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गिरवी रखे घर को छुड़ाने के लिए रची थी साजिश
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 31 May 2016 11:46 PM IST
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जूता व्यापारी से हुई लूट में पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। गौशाला रोड पर जूता व्यापारी शिवशंकर गुप्ता के साथ 24 मई की शाम को हुई लूट के मुख्य सूत्रधार समेत दो आरोपी पुलिस ने पकड़ लिए हैं। पुलिस के मुताबिक नयाबांस का लकी उर्फ गौरव पुत्र रामगोपाल लूट का मुख्य सूत्रधार था। अपने गिरवी रखे मकान को छुड़ाने के लिए उसने लूट कराने की साजिश रची थी। लूट के लिए उसने एक नहीं, बल्कि दो गैंगों से संपर्क किया था। कोतवाली पुलिस ने एक गैंग के सरगना हरेंद्र पुत्र थान सिंह निवासी नगरिया नंदराम को भी मंगलवार को गौशाला रोड से दबोच लिया है।
इससे पहले हाथरस जंक्शन में 28 मई को हुई मुठभेड़ में पुलिस ने प्रताप गैंग के चार बदमाश दबोचे थे। इस मुठभेड़ में एक बदमाश पुष्पेंद्र के पैर में गोली भी लगी थी और एसओ हाथरस जंक्शन और एक सिपाही भी घायल हो गया था। पुलिस ने लूटी गई रकम के 30 हजार रुपये भी शातिर बदमाशों से बरामद कर लिए थे।
अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता में एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि शिवशंकर गुप्ता के अलावा भूरापीर के दो और व्यापारियों से लूट की साजिश रची गई थी। लकी ने गैंग के सदस्यों को बताया था कि एक व्यापारी शनिवार और एक रविवार को तगादा कर लौटता है। लकी को यह भी मालूम था कि मंगलवार को तगादे के बाद इकट्ठे कैश को व्यापारी शिवशंकर गुप्ता थैले में अपने घर ले जाते हैं। लकी ने दोनों गैंगों से संपर्क कर इसकी मुखबिरी की। 15 दिन लकी बदमाशों के संपर्क में रहा। 24 मई को दोनों ही गैंग लूट करने पहुंचे, लेकिन प्रताप गैंग लूट में कामयाब रहा। हरेंद्र गैंग के शातिर भी लूट की फिराक में थे, लेकिन लूट होने के बाद खाली हाथ लौट गए। इन गैंगों के बाकी आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। एसपी ने बताया कि लकी के परिचित कपिल को पुलिस ने उठाया था, जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
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अपहरण कराने का भी है आरोप
एसपी ने बताया कि पहले मुठभेड़ में पकड़े गए पुष्पेंद्र और उसके साथियों पर अलीगढ़ में कई साल पहले फिरौती के लिए अपहरण कराने का भी आरोप है। इस मामले में जांच-पड़ताल के बाद शातिर बदमाशों की क्राइम हिस्ट्री पता चल रही है, जो बेहद चौंकाने वाली है।
चार जिलों में करते हैं वारदात
एसपी ने बताया कि जिले में अभी कुछ और गैंग सक्रिय हैं, जो चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सभी गैंग ज्यादातर अलीगढ़, आगरा, कासगंज और हाथरस में ही वारदात कर रहे हैं। इनमें से एक गैंग के कुछ लोगों पर पुलिस की नजर है। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर शहर में हुई चोरियों का खुलासा किया जाएगा।
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इससे पहले हाथरस जंक्शन में 28 मई को हुई मुठभेड़ में पुलिस ने प्रताप गैंग के चार बदमाश दबोचे थे। इस मुठभेड़ में एक बदमाश पुष्पेंद्र के पैर में गोली भी लगी थी और एसओ हाथरस जंक्शन और एक सिपाही भी घायल हो गया था। पुलिस ने लूटी गई रकम के 30 हजार रुपये भी शातिर बदमाशों से बरामद कर लिए थे।
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अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता में एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि शिवशंकर गुप्ता के अलावा भूरापीर के दो और व्यापारियों से लूट की साजिश रची गई थी। लकी ने गैंग के सदस्यों को बताया था कि एक व्यापारी शनिवार और एक रविवार को तगादा कर लौटता है। लकी को यह भी मालूम था कि मंगलवार को तगादे के बाद इकट्ठे कैश को व्यापारी शिवशंकर गुप्ता थैले में अपने घर ले जाते हैं। लकी ने दोनों गैंगों से संपर्क कर इसकी मुखबिरी की। 15 दिन लकी बदमाशों के संपर्क में रहा। 24 मई को दोनों ही गैंग लूट करने पहुंचे, लेकिन प्रताप गैंग लूट में कामयाब रहा। हरेंद्र गैंग के शातिर भी लूट की फिराक में थे, लेकिन लूट होने के बाद खाली हाथ लौट गए। इन गैंगों के बाकी आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। एसपी ने बताया कि लकी के परिचित कपिल को पुलिस ने उठाया था, जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
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अपहरण कराने का भी है आरोप
एसपी ने बताया कि पहले मुठभेड़ में पकड़े गए पुष्पेंद्र और उसके साथियों पर अलीगढ़ में कई साल पहले फिरौती के लिए अपहरण कराने का भी आरोप है। इस मामले में जांच-पड़ताल के बाद शातिर बदमाशों की क्राइम हिस्ट्री पता चल रही है, जो बेहद चौंकाने वाली है।
चार जिलों में करते हैं वारदात
एसपी ने बताया कि जिले में अभी कुछ और गैंग सक्रिय हैं, जो चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सभी गैंग ज्यादातर अलीगढ़, आगरा, कासगंज और हाथरस में ही वारदात कर रहे हैं। इनमें से एक गैंग के कुछ लोगों पर पुलिस की नजर है। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर शहर में हुई चोरियों का खुलासा किया जाएगा।