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दुष्कर्म पीड़िता ने लगाए जांच अधिकारी पर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
Updated Wed, 05 Apr 2017 10:43 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली हाथरस क्षेत्र की एक दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक एवं मुख्यमंत्री को एक शिकायत भेजी है। पीड़िता ने जांच अधिकारी पर आरोपी के साथ मिलीभगत करके कोई कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने आईओ पर उसे धमकाने के आरोप लगाए हैं। उसने उच्चाधिकारियों से जांच अधिकारी की जांच कर विधिवत रूप से कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ हुई घटना के बाद उसकी तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। सही विवेचना नहीं होने के कारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के निर्देश पर इस मुकदमे की विवेचना पुलिस अधीक्षक ने क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई, लेकिन इसका भी कोई लाभ नहीं हुआ। जब पीड़िता के न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज नहीं कराए गए तो उसने 10 अप्रैल से आमरण अनशन की धमकी दी। इसके बाद चार अप्रैल को आईओ बिना किसी महिला पुलिस कर्मी के उसके साथ घर पहुुंचे और उसके बयान गलत तरीके से दर्ज किए, जबकि पूर्व में उसने महिला कांस्टेबल की उपस्थिति में अपना बयान दर्ज करा दिया था।
उसने जब गवाहों के बयान लिखकर दिए जाने को कहा तो उन्होंने इन शपथ पत्रों को स्वीकार नहीं किया। उल्टा यह भी कहा कि इन शपथ पत्रों को कही गंगा में जाकर बहा आए। आईओ ने गवाहों की तस्दीक आरोपी के घर पर बुलाकर की। आईओ की इस प्रकार की कार्यप्रणाली से पीड़िता काफी आहत है। इतना ही नहीं आईओ आरोपी के पक्ष में बयान दर्ज कराने के लिए उसके साथ बदसलूकी भी करते हैं। पीड़िताने इस मामले में कार्रवाई करने एवं जांच अधिकारी के खिलाफ जांचकर विधिवत रूप से कार्रवाई करने की मांग की है।
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पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ हुई घटना के बाद उसकी तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। सही विवेचना नहीं होने के कारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के निर्देश पर इस मुकदमे की विवेचना पुलिस अधीक्षक ने क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई, लेकिन इसका भी कोई लाभ नहीं हुआ। जब पीड़िता के न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज नहीं कराए गए तो उसने 10 अप्रैल से आमरण अनशन की धमकी दी। इसके बाद चार अप्रैल को आईओ बिना किसी महिला पुलिस कर्मी के उसके साथ घर पहुुंचे और उसके बयान गलत तरीके से दर्ज किए, जबकि पूर्व में उसने महिला कांस्टेबल की उपस्थिति में अपना बयान दर्ज करा दिया था।
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उसने जब गवाहों के बयान लिखकर दिए जाने को कहा तो उन्होंने इन शपथ पत्रों को स्वीकार नहीं किया। उल्टा यह भी कहा कि इन शपथ पत्रों को कही गंगा में जाकर बहा आए। आईओ ने गवाहों की तस्दीक आरोपी के घर पर बुलाकर की। आईओ की इस प्रकार की कार्यप्रणाली से पीड़िता काफी आहत है। इतना ही नहीं आईओ आरोपी के पक्ष में बयान दर्ज कराने के लिए उसके साथ बदसलूकी भी करते हैं। पीड़िताने इस मामले में कार्रवाई करने एवं जांच अधिकारी के खिलाफ जांचकर विधिवत रूप से कार्रवाई करने की मांग की है।
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