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सुलगा सिंकदराराऊ : दो समुदायों में पथराव-फायरिंग
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2016 12:21 AM IST
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मामूली कहासुनी के बाद उग्र हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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सिकंदराराऊ (हाथरस)। मामूली कहासुनी पर कस्बा सिकंदराराऊ रविवार की रात को सुलग उठा। वाल्मीकि समाज के व्यक्ति से हुई कहासुनी के बाद दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। मोहल्ला बारहसैनी और शाहबुद्दीन गंज में जमकर पथराव हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस भी पथराव का शिकार बनी, जिससे इलाके में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। पथराव में एक होमगार्ड समेत कुल तीन लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।
हालात काबू करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। आंसू गैस के गोले छोड़े गए और रबर बुलेट का भी इस्तेमाल करना पड़ा। तीन बार पुलिस ने पथराव कर रही भीड़ को वहां से खदेड़ा, लेकिन हर बार लोग इकट्ठे होकर आए और पथराव किया। देर रात चेयरमैन पति इकराम कुरैशी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे।
देर रात तक कस्बे में जगह-जगह काफी भीड़ जमा थी और धार्मिक नारेबाजी चल रही थी। कोतवाली प्रभारी राजेश्वर त्यागी अपने थाने की फोर्स के साथ ही हालात को काबू करने की कोशिश में जुटे थे। पुलिस की तरफ से करीब छह राउंड हवाई फायरिंग होने की जानकारी है। काफी देर बाद एएसपी राममूरत यादव कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ वहां पहुंच गए। जबर्दस्त तनाव को देखते हुए आसपास के जिलों के थानों की फोर्स को भी बुलावा भेज दिया गया था।
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बताते हैं कि रविवार को रात करीब साढ़े सात बजे कस्बे के बारहसैनी मोहल्ले में वाल्मीकि समाज के लोगों की कुछ मुस्लिम युवकों से किसी बात पर कहासुनी हो गई। बताते हैं कि इसके बाद एक पक्ष के लोग तो चुपचाप वहां से चले गए, जबकि दूसरे समुदाय के काफी लोग इकट्ठे होकर वहां पहुंच गए। आरोप है कि इन लोगों ने वहां कुछ घरों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे इन घरों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। सूचना पर कोतवाली निरीक्षक राजेश्वर प्रसाद त्यागी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारी वहां कुछ लोगों से बात ही कर रहे थे कि तभी मोहल्ला नौखले की तरफ से काफी लोग इकट्ठे होकर आए और पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव से पुलिस कर्मियों में भी भगदड़ मच गई। पथराव में एक होमगार्ड सुभाष भी घायल हो गया। स्थिति काबू करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग कर दी, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई, लेकिन कुछ देर बाद फिर काफी लोग इकट्ठे होकर आए और दोबारा पथराव शुरू कर दिया। इस बार पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े, जिससे भीड़ फिर तितर-बितर हो गई। इस बार दूसरे समुदाय के लोग भी मैदान में उतर आए और पथराव शुरू कर दिया।
स्थिति बेकाबू होते देख तुरंत कोतवाल ने इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। इस बार पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए रबर बुलेट का प्रयोग करना पड़ा। रबर बुलेट चलते ही भीड़ फिर भाग खड़ी हुई। इस बीच सूचना मिलने पर चेयरमैन पति इकराम कुरैशी और अन्य नेता वहां पहुंच गए और लोगों को समझाकर मामला शांत कराने की कोशिश करने लगे। इन नेताओं ने बड़ी मुश्किल से लोगों को घर भेजा। पथराव में गीता की पुत्री और रवि नाम के एक युवक के भी घायल होने की जानकारी मिली है। दूसरे पक्ष के घायलों के नाम खबर लिखने तक पता नहीं चल सके थे।
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हालात काबू करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। आंसू गैस के गोले छोड़े गए और रबर बुलेट का भी इस्तेमाल करना पड़ा। तीन बार पुलिस ने पथराव कर रही भीड़ को वहां से खदेड़ा, लेकिन हर बार लोग इकट्ठे होकर आए और पथराव किया। देर रात चेयरमैन पति इकराम कुरैशी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे।
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देर रात तक कस्बे में जगह-जगह काफी भीड़ जमा थी और धार्मिक नारेबाजी चल रही थी। कोतवाली प्रभारी राजेश्वर त्यागी अपने थाने की फोर्स के साथ ही हालात को काबू करने की कोशिश में जुटे थे। पुलिस की तरफ से करीब छह राउंड हवाई फायरिंग होने की जानकारी है। काफी देर बाद एएसपी राममूरत यादव कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ वहां पहुंच गए। जबर्दस्त तनाव को देखते हुए आसपास के जिलों के थानों की फोर्स को भी बुलावा भेज दिया गया था।
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बताते हैं कि रविवार को रात करीब साढ़े सात बजे कस्बे के बारहसैनी मोहल्ले में वाल्मीकि समाज के लोगों की कुछ मुस्लिम युवकों से किसी बात पर कहासुनी हो गई। बताते हैं कि इसके बाद एक पक्ष के लोग तो चुपचाप वहां से चले गए, जबकि दूसरे समुदाय के काफी लोग इकट्ठे होकर वहां पहुंच गए। आरोप है कि इन लोगों ने वहां कुछ घरों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे इन घरों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। सूचना पर कोतवाली निरीक्षक राजेश्वर प्रसाद त्यागी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारी वहां कुछ लोगों से बात ही कर रहे थे कि तभी मोहल्ला नौखले की तरफ से काफी लोग इकट्ठे होकर आए और पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव से पुलिस कर्मियों में भी भगदड़ मच गई। पथराव में एक होमगार्ड सुभाष भी घायल हो गया। स्थिति काबू करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग कर दी, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई, लेकिन कुछ देर बाद फिर काफी लोग इकट्ठे होकर आए और दोबारा पथराव शुरू कर दिया। इस बार पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े, जिससे भीड़ फिर तितर-बितर हो गई। इस बार दूसरे समुदाय के लोग भी मैदान में उतर आए और पथराव शुरू कर दिया।
स्थिति बेकाबू होते देख तुरंत कोतवाल ने इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। इस बार पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए रबर बुलेट का प्रयोग करना पड़ा। रबर बुलेट चलते ही भीड़ फिर भाग खड़ी हुई। इस बीच सूचना मिलने पर चेयरमैन पति इकराम कुरैशी और अन्य नेता वहां पहुंच गए और लोगों को समझाकर मामला शांत कराने की कोशिश करने लगे। इन नेताओं ने बड़ी मुश्किल से लोगों को घर भेजा। पथराव में गीता की पुत्री और रवि नाम के एक युवक के भी घायल होने की जानकारी मिली है। दूसरे पक्ष के घायलों के नाम खबर लिखने तक पता नहीं चल सके थे।