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डुप्लीकेट चेक से महिला से ठगी
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:09 AM IST
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हाथरस। डुप्लीकेट चेक के जरिए फर्जीवाड़ा कर बैंकों से लाखों की रकम निकालने के एक और मामले का खुलासा हुआ है। बीते 31 दिसंबर को पासबुक की एंट्री कराने पर ऐंहन की सुनीता देवी पत्नी उमेश चंद्र को पता चला कि 14 महीने पहले नौ सितंबर 2014 को डुप्लीकेट चेक के जरिए उनके केनरा बैंक मुख्य शाखा के खाते से किसी ने 1.20 लाख की रकम निकाल ली। इस मामले की शिकायत बैंक प्रबंधन से करने के बाद बैंक ने जांच की और महिला की शिकायत को सही पाया। गुरुवार को बैंक प्रबंधक ने फर्जीवाड़े में मुकदमा दर्ज कराने के लिए सदर कोतवाली पुलिस को शिकायत की।
रकम का भुगतान डुप्लीकेट चेक पर सुनीता देवी के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए लाखन सिंह के बैंक खाते में किया गया। हैरत की बात यह है कि नौ सितंबर 2014 से ठीक एक दिन पहले शहर के विजय किशोर अरोरा के खाते से भी साढ़े आठ लाख रुपये की रकम निकाल कर लाखन सिंह के खाते में ऐसे ही एक डुप्लीकेट चेक के जरिए भेजी गई थी। इस फर्जीवाड़े का पता जल्दी चलने पर इसमें मुकदमा दर्ज हो गया था और पुलिस ने लाखन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। इस तरह के फर्जीवाड़ों के सामने आने के बाद से बैंकों में जमा रकम की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। ऐसे और भी मामले हो सकते हैं। बैंक प्रबंधक मुकेश कुमार का कहना है कि बैंक ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कार्रवाई की जा रही है। सुनीता देवी के पति उमेश चंद्र का कहना है कि बैंक की लापरवाही के कारण उनके खाते से रकम की निकासी हुई है। डुप्लीकेट चेक बुक दिए जाने पर भी उमेश ने सवाल उठाया है। उमेश चंद्र का कहना है कि उन्हें निकाली गई रकम वापस मिलनी चाहिए। सदर कोतवाल मनोज शर्मा ने बताया कि उन्हें केनरा बैंक मुख्य शाखा के मैनेजर ने तहरीर दी है। फर्जीवाड़े के मामलों में एसपी के आदेश पर ही मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, इसलिए बैंक प्रबंधक को एसपी से शिकायत करने को कहा गया है। एसपी से निर्देश मिलने के बाद इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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रकम का भुगतान डुप्लीकेट चेक पर सुनीता देवी के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए लाखन सिंह के बैंक खाते में किया गया। हैरत की बात यह है कि नौ सितंबर 2014 से ठीक एक दिन पहले शहर के विजय किशोर अरोरा के खाते से भी साढ़े आठ लाख रुपये की रकम निकाल कर लाखन सिंह के खाते में ऐसे ही एक डुप्लीकेट चेक के जरिए भेजी गई थी। इस फर्जीवाड़े का पता जल्दी चलने पर इसमें मुकदमा दर्ज हो गया था और पुलिस ने लाखन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। इस तरह के फर्जीवाड़ों के सामने आने के बाद से बैंकों में जमा रकम की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। ऐसे और भी मामले हो सकते हैं। बैंक प्रबंधक मुकेश कुमार का कहना है कि बैंक ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कार्रवाई की जा रही है। सुनीता देवी के पति उमेश चंद्र का कहना है कि बैंक की लापरवाही के कारण उनके खाते से रकम की निकासी हुई है। डुप्लीकेट चेक बुक दिए जाने पर भी उमेश ने सवाल उठाया है। उमेश चंद्र का कहना है कि उन्हें निकाली गई रकम वापस मिलनी चाहिए। सदर कोतवाल मनोज शर्मा ने बताया कि उन्हें केनरा बैंक मुख्य शाखा के मैनेजर ने तहरीर दी है। फर्जीवाड़े के मामलों में एसपी के आदेश पर ही मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, इसलिए बैंक प्रबंधक को एसपी से शिकायत करने को कहा गया है। एसपी से निर्देश मिलने के बाद इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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