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विभाग को नहीं मिले ग्रामीण क्षेत्र में पीएम आवास के पात्र लाभार्थी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ब्यूरो
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास के लाभार्थी नहीं मिल सके। इस कारण विभागीय अधिकारियों ने 87 आवासों को शासन को सरेंडर कर दिया है। वहीं दूसरी ओर पीएम आवास योजना में लाभ लेने के लिए ग्रामीण ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं।
शासन की ओर से जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को इस वित्तीय वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में 145 पीएम आवासों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए विभाग की ओर से आवेदक से आवेदन लिए गए और इन आवेदनकर्ताओं का सत्यापन कराया गया तो इनमें से ज्यादातर आवेदकों को अपात्र मानते हुए रिजेक्ट कर दिया गया। विभाग को पीएम आवास योजना के लिए मात्र 58 पात्र लाभार्थी ही मिल सके। इन पात्र लाभार्थियों के खाते में आवास निर्माण की किश्त भेज दी गई है। पीडी अश्वनी कुमार मिश्र ने बताया कि सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के अनुसार ही पात्रों का चयन किया जाना था। इस मानक पर खरे उतरने वाले लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया है।
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जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास के लाभार्थी नहीं मिल सके। इस कारण विभागीय अधिकारियों ने 87 आवासों को शासन को सरेंडर कर दिया है। वहीं दूसरी ओर पीएम आवास योजना में लाभ लेने के लिए ग्रामीण ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं।
शासन की ओर से जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को इस वित्तीय वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में 145 पीएम आवासों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए विभाग की ओर से आवेदक से आवेदन लिए गए और इन आवेदनकर्ताओं का सत्यापन कराया गया तो इनमें से ज्यादातर आवेदकों को अपात्र मानते हुए रिजेक्ट कर दिया गया। विभाग को पीएम आवास योजना के लिए मात्र 58 पात्र लाभार्थी ही मिल सके। इन पात्र लाभार्थियों के खाते में आवास निर्माण की किश्त भेज दी गई है। पीडी अश्वनी कुमार मिश्र ने बताया कि सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के अनुसार ही पात्रों का चयन किया जाना था। इस मानक पर खरे उतरने वाले लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया है।
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