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गोवंश से भरा ट्रक पकड़ा, नौ की मौत
ब्यूराे/अमर उजाला,हाथरस
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:15 AM IST
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पुलस ने पकड़ा ट्रक
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। चंदपा थाने से कुछ दूरी पर सोमवार तड़के कुछ पशु चोर पकड़े जाने के डर से 38 गोवंश से भरे दस टायरा ट्रक को खड़ाकर भाग गए। पुलिस ने जब पूरी तरह तिरपाल से ढके हुए ट्रक को खोला तो अंदर मवेशियों की हालत देखकर उनकी आंखें नम हो गईं। आठ गोवंश के अलावा एक का गर्भस्थ बच्चा भी मृत पाया गया। बाकी सभी की हालत भी बेहद दयनीय थी। सभी गायों को इगलास रोड स्थित बालाजी गौ अस्पताल लाया गया। यहां मृत गोवंश को पुलिस ने दफना दिया।
पुलिस के मुताबिक थाने पर चेकिंग के लिए पुलिस की जीप खड़ी होने की जानकारी मवेशी चोरों को लग गई थी, जबकि ट्रक के पीछे मोबाइल पुलिस की मौजूदगी से मवेशी चोरों का हौसला जवाब दे गया और वह भाग गए। चोरों ने ट्रक को दो हिस्सों में बांटा हुआ था। ऊपर के हिस्से में कम वजन वाले गोवंश को रखा था और नीचे के हिस्से में ज्यादा वजन के गाय और सांड़ भूसे की तरह भरे हुए थे।
इनके पैर बांधे गए थे, जिससे यह हिल भी नहीं पा रहे थे और बेहद कम जगह होने के कारण खड़े रहने को मजबूर थे। कम जगह में ज्यादा मवेशियों को ठूंसे जाने के कारण ही दम घुटने से गोवंश की मौत हुई। सभी पशुओं के पिछले हिस्से में कोई दवा लगाई गई थी, जिससे सभी पशु बेजान से हो गए थे। बालाजी गौ अस्पताल के संचालक कन्हैयालाल ने बताया कि गर्भवती गाय और उसके नवजात बच्चे को बचाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल में घायल गोवंश के मवेशियों का उपचार किया जा रहा है वहीं मृत गाय, बछड़े और सांड़ों को दफना दिया है।
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पुलिस के मुताबिक थाने पर चेकिंग के लिए पुलिस की जीप खड़ी होने की जानकारी मवेशी चोरों को लग गई थी, जबकि ट्रक के पीछे मोबाइल पुलिस की मौजूदगी से मवेशी चोरों का हौसला जवाब दे गया और वह भाग गए। चोरों ने ट्रक को दो हिस्सों में बांटा हुआ था। ऊपर के हिस्से में कम वजन वाले गोवंश को रखा था और नीचे के हिस्से में ज्यादा वजन के गाय और सांड़ भूसे की तरह भरे हुए थे।
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इनके पैर बांधे गए थे, जिससे यह हिल भी नहीं पा रहे थे और बेहद कम जगह होने के कारण खड़े रहने को मजबूर थे। कम जगह में ज्यादा मवेशियों को ठूंसे जाने के कारण ही दम घुटने से गोवंश की मौत हुई। सभी पशुओं के पिछले हिस्से में कोई दवा लगाई गई थी, जिससे सभी पशु बेजान से हो गए थे। बालाजी गौ अस्पताल के संचालक कन्हैयालाल ने बताया कि गर्भवती गाय और उसके नवजात बच्चे को बचाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल में घायल गोवंश के मवेशियों का उपचार किया जा रहा है वहीं मृत गाय, बछड़े और सांड़ों को दफना दिया है।
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