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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Life imprisonment for rape case

दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद

Tue, 18 Apr 2017 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस। Updated Tue, 18 Apr 2017 10:44 PM IST
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Life imprisonment for rape case
डेमो पिक
एडीजे तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने एवं उसके साथ दुष्कर्म करने के एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को 10 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। कोर्ट ने अर्थदंड का 70 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं।
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पीड़िता के पिता ने कोतवाली हाथरस गेट में 29 अप्रैल, 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि 28 अप्रैल, 2014 को उसकी नाबालिग पुत्री बाजार में सामान लेने गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी। 29 अप्रैल को पता लगा कि उसकी पुत्री को पवन पुत्र जमुना प्रसाद निवासी ग्राम पसियापुर तहसील जलेसर जिला एटा, उसका बहनोई और बहिन बहला फुसलाकर भगा ले गए है। पुलिस ने उक्त मामले की जांच की। जांच के बाद पुलिस ने 24 जुलाई 2014 को न्यायालय में आरोपी पवन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
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वादी की ओर से एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का आरोपी के विद्वान अधिवक्ता जबाव नहीं दे सके। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को आईपीसी की धारा 363 में सात वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 में 10 वर्ष की कैद एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड एवं धारा 376 व धारा 4 व 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत उम्रकैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। एडीजे तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने एवं उसके साथ दुष्कर्म करने के एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को 10 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। कोर्ट ने अर्थदंड का 70 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं।
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पीड़िता के पिता ने कोतवाली हाथरस गेट में 29 अप्रैल, 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि 28 अप्रैल, 2014 को उसकी नाबालिग पुत्री बाजार में सामान लेने गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी। 29 अप्रैल को पता लगा कि उसकी पुत्री को पवन पुत्र जमुना प्रसाद निवासी ग्राम पसियापुर तहसील जलेसर जिला एटा, उसका बहनोई और बहिन बहला फुसलाकर भगा ले गए है। पुलिस ने उक्त मामले की जांच की। जांच के बाद पुलिस ने 24 जुलाई 2014 को न्यायालय में आरोपी पवन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।


वादी की ओर से एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का आरोपी के विद्वान अधिवक्ता जबाव नहीं दे सके। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को आईपीसी की धारा 363 में सात वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 में 10 वर्ष की कैद एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड एवं धारा 376 व धारा 4 व 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत उम्रकैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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