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समझौते करा रही यूपी 100

Thu, 16 Mar 2017 11:30 PM IST
ब्यूूराे अमर उजाला/ हाथरस।
ब्यूूराे अमर उजाला/ हाथरस। Updated Thu, 16 Mar 2017 11:30 PM IST
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Making compromise UP 100
Police
यूपी पुलिस की महत्वाकांक्षी योजना यूपी 100 से न्याय की उम्मीद करने वाले लोगों को झटका लग सकता है। शुरुआती दौर में प्रभावी कार्रवाई करने वाली यूपी 100 की पुलिस रेस्पांस व्हीकल टीमें अब पुलिस के पुराने ढर्रे पर चलने लगी हैं। यही वजह है यूपी 100 तक पहुंचने वाले ज्यादातर मामलों में पुलिस केवल शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई कर रही है।
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हैरत की बात तो यह है कि नियमों के विपरीत यूपी 100 के मामलों में थानों में समझौता होने लगा है वहीं हाल ही में कई मामले ऐसे भी देखने में आए हैं जहां यूपी 100 की पीआरवी ने मौके पर ही समझौता करा दिया। देखने में आया है कि पीआरवी ज्यादातर मामलों में फोन करने वाले कॉलर या पीड़ित पक्ष को भी थाने ले आती है और उसके साथ भी अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है। ज्यादातर पीड़ित पक्ष को भी शांति भंग करने के आरोप में पाबंद कर दिया जाता है। इस पर भी उनसे रिश्वत मांगी जाती है। पुलिस पीड़ित और गुनहगार के बीच के फर्क को पता नहीं करती।
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केस-1- आर्यसमाज रोड के रहने वाले सत्यप्रकाश ने एसपी दिलीप कुमार को शिकायत कर कहा है कि 15 मार्च को उसके बहनोई ने घर पर आकर गाली-गलौज और मारपीट की। सत्यप्रकाश ने यूपी 100 को फोन किया। पुलिस ने आरोपी के साथ पीड़ित को भी थाने ले आई। सत्यप्रकाश का कहना है कि पुलिस ने उसे दो घंटे तक थाने में जमीन पर बैठाकर रखा और बाद में परिजनों के आठ सौ रुपये देने पर छोड़ा। आरोपियाें के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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केस-2- जलेसर रोड स्थित गांव कैमार के जयराम पुत्र बल्देव ने यूपी 100 को फोन कर कहा कि ठेकेदार ने मजदूरी के रुपये पचा लिए हैं। मजदूरी मांगने पर ठेकेदार धमकी दे रहा है। इस पर यूपी 100 की पीआरवी मौके पर पहुंची। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह पीआरवी ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।


केस-3- सहपऊ थाना क्षेत्र के गांव धाधऊ में शैलेंद्र चौधरी पुत्र रमेश चंद्र ने यूपी 100 को फोन कर झगड़े की सूचना दी। मौके पर पहुंची रेस्पांस टीम ने आरोपियों को पकड़कर थाने लाने की जगह पंचायत शुरू कर दी। दोनों पक्षों में राजीनामा कराने के लिए खूब जोर लगाया गया। अंतत: यूपी 100 राजीनामा कराने में कामयाब भी हो गई। हैरत की बात यह भी है कि यूपी 100 के इस कारनामे का प्रचार खुद पुलिस कर रही है।
 
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