{"_id":"5b2a98cc4f1c1bb26e8b906c","slug":"due-to-police-exams-in-agra-mathura-exams","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस की आंखों में धूल झोंक आगरा, मथुरा में दी परीक्षा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस की आंखों में धूल झोंक आगरा, मथुरा में दी परीक्षा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Wed, 20 Jun 2018 11:58 PM IST
विज्ञापन
पुलिस भर्ती परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर पुलिस हिरासत में।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसओजी की पकड़ में आए बिहार के पांचों सॉल्वर पुलिस की आंखों में धूल झोंककर परीक्षा देने में कामयाब रहे। पूछताछ में पांच में से दो ने परीक्षा देने की बात स्वीकार की है। एसपी घुले सुशील के मुताबिक गैंग लीडर उदय कुमार ने मथुरा में परीक्षा दी है।
उसने अलीगढ़ निवासी इंद्रजीत के नाम पर परीक्षा दी है। वहीं दूसरे सॉल्वर प्रवीन कुमार ने आगरा में हाथरस के राजपाल के नाम से परीक्षा दी है। हैरत की बात यह कि तमाम जांच-पड़ताल के बावजूद आरोपी परीक्षा देने में कामयाब रहे और पकड़े नहीं गए। अगर हाथरस में आरपीएम कॉलेज में इनका साथी वासुदेव उर्फ पुरुषोत्तम पकड़ में नहीं आता तो इस गैंग का पता नहीं चल पाता।
एसपी घुले सुशील ने बताया कि सॉल्वर से परीक्षा दिलाने वाले अभ्यर्थियों को भी आरोपी बनाया गया है। जांच में जो भी नाम सामने आएंगे, सभी को आरोपी बनाया जाएगा। एसपी ने बताया कि अगर किसी ने पुलिस को धोखा देकर परीक्षा दे भी दी होगी, तब भी वह पकड़ा जाएगा। पुलिस जल्द ही सभी परीक्षार्थियों का बायोमीट्रिक सत्यापन करेगी। इससे असल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले सॉल्वर या दूसरे लोग पकड़े जांएगे। सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि सादाबाद के नौपुरा के संजय और बरामई के राजकुमार के तार पूरे गिरोह से जुड़े हुए थे। उन्होंने ही सॉल्वरों को यहां बुलाकर अभ्यर्थियों के आईडी प्रूफ और प्रवेश पत्र उपलब्ध कराए थे। पुलिस को जिले के कुछ कोचिंग सेंटरों के तार भी इससे जुड़े नजर आ रहे हैं। एसपी ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस भर्ती परीक्षा 2015 और 2018 में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में अभी तक कुल मिलाकर नौ सॉल्वर पकड़े जा चुके हैं।
विज्ञापन
उसने अलीगढ़ निवासी इंद्रजीत के नाम पर परीक्षा दी है। वहीं दूसरे सॉल्वर प्रवीन कुमार ने आगरा में हाथरस के राजपाल के नाम से परीक्षा दी है। हैरत की बात यह कि तमाम जांच-पड़ताल के बावजूद आरोपी परीक्षा देने में कामयाब रहे और पकड़े नहीं गए। अगर हाथरस में आरपीएम कॉलेज में इनका साथी वासुदेव उर्फ पुरुषोत्तम पकड़ में नहीं आता तो इस गैंग का पता नहीं चल पाता।
विज्ञापन
एसपी घुले सुशील ने बताया कि सॉल्वर से परीक्षा दिलाने वाले अभ्यर्थियों को भी आरोपी बनाया गया है। जांच में जो भी नाम सामने आएंगे, सभी को आरोपी बनाया जाएगा। एसपी ने बताया कि अगर किसी ने पुलिस को धोखा देकर परीक्षा दे भी दी होगी, तब भी वह पकड़ा जाएगा। पुलिस जल्द ही सभी परीक्षार्थियों का बायोमीट्रिक सत्यापन करेगी। इससे असल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले सॉल्वर या दूसरे लोग पकड़े जांएगे। सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि सादाबाद के नौपुरा के संजय और बरामई के राजकुमार के तार पूरे गिरोह से जुड़े हुए थे। उन्होंने ही सॉल्वरों को यहां बुलाकर अभ्यर्थियों के आईडी प्रूफ और प्रवेश पत्र उपलब्ध कराए थे। पुलिस को जिले के कुछ कोचिंग सेंटरों के तार भी इससे जुड़े नजर आ रहे हैं। एसपी ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस भर्ती परीक्षा 2015 और 2018 में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में अभी तक कुल मिलाकर नौ सॉल्वर पकड़े जा चुके हैं।