करते हुए ही प्रचार-प्रसार व अन्य गतिविधियां चलाएं। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका टोल फ्री नंबर 1950 तथा टेलीफोन नंबर 05722-297083 है। यह 24 घंटे चालू रहेगा। इस नंबर पर कोई भी लोकसभा चुनाव के संबंध में अपनी शिकायत या सुझाव दे सकता है और कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रचार सामग्री के प्रकाशन से पूर्व जनपद स्तर पर गठित एमसीएमसी कमेटी के माध्यम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति के बिना प्रचार सामग्री का प्रकाशन एवं जन सामान्य में वितरण आदर्श अचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। शिकायत पाए जाने पर आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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धार्मिक स्थलों का प्रयोग करने पर होगी कार्रवाई
डीएम ने कहा कि ऐसा कोई कार्य न करें जो विभिन्न जातियों, धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढ़ाए या घृणा की भावना या तनाव पैदा करें। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों या पूजा स्थल का निर्वाचन प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जुलूस का आयोजन करने वाले दल या प्रत्याशी को पहले से ही यह तय कर लेना चाहिए कि जुलूस किस समय और किस स्थान से शुरू होगा, किस मार्ग से होकर जाएगा और किस समय और किस स्थान पर समाप्त होगा।
95 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी, नया खाता खोलना होगा
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन व्यय के लिए अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये निर्धारित की गई है। मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयोजन से धन, शराब या किसी अन्य वस्तु का वितरण दंडनीय अपराध होगा। सोशल मीडिया के माध्यम से किए गए प्रचार पर हुए व्यय को भी निर्वाचन व्यय में शामिल किया जाएगा। निर्वाचन व्यय के लिए अभ्यर्थी द्वारा अलग से निमित्त एक प्रथम बैंक खाता खोला जाएगा। पुराना खाता मान्य नहीं होगा। सभी निर्वाचन व्यय नए खाते से किए जाएंगे। दैनिक किए जाने वाले खर्च का लेखा-जोखा रिर्टनिंग ऑफिसर द्वारा दिए गए रजिस्टर पर किया जाएगा।
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डीएम ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वह चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करते हुए ही प्रचार-प्रसार व अन्य गतिविधियां चलाएं। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका टोल फ्री नंबर 1950 तथा टेलीफोन नंबर 05722-297083 है। यह 24 घंटे चालू रहेगा। इस नंबर पर कोई भी लोकसभा चुनाव के संबंध में अपनी शिकायत या सुझाव दे सकता है और कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
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उन्होंने कहा कि प्रचार सामग्री के प्रकाशन से पूर्व जनपद स्तर पर गठित एमसीएमसी कमेटी के माध्यम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति के बिना प्रचार सामग्री का प्रकाशन एवं जन सामान्य में वितरण आदर्श अचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। शिकायत पाए जाने पर आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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धार्मिक स्थलों का प्रयोग करने पर होगी कार्रवाई
डीएम ने कहा कि ऐसा कोई कार्य न करें जो विभिन्न जातियों, धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढ़ाए या घृणा की भावना या तनाव पैदा करें। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों या पूजा स्थल का निर्वाचन प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जुलूस का आयोजन करने वाले दल या प्रत्याशी को पहले से ही यह तय कर लेना चाहिए कि जुलूस किस समय और किस स्थान से शुरू होगा, किस मार्ग से होकर जाएगा और किस समय और किस स्थान पर समाप्त होगा।
95 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी, नया खाता खोलना होगा
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन व्यय के लिए अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये निर्धारित की गई है। मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयोजन से धन, शराब या किसी अन्य वस्तु का वितरण दंडनीय अपराध होगा। सोशल मीडिया के माध्यम से किए गए प्रचार पर हुए व्यय को भी निर्वाचन व्यय में शामिल किया जाएगा। निर्वाचन व्यय के लिए अभ्यर्थी द्वारा अलग से निमित्त एक प्रथम बैंक खाता खोला जाएगा। पुराना खाता मान्य नहीं होगा। सभी निर्वाचन व्यय नए खाते से किए जाएंगे। दैनिक किए जाने वाले खर्च का लेखा-जोखा रिर्टनिंग ऑफिसर द्वारा दिए गए रजिस्टर पर किया जाएगा।