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किसान को ठगने वाले साइबर जालसाज को किया गिरफ्तार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:11 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में साइबर ठगी का आरोपी जितेंद्र कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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साइबर ठगों के झांसे में आकर 78 हजार रुपये गंवाने के बाद कर्जदार हुए किसान की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने एक वर्ष 10 महीने की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। क्षेत्र के गांव पाइंदापुर निवासी किसान छविराम के पास साइबर ठगों का फोन आया कि उनका दो लाख रुपये का कर्ज मंजूर हो गया है।
उसने ठगों के कहने पर 78 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पहले तो ठगों ने विश्वास जमाने के लिए किसान से आईडी और अन्य कागजात मांगे और खाता नंबर पूछा। उसके बाद ठगों ने किसान से जमानत राशि के नाम पर कई बार में 78,000 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। किसान छविराम फंस गया। जब उसके पास पैसे नहीं बचे तो खेत गिरवी रखकर कर्ज लिया और पैसे भेजे। इसके बाद वह फोन नंबर बंद आने लगा।
इससे छविराम हताशा में परेशान रहने लगा। उसे लगा कि वह अब उधार लिए पैसे वापस नहीं कर पाएगा और रोजी रोटी का जरिया खेत भी चले जाएंगे तो उसने 20 दिसंबर को घर में बंद होकर कमरे में फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की विवचेना शुरू कर दी है। कोतवाल मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि एक साल से ज्यादा चली विवेचना के बाद संज्ञान में आया कि किसान का काफी पैसा जितेंद्र कुमार पुत्र रतन कुमार निवासी गांव बड़ोदरा शमसाबाद आगरा के खाते में आया है।
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पुलिस ने मृत किसान और जितेंद्र के खातों की एंट्री का मिलान किया तो पैसे के आने और निकासी का मैच हो गया। पुलिस ने जितेंद्र को धर दबोचा तो उसने पूरी असलियत उगल दी। पुलिस ने जितेंद्र को धारा 306, 420,67 ए आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेेजा है।
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उसने ठगों के कहने पर 78 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पहले तो ठगों ने विश्वास जमाने के लिए किसान से आईडी और अन्य कागजात मांगे और खाता नंबर पूछा। उसके बाद ठगों ने किसान से जमानत राशि के नाम पर कई बार में 78,000 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। किसान छविराम फंस गया। जब उसके पास पैसे नहीं बचे तो खेत गिरवी रखकर कर्ज लिया और पैसे भेजे। इसके बाद वह फोन नंबर बंद आने लगा।
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इससे छविराम हताशा में परेशान रहने लगा। उसे लगा कि वह अब उधार लिए पैसे वापस नहीं कर पाएगा और रोजी रोटी का जरिया खेत भी चले जाएंगे तो उसने 20 दिसंबर को घर में बंद होकर कमरे में फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की विवचेना शुरू कर दी है। कोतवाल मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि एक साल से ज्यादा चली विवेचना के बाद संज्ञान में आया कि किसान का काफी पैसा जितेंद्र कुमार पुत्र रतन कुमार निवासी गांव बड़ोदरा शमसाबाद आगरा के खाते में आया है।
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पुलिस ने मृत किसान और जितेंद्र के खातों की एंट्री का मिलान किया तो पैसे के आने और निकासी का मैच हो गया। पुलिस ने जितेंद्र को धर दबोचा तो उसने पूरी असलियत उगल दी। पुलिस ने जितेंद्र को धारा 306, 420,67 ए आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेेजा है।