{"_id":"5c5dcf34bdec227371485956","slug":"police-clashing-in-the-knot-of-two-friends","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो सहेलियों की मौत की गुत्थी में उलझी पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो सहेलियों की मौत की गुत्थी में उलझी पुलिस
Sat, 09 Feb 2019 12:22 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sat, 09 Feb 2019 12:22 AM IST
विज्ञापन
सीओ से बात करते शीतल के सुसरालीजन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकंदराराऊ (हाथरस)। गांव पाइंदापुर निवासी सुरभी और शीतल की मौत पुलिस के समक्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अबूझ पहेली बनकर रह गई है। घटनास्थल के हालात बता रहे थे कि दोनों ने सामूहिक रूप से मौत को गले लगाया है। दोनों के कपड़ों तक पर कोई दाग या संघर्ष के निशान नहीं थे। मृतकाओं के घरवाले भी इसे आत्महत्या बता रहे थे। शवों के पोस्टमार्टम के लिए मना रहे थे।
पीएम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामला दोहरे हत्याकांड में तरमीम तो कर लिया है, लेकिन प्रकरण अभी भी पुलिस के लिए अबूझ पहेली बना हुआ है। शुक्रवार को सीओ आशीषप्रताप सिंह ने मृतका के सुसरालीजनों और पति से काफी देर तक बातचीत की। दोबारा पोस्टमार्टम संभव नहीं है, क्योंकि दोनों का अंतिम संस्कार हो चुका है। अब पुलिस के पास एक ही तरीका बचा है, वो है पोस्टमार्टम के दौरान की गई रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाए।
सीओ के समक्ष विवाहित मृतका के पति सुनील ने स्वीकार किया कि शादी के बाद उसकी पत्नी अपनी सहेली से घंटों बात किया करती थी। वो उसे टोकता भी था कि इतनी देर क्या बातें होती हैं। शादी के बाद एक साल बाद तक उसकी पत्नी का अधिकांश समय मायके में ही बीता था। कई मर्तबा वह उसको बुलाने गया, लेकिन कोई न कोई बहाना बनाकर उसे भेजा नहीं गया।
विज्ञापन
अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर उसकी पत्नी और उसकी सहेली के साथ ऐसा क्या हुआ, जिसकी वजह से दोनों जान से हाथ धो बैठीं।सीओ का कहना है कि पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया है। ऐसे में चूक की गुंजाइश बहुत कम ही रह जाती है। अब तो पुलिस के समाने एक ही चारा है कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट की सीडी की फॉरेंसिक जांच कराए, जिससे स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी। कोतवाल मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि प्रकरण की बारीकी से विवेचना कर दी गई है।
विज्ञापन
पीएम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामला दोहरे हत्याकांड में तरमीम तो कर लिया है, लेकिन प्रकरण अभी भी पुलिस के लिए अबूझ पहेली बना हुआ है। शुक्रवार को सीओ आशीषप्रताप सिंह ने मृतका के सुसरालीजनों और पति से काफी देर तक बातचीत की। दोबारा पोस्टमार्टम संभव नहीं है, क्योंकि दोनों का अंतिम संस्कार हो चुका है। अब पुलिस के पास एक ही तरीका बचा है, वो है पोस्टमार्टम के दौरान की गई रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाए।
विज्ञापन
सीओ के समक्ष विवाहित मृतका के पति सुनील ने स्वीकार किया कि शादी के बाद उसकी पत्नी अपनी सहेली से घंटों बात किया करती थी। वो उसे टोकता भी था कि इतनी देर क्या बातें होती हैं। शादी के बाद एक साल बाद तक उसकी पत्नी का अधिकांश समय मायके में ही बीता था। कई मर्तबा वह उसको बुलाने गया, लेकिन कोई न कोई बहाना बनाकर उसे भेजा नहीं गया।
विज्ञापन
अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर उसकी पत्नी और उसकी सहेली के साथ ऐसा क्या हुआ, जिसकी वजह से दोनों जान से हाथ धो बैठीं।सीओ का कहना है कि पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया है। ऐसे में चूक की गुंजाइश बहुत कम ही रह जाती है। अब तो पुलिस के समाने एक ही चारा है कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट की सीडी की फॉरेंसिक जांच कराए, जिससे स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी। कोतवाल मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि प्रकरण की बारीकी से विवेचना कर दी गई है।