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चतुरा के सहयोगियों पर पुलिस का शिकंजा
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:14 AM IST
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हाथरस। चतुरा को दबोचने के बाद पुलिस अब शहर में सट्टे की खाईबाड़ी करने वाले उसके साथी सटोरियों को दबोचने में लगी है। हाथरस गेट पुलिस ने चतुरा के साथ काम करने के आरोप में एक और शातिर व्यक्ति को दबोचने का दावा किया है। 500 ग्राम नशीला पाउडर मिलने पर शातिर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पिछले दो महीने में पुलिस 40 से ज्यादा सटोरियों के विरुद्ध कार्रवाई कर चुकी है। इनमें 12 लोग चतुरा के लिए काम करने के आरोपी हैं।
थाने के एसओ केपी सिंह के मुताबिक आरोपी इमरान सट्टे के कारोबार का पुराना खिलाड़ी है। पूछताछ में उसने यह कुबूल किया है कि वह पिछले कई साल से मधुगढ़ी इलाके में चतुरा के लिए सट्टा लगवाने का काम कर रहा था। पुलिस की हाल की कार्रवाई से डरकर पिछले दस दिन से उसने सट्टा लगवाना बंद कर दिया था।
पुलिस के मुताबिक सट्टे के काले कारोबार से जुड़े लोग नशे के गोरखधंधे में भी कूद पड़े हैं। यही वजह है कि जब भी सट्टा कराने का कोई आरोपी पकड़ा जाता है तो तलाशी में उसके पास से नशीला पाउडर पुलिस को मिल जाता है। इससे पुलिस के लिए इन सटोरियों पर कार्रवाई करना आसान हो गया है। जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज होने पर जल्द इन्हें जमानत मिल जाती थी। नशीला पाउडर मिलने पर पुलिस सटोरियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज देती है, जिससे इन्हें जल्द जमानत नहीं मिल पाती और कुछ समय जेल में काटना पड़ता है।
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थाने के एसओ केपी सिंह के मुताबिक आरोपी इमरान सट्टे के कारोबार का पुराना खिलाड़ी है। पूछताछ में उसने यह कुबूल किया है कि वह पिछले कई साल से मधुगढ़ी इलाके में चतुरा के लिए सट्टा लगवाने का काम कर रहा था। पुलिस की हाल की कार्रवाई से डरकर पिछले दस दिन से उसने सट्टा लगवाना बंद कर दिया था।
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पुलिस के मुताबिक सट्टे के काले कारोबार से जुड़े लोग नशे के गोरखधंधे में भी कूद पड़े हैं। यही वजह है कि जब भी सट्टा कराने का कोई आरोपी पकड़ा जाता है तो तलाशी में उसके पास से नशीला पाउडर पुलिस को मिल जाता है। इससे पुलिस के लिए इन सटोरियों पर कार्रवाई करना आसान हो गया है। जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज होने पर जल्द इन्हें जमानत मिल जाती थी। नशीला पाउडर मिलने पर पुलिस सटोरियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज देती है, जिससे इन्हें जल्द जमानत नहीं मिल पाती और कुछ समय जेल में काटना पड़ता है।
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