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तहेरे भाई ने की थी छात्रा की हत्या
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2016 12:26 AM IST
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निशू की हत्या में पकड़े गए आरोपी पुलिस हिरासत में।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। लेबर कॉलोनी में आठ जून की रात को छात्रा की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा हाथरस गेट पुलिस ने किया है। पुलिस के मुताबिक छात्रा के ताऊ के बेटे विनय और उसके पड़ोसी अभिषेक दुबे ने इस वारदात को को अंजाम दिया। आरोपी विनय की अपनी ही बहन पर बुरी नजर थी। वह उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना चाहता था। वह कई बार इसकी कोशिश भी कर चुका था।
अभिषेक दुबे को उसने बहन के साथ शारीरिक रिश्ता बनवाने का लालच दिया था। आठ जून की रात को दोनाें ने पहले शराब पी और बाद में घर पर अकेली बहन को धमकाकर घर का दरवाजा खुलवाया। इसके बाद दोनों ने उससे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। बहन के विरोध करने पर बात खुलने के डर से पहले विनय ने उसके साथ मारपीट की और फिर गला दबाया। इस पर भी जब उसकी मौत नहीं हुई तो अभिषेक ने छात्रा का गला दबा दिया। एसपी के मुताबिक छात्रा की मां की तहरीर पर विनय पुत्र उदयभान शर्मा निवासी लेबर कॉलोनी, हाथरस गेट और अभिषेक दुबे पुत्र उमाचरण दुबे निवासी लेबर कॉलोनी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों ही आरोपियाें को भेज दिया गया है।
सीसीटीवी में कैद हुई आरोपी की तस्वीर
अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता में एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए बताया कि हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने इसे आत्महत्या दर्शाने के लिए घर में रखे कनस्तर को पास रखा और एक चादर से शव के गले में फंदा लगाकर इसे पंखे से लटकाने की कोशिश की। इसमें सफल न होने पर आरोपी शव को वहीं रखकर भाग निकले। एसपी ने बताया कि पुलिस ने उस दुकानदार के बयान भी दर्ज किए हैं जिससे दोनों ने शराब पीने के लिए गिलास लिए थे। वारदात के कुछ समय बाद अभिषेक की तस्वीरें लेबर कॉलोनी के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं।
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नीशू की पर्सनल डायरी ने उगले राज
एसपी ने बताया कि इस मामले छात्रा की डायरी से पुलिस को अहम सुराग मिले थे। इसमें छात्रा ने अपने स्वर्गीय पिता से काल्पनिक वार्तालाप में हर रोज की आपबीती को लिखा है। इसमें मां-भाई के बदलते व्यवहार के अलावा संपत्ति के लिए आपसी विवाद और विनय के मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने का भी जिक्र किया गया है।
11 जून को था बर्थ-डे
इस मामले में छात्रा के प्रेमी से भी पूछताछ की गई थी। उसने बताया था कि उसका 11 जून का बर्थ-डे था और नौ जून को दोनों सेलीब्रेट करने वाले थे। इससे पहले ही छात्रा की हत्या हो गई।
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विनय के परिजनों ने बनाया दबाव
एसपी ने बताया कि हत्या के बाद परिजन इसे आत्महत्या बता रहे थे। युवती के चाचा और ताऊ पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। छात्रा की मां पर भी शिकायत न करने का काफी दबाव बनाया गया था। विनय के परिजनों के अलावा रिश्तेदारों ने भी यह दबाव बनाया था। कुछ रिश्तेदारों का कहना था कि उन्हें विनय से जान का खतरा भी है।
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पुलिस पार्टी की तारीफ की
हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में एसओ हाथरस गेट केपी सिंह, एसआई उमेश कुमार, एसआई मोहित राणा, सिपाही पंकज सिंह, जितेंद्र कुमार और चालक राकेश कुमार का योगदान रहा। एसपी ने तीन दिन के अंदर हत्याकांड का खुलासा किए जाने पर पुलिस टीम की तारीफ की है।
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खुलासे पर उठ रहे सवाल
