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Kushinagar News: डोल मेला में बेकाबू हुई भीड़, पुलिस के लाठी भाजने से मची भगदड़
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रगड़गंज बाजार में आयोजित डोल मेले के दौरान उमड़ी भीड़।संवाद
पटहेरवा/गंगुआ बाजार। पटहेरवा थाना क्षेत्र के रगडगंज बाजार में आयोजित दो दिवसीय डोल मेला भारी हंगामे के बीच शनिवार देर रात संपन्न हो गया। बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को तीन बार लाठियां भाजनी पड़ी। भगदड़ में तीन लोग चोटिल हो गए। प्रतिबंध के बावजूद आयोजकों ने तेज आवाज वाले डीजे की ऊंचाई अधिक होने के कारण ट्राली पर मौजूद युवक बिजली के तारों को काटने लगे। मेले में आरकेस्ट्रा देखने वालों वालों की भीड़ में बिहार के युवक भी शामिल रहे। पुलिस ने आयोजक, डीजे संचालक समेत नौ नामजद और 100 से अधिक अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
रगड़गंज में शुक्रवार की रात दो दिवसीय डोल उठने के साथ मेला शुरू हुआ। मेले में तीन अखाड़े शामिल हुए। पहले दिन सब कुछ ठीक रहा। दूसरे दिन शनिवार को दोपहर बाद उठे डोल मेले में बिहार व पश्चिम बंगाल से आई नर्तकी माही-मनीषा व काजल राज को देखने के लिए बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। रात करीब आठ बजे के बाद भीड़ बेकाबू हो गई। आर्केस्ट्रा में कुछ युवक नशे में धुत होकर हंगामा करने लगे।
डीजे की ऊंचाई अधिक होने के कारण ऊपर से गुजरे बिजली के तारों को लोग काटने लगे। पुलिस ने मना किया तो कुछ युवक उलझ गए और हंगामा करने लगे। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को तीन राउंड लाठियां भाजनी पड़ी। इस दौरान मची भगदड़ में बिहार से आए तीन युवक घायल हो गए। हालांकि, पुलिस इससे इन्कार कर रही है। पुलिस कन्बल प्रयोग के बाद भीड़ कम हो गई और अधिकांश लोग अपने घरों को लौट गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डीजे के तेज शोर से पूरा बाजार दहल उठा था और मेले में शामिल कुछ युवक डीजे लदी ट्राली को ले जाने के लिए बिजली के तारों को काटने लगे। हलका दरोगा श्रीराम सिंह की तहरीर पर अखाड़ेदार हनपुर बेलही निवासी लल्लन पटेल, अजय सिंह पटेल, विक्की गोड़, डीजे संचालक चंदन प्रसाद, निक्कू गुप्ता, प्रेसागर के अलावा समर्थकों, ट्रैक्टर चालकों, ट्रैक्टर मालिकों पर ध्वनि प्रदूषण, अराजकता फैलाना, पर्यावरण प्रदूषण समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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150 से अधिक पुलिसकर्मियों की थी ड्यूटी
बिहार सीमा से सटे रगड़गंज बाजार में रक्षाबंधन पर लगने वाला दो दिवसीय डोल मेले की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। मेले में दस इंस्पेक्टर, 25 सब इंस्पेक्टर, 25 महिला कांस्टेबल के अलावा 100 से अधिक सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसकी मॉनिटरिंग सीओ तमकुहीराज कर रहे थे। इसके अलावा मौके पर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस मौजूद रही।
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मना करने के बाद आयोजक ऊंचे और तेज आवाज वाले डीजे बांधे थे। कस्बे में लगे बिजली के तारों को काट रहे थे। मना करने पर उपद्रव मचाने लगे। बेकाबू भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग किया। हलका दरोगा की तहरीर पर नौ नामजद समेत अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। -जयंत कुमार यादव, सीओ तमकुहीराज
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लाठीचार्ज से मेले का माहौल बिगड़ा, आयोजकों पर कार्रवाई से नाराजगी
-डोल मेले में उम्मीद से अधिक उमड़ी भीड़, पुलिस की तैयारी पड़ी कमजोर
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगुआ बाजार। परंपरागत डोल मेले में लाठीचार्ज को लेकर लोगों में नाराजगी है। आरोप है कि पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए बल प्रयोग किया और बाद में आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी। उनका कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से मेले का माहौल खराब हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों में भी भय का माहौल बना।
पटहेरवा थाना क्षेत्र के रगड़गंज बाजार में शुक्रवार शाम से शनिवार देर शाम तक चले डोल मेले में मानक से अधिक डेसीबल पर डीजे बजाने, साउंड बॉक्स की ऊंचाई अधिक रखने और पर्याप्त वालंटियर्स की व्यवस्था नहीं किए जाने का हवाला देते हुए पुलिस ने तीनों अखाड़ों के संचालकों, वालंटियर्स, ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों और साउंड संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। डोल मेला आयोजकों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मनमानी का आरोप लगाया है। आयोजकों का आरोप है कि मेले को लेकर प्रशासन की ओर से बैठक जरूर कराई गई थी लेकिन आयोजन के दौरान पर्याप्त निगरानी और आयोजकों के साथ समन्वय नहीं किया गया। उनका आरोप है कि प्रशासन अपनी विफलता का ठीकरा आयोजकों पर फोड़ रहा है।
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-लाठीचार्ज कर पुलिस मनमानी की। पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रवैये से मेले का माहौल खराब हुआ। अचानक लाठीचार्ज से भगदड़ की स्थिति बन गई। पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कीहै। मामले की जांच होनी चाहिए। -हरिकेश कुमार, अखड़ा नंबर तीन के मेला अध्यक्ष
