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पुत्री से दुष्कर्म में पिता को आजीवन कारावास
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Sat, 25 Mar 2017 11:40 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी पिता को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को सश्रम आजीवन कारावास एवं 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को 10 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने पीड़िता को राज्य सरकार को पत्र भेजकर 357ए के तहत तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
सदर कोतवाली में पीड़िता द्वारा 16 फरवरी 2015 को दी गई तहरीर में कहा गया था कि उसकी उम्र 15 वर्ष है। वह कक्षा छह में पढ़ती है। उसका पिता उसे करीब पांच वर्ष से परेशान करता है। उससे अश्लील हरकतें करता है और गलत काम भी करता है। उसने इसकी जानकारी अपनी मां को भी दी, लेकिन मां उसे ही उल्टा डांटती है, क्योंकि वह पापा से डरती है। पीड़िता का कहना था कि जब उससे यह सहन नहीं हुआ तो छिपकर 100 नंबर पर फोन कर दिया और अब थाने आई है।
पीड़िता ने इस मामले में विधिवत रूप से कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुना और इसके बाद आरोपी को दोषी करार दिया। पीड़ित की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र कुमार वार्ष्णेय ने की। न्यायालय ने अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को भी इस सजा में समायोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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सदर कोतवाली में पीड़िता द्वारा 16 फरवरी 2015 को दी गई तहरीर में कहा गया था कि उसकी उम्र 15 वर्ष है। वह कक्षा छह में पढ़ती है। उसका पिता उसे करीब पांच वर्ष से परेशान करता है। उससे अश्लील हरकतें करता है और गलत काम भी करता है। उसने इसकी जानकारी अपनी मां को भी दी, लेकिन मां उसे ही उल्टा डांटती है, क्योंकि वह पापा से डरती है। पीड़िता का कहना था कि जब उससे यह सहन नहीं हुआ तो छिपकर 100 नंबर पर फोन कर दिया और अब थाने आई है।
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पीड़िता ने इस मामले में विधिवत रूप से कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुना और इसके बाद आरोपी को दोषी करार दिया। पीड़ित की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र कुमार वार्ष्णेय ने की। न्यायालय ने अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को भी इस सजा में समायोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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