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डिप्टी सीएम का दौरा रद्द, भाजपाई मायूस, सम्मेलन होगा
Mon, 21 Jan 2019 12:44 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Mon, 21 Jan 2019 12:44 AM IST
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चार जिलों के सेक्टर संयोजकों के सम्मेलन से पूर्व तैयारियों का जायजा लेतीं एडीएम और भाजपाई।
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस। राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का यहां आगमन रविवार की देर रात निरस्त हो गया। उन्हें यहां माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा के अलावा विकास कार्यों और कानून व्यवस्था से जुड़े मंडलीय अधिकारियों के साथ बैठक करनी थी और भाजपा के सेक्टर सम्मेलन में भी हिस्सा लेना था। कार्यक्रम रद होने से पिछले कई दिनों से डिप्टी सीएम की अगवानी की तैयारियों में जुटे भाजपाइयों के चेहरे पर मायूसी छा गई है, जबकि प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली है। डिप्टी सीएम का कार्यक्रम रद होने की वजह नहीं बताई गई है। इससे पूर्व भाजपाइयों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सम्मेलन स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया।
हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य का कहना है कि डिप्टी सीएम का कार्यक्रम बेशक रद हो गया है, लेकिन भाजपा का सेक्टर संयोजक सम्मेलन नियत स्थान पर यथावत होगा। उसमें पार्टी के वरिष्ठ प्रांतीय पदाधिकारी और नेता हिस्सा लेकर कार्यकर्ताआें का मार्गदर्शन करेंगे। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सेक्टर पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे। दरअसल, इस सम्मेलन का मुख्य मकसद यहां पार्टी के कार्यकर्ताओं से संवाद कर यह जानना है कि वह आखिर लोकसभा चुनाव में किस तरह का प्रत्याशी चाहते हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो विपक्षी गठबंधन के चलते पार्टी इस बार काफी सचेत है और वह ऐसे व्यक्ति को टिकट थमाना चाहती है, जिसे कार्यकर्ता भी पसंद करते हों।
सम्मेलन में एटा, हाथरस और अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्रों के चार जिलों के सेक्टर संयोजकों को भाग लेना है और तीनों जगहों से संभावित प्रत्याशियों के बारे में कार्यकर्ताओं से फीड बैक लिया जाना है। माना यह भी जा रहा था कि टिकट के दावेदार भी डिप्टी सीएम के सामने अपनी दावेदारी प्रस्तुत करेंगे, लेकिन उनका दौरा रद होने से इसकी संभावना तो फिलहाल नहीं दिख रही। गौरतलब है कि हाल में ही सपा-बसपा के गठबंधन को लेकर भाजपा बेहद सचेत है और वह प्रत्याशी चयन में काफी एहतियात बरत रही है। चुनाव से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के बीच जा रहे हैं और वह टोह ले रहे हैं कि आखिर वर्तमान सांसद की लोकप्रियता की क्या स्थिति है। कार्यकर्ताओं की कसौटी पर वह खरा उतरा है या नहीं।
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इसी क्रम में सोमवार को यहां भाजपा का सेक्टर संयोजक सम्मेलन रखा गया है। यह सम्मेलन अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों के सेक्टरों के संयोजकों व भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों का होगा। सम्मेलन में आने वाले वरिष्ठ नेता यह देखेंगे कि तीनों सीटों पर कार्यकर्ताओं की नजर में उनके सांसद की स्थिति कैसी है। टिकट में बदलाव की जरुरत तो नहीं है। यदि है तो आखिर कार्यकर्ता किस तरह का प्रत्याशी चाहते हैं, जिसे विजयी बनाने में कार्यकर्ता पूरी तरह से जुटे रहें और वह जनता में भी लोकप्रिय हो। माना यह जा रहा है कि इसी बिंदुओं पर वरिष्ठ नेता समीक्षा करेंगे और उसके बाद आलाकमान को अपनी रिपोर्ट देंगे।
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हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य का कहना है कि डिप्टी सीएम का कार्यक्रम बेशक रद हो गया है, लेकिन भाजपा का सेक्टर संयोजक सम्मेलन नियत स्थान पर यथावत होगा। उसमें पार्टी के वरिष्ठ प्रांतीय पदाधिकारी और नेता हिस्सा लेकर कार्यकर्ताआें का मार्गदर्शन करेंगे। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सेक्टर पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे। दरअसल, इस सम्मेलन का मुख्य मकसद यहां पार्टी के कार्यकर्ताओं से संवाद कर यह जानना है कि वह आखिर लोकसभा चुनाव में किस तरह का प्रत्याशी चाहते हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो विपक्षी गठबंधन के चलते पार्टी इस बार काफी सचेत है और वह ऐसे व्यक्ति को टिकट थमाना चाहती है, जिसे कार्यकर्ता भी पसंद करते हों।
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सम्मेलन में एटा, हाथरस और अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्रों के चार जिलों के सेक्टर संयोजकों को भाग लेना है और तीनों जगहों से संभावित प्रत्याशियों के बारे में कार्यकर्ताओं से फीड बैक लिया जाना है। माना यह भी जा रहा था कि टिकट के दावेदार भी डिप्टी सीएम के सामने अपनी दावेदारी प्रस्तुत करेंगे, लेकिन उनका दौरा रद होने से इसकी संभावना तो फिलहाल नहीं दिख रही। गौरतलब है कि हाल में ही सपा-बसपा के गठबंधन को लेकर भाजपा बेहद सचेत है और वह प्रत्याशी चयन में काफी एहतियात बरत रही है। चुनाव से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के बीच जा रहे हैं और वह टोह ले रहे हैं कि आखिर वर्तमान सांसद की लोकप्रियता की क्या स्थिति है। कार्यकर्ताओं की कसौटी पर वह खरा उतरा है या नहीं।
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इसी क्रम में सोमवार को यहां भाजपा का सेक्टर संयोजक सम्मेलन रखा गया है। यह सम्मेलन अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों के सेक्टरों के संयोजकों व भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों का होगा। सम्मेलन में आने वाले वरिष्ठ नेता यह देखेंगे कि तीनों सीटों पर कार्यकर्ताओं की नजर में उनके सांसद की स्थिति कैसी है। टिकट में बदलाव की जरुरत तो नहीं है। यदि है तो आखिर कार्यकर्ता किस तरह का प्रत्याशी चाहते हैं, जिसे विजयी बनाने में कार्यकर्ता पूरी तरह से जुटे रहें और वह जनता में भी लोकप्रिय हो। माना यह जा रहा है कि इसी बिंदुओं पर वरिष्ठ नेता समीक्षा करेंगे और उसके बाद आलाकमान को अपनी रिपोर्ट देंगे।