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दहेज हत्या में पति, सास-ससुर को कैद  

Wed, 23 Aug 2017 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस। 
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।  Updated Wed, 23 Aug 2017 11:11 PM IST
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Husband, mother-in-law imprisonment in dowry murder
court
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न एवं हत्या के आरोपी पति, ससुर और सास को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने पति को सात वर्ष के सश्रम कारावास एवं ससुर और सास को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
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न्यायालय ने तीनों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगने का भी प्रविधान किया है। 
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मृतका के भाई मेघराज सिंह निवासी गभाना थाना गभाना अलीगढ़ ने सिकंदराराऊ पुलिस को एक तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया था कि उसने अपनी बहन सुनीता की शादी 25 फरवरी, 2011 को रिंकू पुत्र हरिपाल सिंह निवासी अरनौठ थाना सिकंदराराऊ के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार पांच लाख रुपये का दान-दहेज देकर की थी। लेकिन इस दान दहेज से रिंकू और उसके परिजन संतुष्ट नहीं थे। सुनीता जब भी उसके घर आई तो उसने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
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वह लोग एक लाख रुपये नकद और एक मारुति कार दिए जाने की मांग कर रहे थे। जब हमारे द्वारा उनकी इस मांग को पूरा करने में असमर्थता व्यक्त की गई तो इन लोगों ने 6 मई,2012 को सुनीता की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसकी जानकारी होने पर जब वह लोग अरनौठ पहुंचे तो वहां उसकी बहन का शव घर में पड़ा हुआ था और ससुरालीजन घर छोड़कर भाग गए थे।


पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए पति रिंकू, श्वसुर हरपाल सिंह एवं सास भिंतर देवी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस ने इस मामले में 498ए,304 बी, एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना। एडीजीसी एसएस चौहान द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का आरोपी पक्ष खंडन नहीं कर सका। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने यह व्यवस्था भी दी कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा होने पर 50 प्रतिशत धनराशि पीड़ित परिवार को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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