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मंदिर की संपत्ति को कब्जाने के लिए दर्ज किया था मुकदमा

Fri, 11 Aug 2017 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस। Updated Fri, 11 Aug 2017 11:12 PM IST
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The lawsuit was filed for grabbing the property of the temple.
court
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने शहर की गली सीकनापान स्थित घेरेश्वर महादेव पर कब्जे के मामले में महत्वपूर्ण फैसला दिया है। न्यायालय ने घेरेश्वर महादेव बनाम सत्यवती निवासी गली सीकनापान के मामले में निर्णय देते हुए कहा है कि भू-माफिया लोगों द्वारा संपत्ति को हड़पने के लिए भगवान भोलेनाथ का सहारा लेकर यह मुकदमा अनावश्यक रूप से दायर किया गया है। संपत्ति के मूल मालिक वैकुंठनाथ चौबे को पक्षकार तक नहीं बनाया है। न्यायालय ने इस संपत्ति के कथित विक्रय अभिलेखों को भी शून्य कर दिया है और इस वाद को खंडित करते हुए वादियों पर एक लाख रुपये का हर्जाना भी लगाया है।
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इस मामले में न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि घेरेश्वर महादेव जी का प्राचीन हनुमान मंदिर और आम कुआं तिदरी का निर्माण जनसाधारण के लाभार्थ 1908 में कराया गया था। सभी श्रद्धालुजन और आम लोग इस मंदिर पर पूजा करते आ रहे हैं। मंदिर के समीप कुआं है, जिसमें मोहल्ले के लोग नहाने-धोने और पीने के लिए पानी लेते है। मंदिर की व्यवस्था सार्वजनिक सहयोग से की जाती है। विरोधी एक ही परिवार के लोग हैं। इन्होंने संपत्ति के कुछ को 31 मई 1977 को क्रय करना बताया और उस पर अपना अधिकार जताते हुए मंदिर को तोड़फोड़ कर मकान बनाने के लिए एकराय होकर प्रयास कर रहे हैं। न्यायालय ने इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुनाया है। 
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न्यायालय ने मंदिर के पुजारी को भी निर्देशित किया है कि वह मंदिर में सिर्फ पूजा और दर्शनार्थ ही जा सकते हैं। उनके द्वारा प्रस्तुत छदम प्रशासनिक योजना प्रारूप किसी भी परिस्थिति में स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है, क्योंकि यह सारे लोग व्यापारी व उनके कारिंदे हैं, जो भगवान भोलेनाथ की संपत्ति को हड़पने के लिए एकत्रित हुए हैं। अत: छदम प्रारूप 72सी खंडित किया जाता है। इनके द्वारा बनाई गई कोई भी समिति न तो न्यायालय को और न ही किसी अन्य व्यक्ति को मान्य हो सकती है, क्योंकि वादीगण का विवादित संपत्ति में कोई स्वामित्व नहीं है। कोई सामर्थ्य नहीं हैं। यह वाद भी योजित किए जाने का कोई औचित्य नहीं था। समाज के सफेदपोश भूमाफिया लोगों द्वारा संपत्ति को हड़पने के लिए भगवान भोलेनाथ का सहारा लेकर यह मुकदमा अनावश्यक रूप से दायर किया गया है।
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