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हत्या में एक आरोपी को उम्रकैद की सजा
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:52 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ राजकुमार बंसल के न्यायालय ने हत्या के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को उम्रकैद और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतने के आदेश न्यायालय ने दिए हैं। अर्थदंड की 70 प्रतिशत धनराशि मृतक की विधवा को देने के आदेश दिए हैं।
कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस को एक तहरीर चंदन सिंह निवासी बोझिया ने दी थी। इसमें उसने आरोप लगाए कि वर्ष 2003 में उसके गांव के उदयवीर पुत्र चक्खन सिंह ने अन्य लोगों से मिलकर उसके भाई धारा सिंह की हत्या करा दी थी, जिसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। उस मुकदमे में उसके भाई रामवीर की गवाही होने थी। 25 फरवरी 2008 को उसका भाई रामवीर (30 वर्ष) जो दूध का काम करता था। वह सुबह दूध निकलवाने के लिए नगला हीरा सिंह में गया था।वहां पूर्व से घात लगाकर बैठे अवैध असलहों से लैस उदयवीर सिंह, दान सिंह और अनिल कुमार निवासीगण बोझिया कोतवाली हाथरस जंक्शन एवं नीटू सिंह निवासी नगला अलिया थाना हाथरस जंक्शन आए। चारों ने तमंचों से उसके भाई रामवीर पर फायर दिए। रामवीर की मौके पर ही मौ हो गई।
पुलिस ने चारों के विरुद्ध धारा 302, 120 बी और 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत एवं नीटू सिंह और दान सिंह के विरुद्ध धारा 25 आयुध के तहत रिपोर्ट दर्ज की। न्यायालय में चारों अभियुक्तों ने घटना से इंकार किया। सत्र परीक्षण के दौरान न्यायालय में दोनों पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी सुनीलकांत शर्मा ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए, लेकिन आरोपी पक्ष इन आरोपों का खंडन नहीं कर सका। न्यायालय ने आरोपी दान सिंह को दोषी माना। न्यायालय द्वारा आरोपी अनिल कुमार की पत्रावली उसके किशोर होने के कारण अलग की गई, जबकि आरोपी नीटू सिंह व चक्खन सिंह की वाद विचरण के दौरान मृत्यु हो गई। इस कारण वाद की कार्यवाही उनके विरुद्ध उपशमित की गई। एक मात्र अभियुक्त दान सिंह को उम्रकैद की सजा एवं 20 हजार अर्थदंड एवं 25 आयुध अधिनियम में दो वर्ष की सजा एवं 10 हजार अर्थदंड से दंडित किया गया। सभी सजाओं के एक साथ चलने का आदेश पारित किया गया।
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कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस को एक तहरीर चंदन सिंह निवासी बोझिया ने दी थी। इसमें उसने आरोप लगाए कि वर्ष 2003 में उसके गांव के उदयवीर पुत्र चक्खन सिंह ने अन्य लोगों से मिलकर उसके भाई धारा सिंह की हत्या करा दी थी, जिसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। उस मुकदमे में उसके भाई रामवीर की गवाही होने थी। 25 फरवरी 2008 को उसका भाई रामवीर (30 वर्ष) जो दूध का काम करता था। वह सुबह दूध निकलवाने के लिए नगला हीरा सिंह में गया था।वहां पूर्व से घात लगाकर बैठे अवैध असलहों से लैस उदयवीर सिंह, दान सिंह और अनिल कुमार निवासीगण बोझिया कोतवाली हाथरस जंक्शन एवं नीटू सिंह निवासी नगला अलिया थाना हाथरस जंक्शन आए। चारों ने तमंचों से उसके भाई रामवीर पर फायर दिए। रामवीर की मौके पर ही मौ हो गई।
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पुलिस ने चारों के विरुद्ध धारा 302, 120 बी और 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत एवं नीटू सिंह और दान सिंह के विरुद्ध धारा 25 आयुध के तहत रिपोर्ट दर्ज की। न्यायालय में चारों अभियुक्तों ने घटना से इंकार किया। सत्र परीक्षण के दौरान न्यायालय में दोनों पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी सुनीलकांत शर्मा ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए, लेकिन आरोपी पक्ष इन आरोपों का खंडन नहीं कर सका। न्यायालय ने आरोपी दान सिंह को दोषी माना। न्यायालय द्वारा आरोपी अनिल कुमार की पत्रावली उसके किशोर होने के कारण अलग की गई, जबकि आरोपी नीटू सिंह व चक्खन सिंह की वाद विचरण के दौरान मृत्यु हो गई। इस कारण वाद की कार्यवाही उनके विरुद्ध उपशमित की गई। एक मात्र अभियुक्त दान सिंह को उम्रकैद की सजा एवं 20 हजार अर्थदंड एवं 25 आयुध अधिनियम में दो वर्ष की सजा एवं 10 हजार अर्थदंड से दंडित किया गया। सभी सजाओं के एक साथ चलने का आदेश पारित किया गया।
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