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पुलिस ने पकड़ा 3,400 लीटर केरोसिन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)।
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:09 AM IST
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मिट्टी के तेल के सैंपल लेते कर्मचारी
- फोटो : Amar Ujala
कोतवाली पुलिस ने रविवार की रात और सोमवार की दोपहर को दो स्थानों पर छापा मारकर 3,400 लीटर केरोसिन का जखीरा बरामद किया है। मिट्टी के तेल को कई तरह के केमिकल मिलाकर डीजल बनाने का गोरखधंधा चल रहा था।
खाद्य विभाग के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने कोतवाली आकर बरामद तेल और केमिकल के नमूने उठाए। इस मामले में कार्रवाई के लिए डीएम के यहां रिपोर्ट भेजी गई है। चर्चा है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच हो तो कई राशन डीलर और सफेदपोश भी इसकी जद में आ सकते हैं। इस गोरखधंधे में पुरदिलनगर और सिकंदराराऊ के कई नाम प्रकाश में आए हैं।
रविवार की रात को सिकंदराराऊ कोतवाल मनोज कुमार शर्मा को सूचना मिली कासगंज रोड पर एक ढाबे की पीछे बड़े मकान में मिट्टी के तेल का बड़ा जखीरा है। रात में ही पुलिस ने यहां छापा मारा और कई लोगों को हिरासत में लिया। यहां से पुलिस को तीन ड्रमों में 600 लीटर तेल मिला। कुछ खाली ड्रम मिले, पांच लीटर का नपना मिला और एक ड्रम में सफेद केमिकल मिला, जिसका प्रयोग तेल का डीजल बनाने में किया जाता था।
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रात में ही पुलिस को पता चला कि एक और गोदाम मोहल्ला नौरंगाबाद की गलियों के बीच है। रात में ही पुलिस वहां पहुंची, लेकिन गोदाम पर ताला लगा मिला। वहां पहरा दे रहा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागा। उसका पीछा किया, लेकिन वह गलियों में रात का फायदा उठाकर चंपत हो गया। कोतवाल ने इस गोदाम पर रात में ही पुलिस का पहरा बिठा दिया। दोपहर में कोतवाली पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी लालजी पाल आ गए।
उन्होंने तेल और केमिकल के नमूने लिए। सोमवार की दोपहर में भारी फोर्स के साथ मनोज कुमार शर्मा ने गोदाम ने खोला तो पाया वहां 14 ड्रमों में लगभग 2,800 लीटर केरोसिन और केमिकल पाया गया। इस प्रकार यहां 3,400 लीटर मिट्टी का तेल मिला। यह गोदाम कस्बे के मोहल्ला हुरमतगंज निवासी राजू सक्सेना का निकला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पूछताछ में पता चला कि अधिकांश माल की सप्लाई मोबाइल टावरों पर की जाती है।
वैसे तो मोबाइल टावरों पर अधिकृत कंपनी के पंपों से डीजल खरीद का सिस्टम है। उनके बिल के आधार पर कंपनी पेमेंट देती है, लेकिन टावर के कर्मचारी पंपों से केवल बिल लेकर माल इनसे सस्ता खरीदते थे। पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर ईसी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएम के यहां भेज दी गई है। तेल के खेल के इस गोरखधंधे में कई नाम सामने आ रहे हैं।
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खाद्य विभाग के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने कोतवाली आकर बरामद तेल और केमिकल के नमूने उठाए। इस मामले में कार्रवाई के लिए डीएम के यहां रिपोर्ट भेजी गई है। चर्चा है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच हो तो कई राशन डीलर और सफेदपोश भी इसकी जद में आ सकते हैं। इस गोरखधंधे में पुरदिलनगर और सिकंदराराऊ के कई नाम प्रकाश में आए हैं।
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रविवार की रात को सिकंदराराऊ कोतवाल मनोज कुमार शर्मा को सूचना मिली कासगंज रोड पर एक ढाबे की पीछे बड़े मकान में मिट्टी के तेल का बड़ा जखीरा है। रात में ही पुलिस ने यहां छापा मारा और कई लोगों को हिरासत में लिया। यहां से पुलिस को तीन ड्रमों में 600 लीटर तेल मिला। कुछ खाली ड्रम मिले, पांच लीटर का नपना मिला और एक ड्रम में सफेद केमिकल मिला, जिसका प्रयोग तेल का डीजल बनाने में किया जाता था।
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रात में ही पुलिस को पता चला कि एक और गोदाम मोहल्ला नौरंगाबाद की गलियों के बीच है। रात में ही पुलिस वहां पहुंची, लेकिन गोदाम पर ताला लगा मिला। वहां पहरा दे रहा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागा। उसका पीछा किया, लेकिन वह गलियों में रात का फायदा उठाकर चंपत हो गया। कोतवाल ने इस गोदाम पर रात में ही पुलिस का पहरा बिठा दिया। दोपहर में कोतवाली पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी लालजी पाल आ गए।
उन्होंने तेल और केमिकल के नमूने लिए। सोमवार की दोपहर में भारी फोर्स के साथ मनोज कुमार शर्मा ने गोदाम ने खोला तो पाया वहां 14 ड्रमों में लगभग 2,800 लीटर केरोसिन और केमिकल पाया गया। इस प्रकार यहां 3,400 लीटर मिट्टी का तेल मिला। यह गोदाम कस्बे के मोहल्ला हुरमतगंज निवासी राजू सक्सेना का निकला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पूछताछ में पता चला कि अधिकांश माल की सप्लाई मोबाइल टावरों पर की जाती है।
वैसे तो मोबाइल टावरों पर अधिकृत कंपनी के पंपों से डीजल खरीद का सिस्टम है। उनके बिल के आधार पर कंपनी पेमेंट देती है, लेकिन टावर के कर्मचारी पंपों से केवल बिल लेकर माल इनसे सस्ता खरीदते थे। पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर ईसी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएम के यहां भेज दी गई है। तेल के खेल के इस गोरखधंधे में कई नाम सामने आ रहे हैं।