पुलिस के तीन दिन के अंदर हत्याकांड का खुलासा किए जाने पर विनय के परिजन और लेबर कॉलोनी के कुछ लोग सवाल खड़ा कर रहे हैं। इनका कहना है कि पुलिस ने जल्दबाजी में यह खुलासा किया है। असल आरोपियों को पकड़ने की जगह पुलिस छात्रा की डायरी में लिखे पारिवारिक झगड़े को आधार बनाकर गलत लोगों को जेल भेज रही है। सपा नेता अजय शर्मा, विनय के पिता उदयभान और अभिषेक की मां पूनम दुबे का कहना है कि दोनों ही आरोपी निर्दोष हैं। पुलिस इन्हें झूठा फंसा रही है। सतेंद्र हत्याकांड की तरह पुलिस ने जल्दबाजी में युवकों को आरोपी बनाया है। इस हत्याकांड की विवेचना में पुलिस ने एक नामजद का नाम हटाया था और इसे अपनी गलती माना था। परिजनाें ने फर्जी घटना के खुलासे की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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अभिषेक दुबे को उसने बहन के साथ शारीरिक रिश्ता बनवाने का लालच दिया था। आठ जून की रात को दोनाें ने पहले शराब पी और बाद में घर पर अकेली बहन को धमकाकर घर का दरवाजा खुलवाया। इसके बाद दोनों ने उससे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। बहन के विरोध करने पर बात खुलने के डर से पहले विनय ने उसके साथ मारपीट की और फिर गला दबाया। इस पर भी जब उसकी मौत नहीं हुई तो अभिषेक ने छात्रा का गला दबा दिया। एसपी के मुताबिक छात्रा की मां की तहरीर पर विनय पुत्र उदयभान शर्मा निवासी लेबर कॉलोनी, हाथरस गेट और अभिषेक दुबे पुत्र उमाचरण दुबे निवासी लेबर कॉलोनी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों ही आरोपियाें को भेज दिया गया है।
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सीसीटीवी में कैद हुई आरोपी की तस्वीर
अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता में एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए बताया कि हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने इसे आत्महत्या दर्शाने के लिए घर में रखे कनस्तर को पास रखा और एक चादर से शव के गले में फंदा लगाकर इसे पंखे से लटकाने की कोशिश की। इसमें सफल न होने पर आरोपी शव को वहीं रखकर भाग निकले। एसपी ने बताया कि पुलिस ने उस दुकानदार के बयान भी दर्ज किए हैं जिससे दोनों ने शराब पीने के लिए गिलास लिए थे। वारदात के कुछ समय बाद अभिषेक की तस्वीरें लेबर कॉलोनी के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं।
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नीशू की पर्सनल डायरी ने उगले राज
एसपी ने बताया कि इस मामले छात्रा की डायरी से पुलिस को अहम सुराग मिले थे। इसमें छात्रा ने अपने स्वर्गीय पिता से काल्पनिक वार्तालाप में हर रोज की आपबीती को लिखा है। इसमें मां-भाई के बदलते व्यवहार के अलावा संपत्ति के लिए आपसी विवाद और विनय के मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने का भी जिक्र किया गया है।
11 जून को था बर्थ-डे
इस मामले में छात्रा के प्रेमी से भी पूछताछ की गई थी। उसने बताया था कि उसका 11 जून का बर्थ-डे था और नौ जून को दोनों सेलीब्रेट करने वाले थे। इससे पहले ही छात्रा की हत्या हो गई।
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विनय के परिजनों ने बनाया दबाव
एसपी ने बताया कि हत्या के बाद परिजन इसे आत्महत्या बता रहे थे। युवती के चाचा और ताऊ पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। छात्रा की मां पर भी शिकायत न करने का काफी दबाव बनाया गया था। विनय के परिजनों के अलावा रिश्तेदारों ने भी यह दबाव बनाया था। कुछ रिश्तेदारों का कहना था कि उन्हें विनय से जान का खतरा भी है।
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पुलिस पार्टी की तारीफ की
हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में एसओ हाथरस गेट केपी सिंह, एसआई उमेश कुमार, एसआई मोहित राणा, सिपाही पंकज सिंह, जितेंद्र कुमार और चालक राकेश कुमार का योगदान रहा। एसपी ने तीन दिन के अंदर हत्याकांड का खुलासा किए जाने पर पुलिस टीम की तारीफ की है।
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खुलासे पर उठ रहे सवाल
पुलिस के तीन दिन के अंदर हत्याकांड का खुलासा किए जाने पर विनय के परिजन और लेबर कॉलोनी के कुछ लोग सवाल खड़ा कर रहे हैं। इनका कहना है कि पुलिस ने जल्दबाजी में यह खुलासा किया है। असल आरोपियों को पकड़ने की जगह पुलिस छात्रा की डायरी में लिखे पारिवारिक झगड़े को आधार बनाकर गलत लोगों को जेल भेज रही है। सपा नेता अजय शर्मा, विनय के पिता उदयभान और अभिषेक की मां पूनम दुबे का कहना है कि दोनों ही आरोपी निर्दोष हैं। पुलिस इन्हें झूठा फंसा रही है। सतेंद्र हत्याकांड की तरह पुलिस ने जल्दबाजी में युवकों को आरोपी बनाया है। इस हत्याकांड की विवेचना में पुलिस ने एक नामजद का नाम हटाया था और इसे अपनी गलती माना था। परिजनाें ने फर्जी घटना के खुलासे की निष्पक्ष जांच की मांग की है।