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अभियुक्तों को हिरासत में लेने पर कोर्ट परिसर में हंगामा

Fri, 15 Jun 2018 12:00 AM IST
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस। Updated Fri, 15 Jun 2018 12:00 AM IST
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Charges in the court premises after detaining the accused
पुलिस की कार्रवाई के विरोध में न्यायालय परिसर में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - फोटो : Amar Ujala
दो साल पहले हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव विधिपुर के प्रधान रामकुमार उर्फ रामू की हत्या करने के मामले में आरोपी भाई जय कुमार और शिव कुमार को गुरुवार को कोर्ट से लौटते समय सहपऊ पुलिस ने हिरासत में लेने की कोशिश की।
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आरोपियों को जबरन एक प्राइवेट कार में डालने पर वकील एकजुट हो गए और कोर्ट परिसर में गिरफ्तारी का तीखा विरोध किया, जिसके बाद सहपऊ पुलिस को उल्टे पांव लौटना पड़ा। इस दौरान वहां अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया।  इस संबंध में वकीलों ने सीएम, आईजी, डीआईजी समेत कई अधिकारियों को फैक्स कर कोर्ट परिसर में की गई पुलिस की इस कार्रवाई पर रोष जताया है।  
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रामू हत्याकांड में प्रतिवादी पक्ष से पैरवी कर रहे अधिवक्ता दिगंबर सिंह सिसौदिया ने बताया कि अभियुक्त जय कुमार और शिव कुमार जमानत पर हैं। वह गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे कोर्ट में तारीख कर बाइक से घर लौट रहे थे। सहपऊ पुलिस का एक दरोगा, दो सिपाहियों और रामू हत्याकांड में वादी पक्ष के दो लोगों को साथ लेकर कोर्ट परिसर में नीचे उतरने पर बाइक स्टैंड के पास काफी देर से सफेद रंग की प्राइवेट स्विफ्ट कार में बैठा हुआ था। जैसे ही दोनो भाई बाइक स्टैंड के पास पहुंचे, पुलिसकर्मियों ने साथ मौजूद लोगों की मदद से एक शख्स को जबरन कार में डाल लिया और दूसरे को बाइक से खींचने लगे। यह देख मौके पर वकील इकट्ठा हो गए।
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अधिवक्ता दिगंबर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कोर्ट परिसर में इस तरह किसी को हिरासत में लिए जाने या उसे गिरफ्तार किए जाने को शीर्ष अदालत के निर्देशों के विपरीत बताया और तुरंत अभियुक्तों को छोड़ देने को कहा। वकीलों के एकजुट होने पर पुलिसकर्मियों का हौसला जवाब दे गया और उन्होंने मौके से निकलने में ही भलाई समझी। पुलिस अभियुक्तों को छोड़कर मौके से खिसक ली। अधिवक्ता दिगंबर सिंह का कहना है कि सहपऊ पुलिस अभियुक्तों की हत्या की साजिश रच रही है। पुलिस उनका अपहरण कर एनकाउंटर कर सकती थी। मामले की शिकायत सीएम, आईजी को फैक्स भेजकर की गई है। डीआईजी और एसपी को फोन कर पुलिस की शिकायत की गई है।  

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जयकुमार और शिवकुमार आपराधिक प्रवृति के हैं। जमानत पर रिहा होने के बाद यह अपने घर पर नहीं रह रहे। थाना क्षेत्र में पांच तारीख को एक लूट की वारदात हुई है। सहपऊ पुलिस को अंदेशा है कि जय कुमार और शिव कुमार इस लूट में शामिल रहे हैं। उन्हें केवल पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा रहा था। कोर्ट परिसर के बाहर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। वकीलों के विरोध करने पर उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस के साथ अभद्रता जैसी कोई बात नहीं है। शिवकुमार पहले भी क्षेत्र में हुई लूट में आरोपी रहा है। पुलिस ने उसे 2008 में पकड़ा भी था।  
अवधेश कुमार, प्रभारी निरीक्षक, सहपऊ

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