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बदला लेने के लिए रामेश्वर ने की रामवीर की हत्या
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:00 AM IST
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रामवीर की हत्या के मामले में खुलासा करते एसपी व एएसपी, उनके साथ मौजूद हत्यारोपी रामेश्वर।
- फोटो : Amar Ujala
सादाबाद के गांव सरौठ में अगस्त माह में हुई हत्या का पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर खुलासा किया है। इस युवक ने गांव के रामवीर को इसलिए मार डाला था, क्योंकि उसको शक था कि उसके पिता और मां की हत्या रामवीर ने ही की है।
हत्यारोपी की गिरफ्तारी के बाद एसपी ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश ने अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया अभियुक्त रामेश्वर के पिता बनी सिंह और मृतक रामवीर सिंह अच्छे दोस्त थे। रामवीर का घर पर आना-जाना था ।
फरवरी वर्ष 2012 में कांवड़ लाते समय मानिकपुर स्टेशन के पास अभियुक्त के पिता की रेल हादसे में मौत हो गई, जबकि रामेश्वर सिंह को लगा कि पिता को रामवीर ने मारा था। उसके बाद रामवीर ने हत्यारोपी की मां यशोदा से संबंध बना लिए। रामवीर उसकी मां को लेकर सोना हरियाणा में रहने लगा। वर्ष 2014 में यशोदा को जहर देकर रामवीर ने मार दिया और यह दिखा दिया कि उसने आत्महत्या की है, लेकिन अभियुक्त को शक था कि मां की हत्या रामवीर ने की है। तभी से वह रामवीर की हत्या की योजना बना रहा था। भाई बहन छोटे
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होने और उनकी शादी हो जाने के बाद हत्या की ठान ली।
कुल्हाड़ी से प्रहार कर की थी हत्या
25 अगस्त को रामेश्वर ने अपने घर से एक कुल्हाड़ी ली और एक चाकू के साथ थैले में रख ली। दिन भर रामवीर को मारने को घूमता रहा, लेकिन रामवीर अकेला नहीं मिला। रात को अपने साथियों के साथ शराब पी और रात को करीब एक बजे सब लोग चले गए। तब रामेश्वर रामवीर के घर पहुंचा और देखा कि रामवीर दुकान के बाहर चबूतरे पर चारपाई पर सो रहा है। उसे अपनी मां और पिता का चेहरा नजर आने लगा और रामवीर की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार उसकी हत्या कर दी।
बहन के गांव जाकर जलाए खून के कपड़े
रामवीर को मारकर रामेश्वर कुम्हरई दगसह होता हुआ बंबे पर आया और कुल्हाड़ी को बंबे के पानी में फेंक दिया। अपने खून से सने कपड़ों को अपनी बहन के गांव में जाकर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। पुलिस ने शनिवार की सुबह रामेश्वर को सरौठ से गिरफ्तार किया। खुलासे के वक्त एएसपी सिद्धार्थ वर्मा और सादाबाद एसएचओ अपनी टीम के साथ मौजूद थे।
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हत्यारोपी की गिरफ्तारी के बाद एसपी ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश ने अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया अभियुक्त रामेश्वर के पिता बनी सिंह और मृतक रामवीर सिंह अच्छे दोस्त थे। रामवीर का घर पर आना-जाना था ।
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फरवरी वर्ष 2012 में कांवड़ लाते समय मानिकपुर स्टेशन के पास अभियुक्त के पिता की रेल हादसे में मौत हो गई, जबकि रामेश्वर सिंह को लगा कि पिता को रामवीर ने मारा था। उसके बाद रामवीर ने हत्यारोपी की मां यशोदा से संबंध बना लिए। रामवीर उसकी मां को लेकर सोना हरियाणा में रहने लगा। वर्ष 2014 में यशोदा को जहर देकर रामवीर ने मार दिया और यह दिखा दिया कि उसने आत्महत्या की है, लेकिन अभियुक्त को शक था कि मां की हत्या रामवीर ने की है। तभी से वह रामवीर की हत्या की योजना बना रहा था। भाई बहन छोटे
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होने और उनकी शादी हो जाने के बाद हत्या की ठान ली।
कुल्हाड़ी से प्रहार कर की थी हत्या
25 अगस्त को रामेश्वर ने अपने घर से एक कुल्हाड़ी ली और एक चाकू के साथ थैले में रख ली। दिन भर रामवीर को मारने को घूमता रहा, लेकिन रामवीर अकेला नहीं मिला। रात को अपने साथियों के साथ शराब पी और रात को करीब एक बजे सब लोग चले गए। तब रामेश्वर रामवीर के घर पहुंचा और देखा कि रामवीर दुकान के बाहर चबूतरे पर चारपाई पर सो रहा है। उसे अपनी मां और पिता का चेहरा नजर आने लगा और रामवीर की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार उसकी हत्या कर दी।
बहन के गांव जाकर जलाए खून के कपड़े
रामवीर को मारकर रामेश्वर कुम्हरई दगसह होता हुआ बंबे पर आया और कुल्हाड़ी को बंबे के पानी में फेंक दिया। अपने खून से सने कपड़ों को अपनी बहन के गांव में जाकर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। पुलिस ने शनिवार की सुबह रामेश्वर को सरौठ से गिरफ्तार किया। खुलासे के वक्त एएसपी सिद्धार्थ वर्मा और सादाबाद एसएचओ अपनी टीम के साथ मौजूद थे।