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-मेले में बार-बार बल प्रयोग से भय का माहौल पैदा हुआ। इससे मेले की बदनामी हुई है। अगर आयोजकों की ओर से कोई कमी थी तो प्रशासन को पहले बात करनी चाहिए थी और अपनी प्राथमिकताओं को बताना चाहिए था। किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाना चाहिए। -रविंदर गुप्ता, पूर्व प्रधान बिहार बुजुर्ग
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रगड़गंज में शुक्रवार की रात दो दिवसीय डोल उठने के साथ मेला शुरू हुआ। मेले में तीन अखाड़े शामिल हुए। पहले दिन सब कुछ ठीक रहा। दूसरे दिन शनिवार को दोपहर बाद उठे डोल मेले में बिहार व पश्चिम बंगाल से आई नर्तकी माही-मनीषा व काजल राज को देखने के लिए बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। रात करीब आठ बजे के बाद भीड़ बेकाबू हो गई। आर्केस्ट्रा में कुछ युवक नशे में धुत होकर हंगामा करने लगे।
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डीजे की ऊंचाई अधिक होने के कारण ऊपर से गुजरे बिजली के तारों को लोग काटने लगे। पुलिस ने मना किया तो कुछ युवक उलझ गए और हंगामा करने लगे। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को तीन राउंड लाठियां भाजनी पड़ी। इस दौरान मची भगदड़ में बिहार से आए तीन युवक घायल हो गए। हालांकि, पुलिस इससे इन्कार कर रही है। पुलिस कन्बल प्रयोग के बाद भीड़ कम हो गई और अधिकांश लोग अपने घरों को लौट गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डीजे के तेज शोर से पूरा बाजार दहल उठा था और मेले में शामिल कुछ युवक डीजे लदी ट्राली को ले जाने के लिए बिजली के तारों को काटने लगे। हलका दरोगा श्रीराम सिंह की तहरीर पर अखाड़ेदार हनपुर बेलही निवासी लल्लन पटेल, अजय सिंह पटेल, विक्की गोड़, डीजे संचालक चंदन प्रसाद, निक्कू गुप्ता, प्रेसागर के अलावा समर्थकों, ट्रैक्टर चालकों, ट्रैक्टर मालिकों पर ध्वनि प्रदूषण, अराजकता फैलाना, पर्यावरण प्रदूषण समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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150 से अधिक पुलिसकर्मियों की थी ड्यूटी
बिहार सीमा से सटे रगड़गंज बाजार में रक्षाबंधन पर लगने वाला दो दिवसीय डोल मेले की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। मेले में दस इंस्पेक्टर, 25 सब इंस्पेक्टर, 25 महिला कांस्टेबल के अलावा 100 से अधिक सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसकी मॉनिटरिंग सीओ तमकुहीराज कर रहे थे। इसके अलावा मौके पर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस मौजूद रही।
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मना करने के बाद आयोजक ऊंचे और तेज आवाज वाले डीजे बांधे थे। कस्बे में लगे बिजली के तारों को काट रहे थे। मना करने पर उपद्रव मचाने लगे। बेकाबू भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग किया। हलका दरोगा की तहरीर पर नौ नामजद समेत अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। -जयंत कुमार यादव, सीओ तमकुहीराज
लाठीचार्ज से मेले का माहौल बिगड़ा, आयोजकों पर कार्रवाई से नाराजगी
-डोल मेले में उम्मीद से अधिक उमड़ी भीड़, पुलिस की तैयारी पड़ी कमजोर
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगुआ बाजार। परंपरागत डोल मेले में लाठीचार्ज को लेकर लोगों में नाराजगी है। आरोप है कि पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए बल प्रयोग किया और बाद में आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी। उनका कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से मेले का माहौल खराब हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों में भी भय का माहौल बना।
पटहेरवा थाना क्षेत्र के रगड़गंज बाजार में शुक्रवार शाम से शनिवार देर शाम तक चले डोल मेले में मानक से अधिक डेसीबल पर डीजे बजाने, साउंड बॉक्स की ऊंचाई अधिक रखने और पर्याप्त वालंटियर्स की व्यवस्था नहीं किए जाने का हवाला देते हुए पुलिस ने तीनों अखाड़ों के संचालकों, वालंटियर्स, ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों और साउंड संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। डोल मेला आयोजकों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मनमानी का आरोप लगाया है। आयोजकों का आरोप है कि मेले को लेकर प्रशासन की ओर से बैठक जरूर कराई गई थी लेकिन आयोजन के दौरान पर्याप्त निगरानी और आयोजकों के साथ समन्वय नहीं किया गया। उनका आरोप है कि प्रशासन अपनी विफलता का ठीकरा आयोजकों पर फोड़ रहा है।
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-लाठीचार्ज कर पुलिस मनमानी की। पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रवैये से मेले का माहौल खराब हुआ। अचानक लाठीचार्ज से भगदड़ की स्थिति बन गई। पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कीहै। मामले की जांच होनी चाहिए। -हरिकेश कुमार, अखड़ा नंबर तीन के मेला अध्यक्ष
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-मेले में बार-बार बल प्रयोग से भय का माहौल पैदा हुआ। इससे मेले की बदनामी हुई है। अगर आयोजकों की ओर से कोई कमी थी तो प्रशासन को पहले बात करनी चाहिए थी और अपनी प्राथमिकताओं को बताना चाहिए था। किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाना चाहिए। -रविंदर गुप्ता, पूर्व प्रधान बिहार बुजुर्ग