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रेप के इरादे से पड़ोसी युवक ने अगवा की थी बच्ची
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:13 AM IST
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आरोपी विनोद।
- फोटो : Amar Ujala
हाथरस। सादाबाद के एक मोहल्ले में शुक्रवार को बंद बोरे में मिली आठ वर्षीय बच्ची की लाश के मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पड़ोसी विनोद (35) पुत्र सत्यप्रकाश दुष्कर्म करने के इरादे से गुरुवार सुबह बच्ची को गली से अगवा कर अपने घर ले गया था। अपनी हैवानियत को छिपाने के लिए आरोपी ने गला दबाकर बच्ची को मारने की कोशिश की, जिससे वह बेहोश हो गई।
आरोपी ने उसको बोरे में रखकर ऊपर से तेजाब डाल दिया। बुरी तरह झुलसने से बच्ची की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था कि नहीं।
शनिवार को एएसपी अरविंद कुमार ने पत्रकारों को बताया कि बच्ची का शव बरामद होने के बाद उसके पिता ने पड़ोसी विनोद पर शक जताया। जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया। विनोद ने बताया कि अगवा करने के बाद उसका दुष्कर्म का इरादा बदल गया। लेकिन भेद खुल जाने के भय से उसने बच्ची का गला दबा दिया।
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इसके बाद उसको बोरे में बंद कर बैटरी से तेजाब निकालकर ऊपर से डाल दिया। आरोपी ने शव वाले बोरे को पड़ोस में रहने वाली अपनी रिश्ते की मौसी सुशीला पत्नी वेदप्रकाश के मकान की छत पर रख दिया। सुशीला और बच्ची के पिता के बीच दुकान का विवाद चल रहा है। विनोद ने सोचा कि सुशीला की छत पर शव मिलने से लोग उस पर शक करेंगे और वह बच जाएगा।
एएसपी ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम के बाद स्लाइड तैयार की गई है। इसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं। आरोपी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस दौरान सीओ सादाबाद योगेश कुमार और एसएचओ केपी सिंह भी मौजूद रहे।
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आरोपी ने उसको बोरे में रखकर ऊपर से तेजाब डाल दिया। बुरी तरह झुलसने से बच्ची की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था कि नहीं।
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शनिवार को एएसपी अरविंद कुमार ने पत्रकारों को बताया कि बच्ची का शव बरामद होने के बाद उसके पिता ने पड़ोसी विनोद पर शक जताया। जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया। विनोद ने बताया कि अगवा करने के बाद उसका दुष्कर्म का इरादा बदल गया। लेकिन भेद खुल जाने के भय से उसने बच्ची का गला दबा दिया।
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इसके बाद उसको बोरे में बंद कर बैटरी से तेजाब निकालकर ऊपर से डाल दिया। आरोपी ने शव वाले बोरे को पड़ोस में रहने वाली अपनी रिश्ते की मौसी सुशीला पत्नी वेदप्रकाश के मकान की छत पर रख दिया। सुशीला और बच्ची के पिता के बीच दुकान का विवाद चल रहा है। विनोद ने सोचा कि सुशीला की छत पर शव मिलने से लोग उस पर शक करेंगे और वह बच जाएगा।
एएसपी ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम के बाद स्लाइड तैयार की गई है। इसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं। आरोपी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस दौरान सीओ सादाबाद योगेश कुमार और एसएचओ केपी सिंह भी मौजूद रहे।