{"_id":"5751c4e74f1c1bd6491091e2","slug":"rnjisn-entered-the-house-and-said-the-attack-four-injured","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंजिशन घर में घुसकर बोला हमला, चार घायल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रंजिशन घर में घुसकर बोला हमला, चार घायल
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। चंदपा के गांव पैकवाड़ा में एक घर पर रंजिशन कुछ लोगों ने हमला बोल दिया। इसमें चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस से की शिकायत में सीमा पत्नी जितेंद्र का कहना है कि वह 29 मई को अपने घर के अंदर बैठी थीं। तभी रात करीब सवा आठ बजे आरोपी घर पर चढ़ आए। उस समय घर में चचिया ससुर जयपाल सिंह एवं पति जितेंद्र सिंह पुत्र जुगेंद्र सिंह और बेटी रोहिणी भी मौजूद थी। रंजिशन गांव के ही भूरी सिंह पुत्र सूरजपाल, मानिक चंद पुत्र यादराम, विजेंद्र पुत्र यादराम, आजाद पुत्र प्रेमचंद्र, सुमित पुत्र प्रेमचंद्र और दीपू पुत्र जगदीश ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी चचिया ससुर जयपाल सिंह और जितेंद्र को लाठी-डंडोें से मारने-पीटने लगे। इसमें सीमा, जितेंद्र, जयपाल और रोहिणी घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने पीड़ितों को बचाया। डर के कारण पीड़ित पक्ष के लोग थाने नहीं पहुंचे और दो दिन बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
पुलिस से की शिकायत में सीमा पत्नी जितेंद्र का कहना है कि वह 29 मई को अपने घर के अंदर बैठी थीं। तभी रात करीब सवा आठ बजे आरोपी घर पर चढ़ आए। उस समय घर में चचिया ससुर जयपाल सिंह एवं पति जितेंद्र सिंह पुत्र जुगेंद्र सिंह और बेटी रोहिणी भी मौजूद थी। रंजिशन गांव के ही भूरी सिंह पुत्र सूरजपाल, मानिक चंद पुत्र यादराम, विजेंद्र पुत्र यादराम, आजाद पुत्र प्रेमचंद्र, सुमित पुत्र प्रेमचंद्र और दीपू पुत्र जगदीश ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी चचिया ससुर जयपाल सिंह और जितेंद्र को लाठी-डंडोें से मारने-पीटने लगे। इसमें सीमा, जितेंद्र, जयपाल और रोहिणी घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने पीड़ितों को बचाया। डर के कारण पीड़ित पक्ष के लोग थाने नहीं पहुंचे और दो दिन बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन