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जमीन पर कब्जा न देने पर की थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो सहपऊ। (हाथरस)।
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:27 PM IST
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murder
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जिला बदर हुए दिनेश की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 30 जून की रात को दिनेश का शव सादाबाद सहपऊ मार्ग पर कुचला हुआ मिला था, उसके बड़े भाई ने इस मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपी बबलू पुत्र रमेश निवासी नगला कली और रमाकांत पुत्र सुभाष पचौरा निवासी बटपुरा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक दिनेश एक दबंग किस्म को युवक था। कुछ दिन पहले उसने अपने कुछ खेत का बैनामा गांव के ही महावीर सिंह पुत्र राधेश्याम के नाम कर दिया था। पैसे की उधारी के कारण दिनेश उसे कब्जा नहीं दे रहा था। जिलाबदर होते ही वह गांव भी छोड़ चुका था। खेत पर कब्जा न होने के कारण इन लोगों से उसका झगड़ा भी हुआ था और मुकदमा भी चल रहा है। वह लोग किसी तरह से दिनेश को अपने रास्ते से हटाना चाह रहे थे। महावीर ने अपने ही परिवार के विष्णु पुत्र शिव सिंह को बातों में लेकर गांव के ही रमाकांत से सेटिंग की। विष्णु एवं रमाकांत की आपस में दोस्ती थी। रमाकांत की बबलू निवासी नकली से दोस्ती थी । दिनेश एवं बबलू गहरे दोस्त थे। रमाकांत ने बबलू से फोन पर दिनेश की लोकेशन पता करने को कहा पता मिलने के बाद वह दोनों उससे मिलने सादाबाद थाने के दुर्जिया गांव में पहुंच गए।
वहां से दिनेश को लेकर आगरा रामबाग चौराहे पर बाइक से आ गए। राम बाग पर उन्होंने मिलकर शराब पी। दोनों ने कम एवं दिनेश को खूब शराब पिलाई, जब उसे अधिक नशा हो गया तो रमाकांत ने विष्णु को फोन करके बुला लिया। विष्णु के साथ महावीर एवं चार अज्ञात लोग भी थे। दोनों ने विष्णु एवं उसके साथ आए लोगों को दिनेश सौंप दिया। वह उसे गाड़ी में लेकर चले गए और रास्ते में उनकी हत्या कर दी और उसका शव पीहुरा गांव के पास डालकर भाग गए। प्रभारी कोतवाली अवधेश कुमार का कहना है कि बाकी नामजद की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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गौरतलब है कि बतादें 30 जून /01 जुलाई की रात को कोतवाली पुलिस को पीहुरा गांव के पास सादाबाद सहपऊ मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन से कुचला एक शव मिला था। बाद में उसकी शिनाख्त दिनेश कुमार पुत्र खजान सिंह निवासी बटपुरा के रूप में उसके बड़े भाई मोरध्वज उर्फ पोप ने कोतवाली में उसके कपड़े एवं जूतों से की थी। पोप ने सीओ सादाबाद एवं एसपी हाथरस को प्रार्थना पत्र देकर उसके भाई की हत्या की आशंका व्यक्त की थी, साथ ही उसने नामजद तहरीर भी दी थी । पुलिस ने पोप की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए आठ नामजदों के साथ आठ लोगों को आरोपी बनाया था।
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पुलिस के मुताबिक दिनेश एक दबंग किस्म को युवक था। कुछ दिन पहले उसने अपने कुछ खेत का बैनामा गांव के ही महावीर सिंह पुत्र राधेश्याम के नाम कर दिया था। पैसे की उधारी के कारण दिनेश उसे कब्जा नहीं दे रहा था। जिलाबदर होते ही वह गांव भी छोड़ चुका था। खेत पर कब्जा न होने के कारण इन लोगों से उसका झगड़ा भी हुआ था और मुकदमा भी चल रहा है। वह लोग किसी तरह से दिनेश को अपने रास्ते से हटाना चाह रहे थे। महावीर ने अपने ही परिवार के विष्णु पुत्र शिव सिंह को बातों में लेकर गांव के ही रमाकांत से सेटिंग की। विष्णु एवं रमाकांत की आपस में दोस्ती थी। रमाकांत की बबलू निवासी नकली से दोस्ती थी । दिनेश एवं बबलू गहरे दोस्त थे। रमाकांत ने बबलू से फोन पर दिनेश की लोकेशन पता करने को कहा पता मिलने के बाद वह दोनों उससे मिलने सादाबाद थाने के दुर्जिया गांव में पहुंच गए।
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वहां से दिनेश को लेकर आगरा रामबाग चौराहे पर बाइक से आ गए। राम बाग पर उन्होंने मिलकर शराब पी। दोनों ने कम एवं दिनेश को खूब शराब पिलाई, जब उसे अधिक नशा हो गया तो रमाकांत ने विष्णु को फोन करके बुला लिया। विष्णु के साथ महावीर एवं चार अज्ञात लोग भी थे। दोनों ने विष्णु एवं उसके साथ आए लोगों को दिनेश सौंप दिया। वह उसे गाड़ी में लेकर चले गए और रास्ते में उनकी हत्या कर दी और उसका शव पीहुरा गांव के पास डालकर भाग गए। प्रभारी कोतवाली अवधेश कुमार का कहना है कि बाकी नामजद की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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गौरतलब है कि बतादें 30 जून /01 जुलाई की रात को कोतवाली पुलिस को पीहुरा गांव के पास सादाबाद सहपऊ मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन से कुचला एक शव मिला था। बाद में उसकी शिनाख्त दिनेश कुमार पुत्र खजान सिंह निवासी बटपुरा के रूप में उसके बड़े भाई मोरध्वज उर्फ पोप ने कोतवाली में उसके कपड़े एवं जूतों से की थी। पोप ने सीओ सादाबाद एवं एसपी हाथरस को प्रार्थना पत्र देकर उसके भाई की हत्या की आशंका व्यक्त की थी, साथ ही उसने नामजद तहरीर भी दी थी । पुलिस ने पोप की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए आठ नामजदों के साथ आठ लोगों को आरोपी बनाया था।