Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Diwali with Dhanteras Puja

धनतेरस: आज पूजा के साथ होगा शुरू होगा दीपोत्सव, पांच दिनों तक छाया रहेगा त्योहारों का उल्लास, जलेंगे दीप

Fri, 06 Nov 2026 11:04 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Fri, 06 Nov 2026 11:04 AM IST
सार

धार्मिक व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन समुद्र मंथन से आयुर्वेद के जनक और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस कारण इस तिथि को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है।

विज्ञापन
Diwali with Dhanteras Puja
धनतेरस 2026 - फोटो : amar ujala

विस्तार

पांच दिवसीय दीपोत्सव का औपचारिक शुभारंभ शुक्रवार को धनतेरस की पूजा-अर्चना के साथ हो रहा है। इसके साथ ही अगले पांच दिनों तक जिलेभर में त्योहार का उल्लास छाया रहेगा।

विज्ञापन


धार्मिक व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन समुद्र मंथन से आयुर्वेद के जनक और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस कारण इस तिथि को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन आरोग्य के लिए भगवान धन्वंतरि, धन-समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी और देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर देव की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। संध्याकाल में अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के निमित्त चौमुखी दीप प्रज्ज्वलित करने की विशेष परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
विज्ञापन


पांच दिवसीय दीपोत्सव की प्रमुख तिथियां

  • धनतेरस 6 नवंबर : भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर जी की विशेष पूजा-अर्चना होगी। इस दिन धातु, सोना-चांदी, आभूषण, नए बर्तन और झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ व फलदायी माना जाता है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • नरक चतुर्दशी छोटी दिवाली 7 नवंबर : रूप चौदस व नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाएगा। शाम को यमराज के निमित्त दीपदान किया जाएगा और घर के प्रवेश द्वारों पर दीपक जलाए जाएंगे।
  • दीपावली महालक्ष्मी पूजन 8 नवंबर : प्रदोष व निशीथ काल में शुभ मुहूर्त में विघ्नहर्ता भगवान गणेश और धन की देवी मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन होगा।
  • गोवर्धन पूजा व अन्नकूट 10 नवंबर : भगवान श्रीकृष्ण और गिरिराज गोवर्धन पर्वत की पूजा होगी। घरों व मंदिरों में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर परिक्रमा की जाएगी और भगवान को छप्पन भोग और अन्नकूट का प्रसाद अर्पित होगा।
  • भाई दूज 11 नवंबर : भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। बहनें भाइयों के माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की मंगलकामना करेंगी।


धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
पंडित नीरज शर्मा के अनुसार धनतेरस के दिन प्रदोष काल और स्थिर लग्न में भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी का पूजन अत्यंत श्रेयस्कर माना जाता है। चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर जी और धन्वंतरि जी की प्रतिमा स्थापित करें। धूप, दीप, गंध, पुष्प, नैवेद्य और पंचामृत से पूजन कर धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ करें। प्रदोष बेला में घर के मुख्य द्वार पर अन्न की ढेरी पर तिल के तेल का चौमुखी यम दीपक जरूर जलाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed