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तीसरी बार हुुई बेटी का दादी ने घोंट दिया गला
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:43 PM IST
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दादी
- फोटो : Amar Ujala
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हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव महौ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लड़की पैदा होने से बौखलाई दादी ने नवजात की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। सोमवार सुबह मासूम की खोजबीन में जुटे उसके पिता ने जब कुत्तों को झाड़ियों में शव को खींचते देखा तो उसका पारा चढ़ गया। बेटे ने मां पर हत्या का आरोप लगाते हुए हाथरस जंक्शन पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने महिला के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
क्षेत्र के गांव गढ़ी धारू के रहने वाले नीरेश पुत्र बाबू सिंह के पहले से दो बेटियां हैं। एक बेटी चार साल की है और दूसरी डेढ़ साल की। नीरेश की मां केला देवी (55) को नाती की चाहत थी। बहू मुद्रा के तीसरी बार गर्भवती होने पर केला देवी ने बेटे के जन्म के लिए काफी मन्नतें मांगी थीं। उन्हें इस बार पूरा यकीन था कि उनकी बहू के बेटा ही होगा। मुद्रा देवी ने रविवार को महौ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक बेटी को जन्म दिया तो केला देवी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
नीरेश ने इसे ईश्वर की इच्छा मानते हुए मां केला देवी को नवजात बेटी को अपनाने को कहा। स्वास्थ्य केंद्र की नर्स ने भी बच्ची को सबसे पहले दादी की गोद में दिया। हालांकि जब नर्स ने बच्ची को दादी को दिया तब वहां कोई और मौजूद नहीं था। इसी बीच केला देवी के मन का शैतान जाग गया और उसने मन ही मन मासूम बच्ची के कत्ल की योजना बना ली। रात के अंधेरे में केला देवी ने नवजात का गला दबा दिया। कुछ ही सेकेंडों में मासूम ने दम तोड़ दिया। भेद खुलने के डर से महिला ने नवजात के शव को अस्पताल के पास झाड़ियों में फेंक दिया। परिवार के दूसरे सदस्य अभी तक केला देवी की हैवानियत से अंजान थे। रात के समय परिजन इस भ्रम में रहे कि केला देवी ने बच्ची को कहीं सुरक्षित रखा होगा।
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सुबह होते ही जब नीरेश ने बच्ची को देखने की इच्छा जताई तो मां केला देवी ने बच्चे के बारे में अनभिज्ञता जता दी। कहा कि उसे बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इससे परेशान नीरेश ने बच्ची को खोजना शुरू कर दिया। नीरेश की नजर अस्पताल के पास झाड़ियों में घुसे कुत्तों पर गई तो उसका माथा ठनका। देखा तो बच्ची के शव को कुत्ते खींच रहे थे। कई जगह से शव को कुत्तों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। यह देख नीरेश का पारा चढ़ गया। उसने मामले की पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने नीरेश ने नर्स से बच्ची के झाड़ियों तक पहुंचने के बारे में पूछा। इस पर नर्स ने बच्ची को उसकी दादी के हाथों दिए जाने की बात कही। मौके पर मौजूद केला देवी इससे साफ मुकर गई।
बच्ची के जन्म के समय उसके शरीर पर मौजूद खून के धब्बे गोद में लेते समय केला देवी की साड़ी पर पड़ गए थे। जब नीरेश ने इन धब्बों के बारे में पूछा तो केला देवी सन्न रह गईं और रोते हुए बच्ची की हत्या की बात सभी के सामने कबूल कर ली। आरोपी महिला केला देवी का कहना है कि लड़की होने पर वह अपनी सुधबुध खो बैठी थीं। बेसुधी की हालत में उनसे यह अपराध हो गया। हाथरस जंक्शन कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि युवक की शिकायत पर उसकी मां के विरुद्ध धारा 302 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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क्षेत्र के गांव गढ़ी धारू के रहने वाले नीरेश पुत्र बाबू सिंह के पहले से दो बेटियां हैं। एक बेटी चार साल की है और दूसरी डेढ़ साल की। नीरेश की मां केला देवी (55) को नाती की चाहत थी। बहू मुद्रा के तीसरी बार गर्भवती होने पर केला देवी ने बेटे के जन्म के लिए काफी मन्नतें मांगी थीं। उन्हें इस बार पूरा यकीन था कि उनकी बहू के बेटा ही होगा। मुद्रा देवी ने रविवार को महौ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक बेटी को जन्म दिया तो केला देवी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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नीरेश ने इसे ईश्वर की इच्छा मानते हुए मां केला देवी को नवजात बेटी को अपनाने को कहा। स्वास्थ्य केंद्र की नर्स ने भी बच्ची को सबसे पहले दादी की गोद में दिया। हालांकि जब नर्स ने बच्ची को दादी को दिया तब वहां कोई और मौजूद नहीं था। इसी बीच केला देवी के मन का शैतान जाग गया और उसने मन ही मन मासूम बच्ची के कत्ल की योजना बना ली। रात के अंधेरे में केला देवी ने नवजात का गला दबा दिया। कुछ ही सेकेंडों में मासूम ने दम तोड़ दिया। भेद खुलने के डर से महिला ने नवजात के शव को अस्पताल के पास झाड़ियों में फेंक दिया। परिवार के दूसरे सदस्य अभी तक केला देवी की हैवानियत से अंजान थे। रात के समय परिजन इस भ्रम में रहे कि केला देवी ने बच्ची को कहीं सुरक्षित रखा होगा।
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सुबह होते ही जब नीरेश ने बच्ची को देखने की इच्छा जताई तो मां केला देवी ने बच्चे के बारे में अनभिज्ञता जता दी। कहा कि उसे बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इससे परेशान नीरेश ने बच्ची को खोजना शुरू कर दिया। नीरेश की नजर अस्पताल के पास झाड़ियों में घुसे कुत्तों पर गई तो उसका माथा ठनका। देखा तो बच्ची के शव को कुत्ते खींच रहे थे। कई जगह से शव को कुत्तों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। यह देख नीरेश का पारा चढ़ गया। उसने मामले की पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने नीरेश ने नर्स से बच्ची के झाड़ियों तक पहुंचने के बारे में पूछा। इस पर नर्स ने बच्ची को उसकी दादी के हाथों दिए जाने की बात कही। मौके पर मौजूद केला देवी इससे साफ मुकर गई।
बच्ची के जन्म के समय उसके शरीर पर मौजूद खून के धब्बे गोद में लेते समय केला देवी की साड़ी पर पड़ गए थे। जब नीरेश ने इन धब्बों के बारे में पूछा तो केला देवी सन्न रह गईं और रोते हुए बच्ची की हत्या की बात सभी के सामने कबूल कर ली। आरोपी महिला केला देवी का कहना है कि लड़की होने पर वह अपनी सुधबुध खो बैठी थीं। बेसुधी की हालत में उनसे यह अपराध हो गया। हाथरस जंक्शन कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि युवक की शिकायत पर उसकी मां के विरुद्ध धारा 302 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।