फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   police action against satta king

सट्टा किंग चतुरा पर लगाया गैंगेस्टर, फरार

Fri, 08 Apr 2016 12:12 AM IST
ब्यूूूराे अमर उजाला हाथ्ारस
ब्यूूूराे अमर उजाला हाथ्ारस Updated Fri, 08 Apr 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
police action against satta king
चतुरा के घर पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सट्टा किंग चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा पुत्र हरप्रसाद गुप्ता निवासी सिद्धार्थ नगर के ठिकानों पर बुधवार देर रात दस थानों के एसओ ने मय फोर्स के दबिश दी। इस बार भी पुलिस की दबिश बेकार गई और चतुरा पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया। हालांकि पुलिस उसके कथित पार्टनर भोला पुत्र शंकर लाल कुशवाहा निवासी मोहल्ला ऊंट गाड़ी (विक्रांत नगर) को दबोचने में कामयाब रही। दबिश के बाद थाना हाथरस गेट में चतुरा और भोला के विरुद्ध गैंगस्टर के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। ऐसा तीसरी बार है जब चतुरा पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। इससे पहले साल 2005 और 2010 में भी उस पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
विज्ञापन


ढाई महीने में यह दूसरी बार है, जब चतुरा के घर पुलिस पहुंची। तत्कालीन एसपी डॉ. एसएस चनप्पा के निर्देश पर कई थानों की पुलिस ने दबिश दी थी। 21 जनवरी को दी गई दबिश के बाद पुलिस को वही भोला चतुरा के घर से मिला था, जिसे इस बार पुलिस ने दबोचा है। तब भी चतुरा और भोला के विरुद्ध जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
विज्ञापन


एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा के निर्देशन में पहले ही इस कार्रवाई की नींव रखी जा चुकी थी। पिछले कई दिनों से इसकी तैयारी चल रही थी। दबिश को गुप्त रखा गया था और सभी एसओ को इस अभियान में लगाया गया था। दबिश के दौरान पुलिस ने सावधानी बरतते हुए पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई। पिछली बार दबिश के बाद चतुरा की पत्नी ने पुलिस पर तोड़फोड़ और लूटपाट का आरोप लगाया था। चतुरा के हाथ से निकलने के बाद अगले दिन गुरुवार दोपहर को भी हाथरस गेट, सदर कोतवाली और सिकंदराराऊ पुलिस ने चतुरा के घर पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


चतुरा पर दर्ज हैं 28 मुकदमे
हाथरस। थाना हाथरस गेट के एसओ केपी सिंह के मुताबिक चतुरा पर हत्या का एक, लूट का एक, छेडछाड़ का एक, चोरी का एक, घर में घुसकर मारपीट करने के तीन, जुआ सट्टा अधिनियम के 13, गैंगेस्टर के तीन, गुंडा एक्ट के दो, 110(जी) के दो, एनडीपीएस एक्ट क ा एक मुकदमा दर्ज है। चतुरा पिछले 24 सालों से अपराध की दुनिया में है।

हत्या के मामले में चतुरा का बेटा हिरासत में
हाथरस। पुलिस ने दबिश के दौरान चतुरा के बेटे सोनू गुप्ता को हिरासत में ले लिया। उससे कई घंटे तक कड़ी पूछताछ की गई। एसओ केपी सिंह ने बताया कि सोनू पर बीते साल एक मार्च को सोनी नाम के युवक की हत्या का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने इसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद इस केस को फिर खोला गया था। तब भी पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई थी। अब तीसरी बार इस केस को री ओपन करने की तैयारी चल रही है। इस सिलसिले में सोनू गुप्ता को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है। एसओ केपी सिंह ने बताया कि सोनू से एक मामले में केवल पूछताछ की गई है। जल्द ही उसे छोड़ दिया जाएगा।

चतुरा को भारी पड़ा सत्ताधारियों से टकराव?
पुलिस ने भले ही चतुरा पर कार्रवाई की तैयारी कई दिन पहले ही कर ली थी, लेकिन इस कार्रवाई को चतुरा का सत्ताधारी नेता से टकराव के मद्देनजर देखा जा रहा है। चतुरा के घर पर पुलिस ने 21 जनवरी को दबिश दी थी और मुकदमा पंजीकृत किया था। इसके बाद चतुरा ने सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल पर चौथ मांगने और नहीं देने पर पुलिस की कार्रवाई की धमकी देने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं चतुरा ने सीजेएम कोर्ट में विधायक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने को प्रार्थनापत्र भी दिया था। कुछ दिन बीते थाना हाथरस गेट पुलिस ने विधायक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था।

पुलिस जिले में सट्टे की खाईबाड़ी नहीं होने देगी। चतुरा जिले के सबसे बड़े अपराधियों में है। अभी वह पुलिस से बचकर भाग रहा है। जल्द ही वह पुलिस की पकड़ में होगा।

- डॉ. अजय पाल शर्मा, एसपी

चतुरा सट्टा माफिया तो है ही। वह बसपा नेताओं के संरक्षण में अपना धंधा चला रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई करके बिल्कुल सही कदम उठाया है। चतुरा ने मुझ पर भी बसपा नेताओं के इशारे पर झूठे आरोप लगाए थे।
- देवेंद्र अग्रवाल, विधायक सादाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed