{"_id":"59fcb3e34f1c1bd1538babdc","slug":"caught-fire-factory-two-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध असलहे बनाने की फैक्ट्री पकड़ी, दो गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैध असलहे बनाने की फैक्ट्री पकड़ी, दो गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:52 PM IST
विज्ञापन
अवैध असलहे
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकंदराराऊ (हाथरस)। निकाय चुनाव से पूर्व अपराधियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस ने देसी तमंचा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर गांव जनसोई के निकट चल रही इस अवैध शस्त्रों की फैक्ट्री से कई तमंचे, बंदूक व तमंचे बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। एसपी हाथरस ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
कोतवाली पर पुलिस अधीक्षक सुशीलचंद्र घुले तथा सीओ आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने गांव जनसोई के समीप कुटैरा की मढै़या भुर्रका रोड पर छापा मारा, जहां कमलेश पुत्र बाबूलाल निवासी गांव भिसी मिर्जापुर, गजराज पुत्र घनश्याम सिंह निवासी भिसी मिर्जापुर के कब्जे से देशी बंदूक तमंचों के जखीरा मिला। मौके पर पुलिस को शस्त्र बनाने के तमाम उपकरणों के अलावा तीन सिंगल बैरल गन 12 बोर, 315 बोर के 8 तमंचे, कारतूस व तमंचा बनाने के उपकरण मिले।
पकड़े गये दोनों लोग कई बार तमंचा फैक्ट्री सहित पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं। ये लोग एक हजार रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक में तमंचे बेचते थे। ये लोग निकाय चुनाव के चलते आर्डर के हिसाब से तमंचे बना रहे थे। पकड़े गए कमलेश पर पांच अवैध असलहे की फैक्ट्री संचालित करने के केस तो गजराज पर चार मामले चल रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि दूसरे थानों से इनकी क्राइम हिस्ट्री मंगाई जा रही है। ये लोग प्रदेश से जिस हिस्से से डिमांड आती थी, ब्रोकर के माध्यम से तमंचे सप्लाई करते थे। फिलहाल इन्होंने तमंचे निकाय चुनाव के चलते पैदा हुई डिमांड के हिसाब से बनाने शुरू किए थे। एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। गौरतलब है कि कुछ माह पहले बरेली की एसटीफ टीम ने रेलवे स्टेशन कॉलोनी के पास एक कार से 92 तमंचों का बड़ा जखीरा बरामद किया था। तभी से पुलिस तमंचे बनाने वालों की तलाश में जुटी थी।
विज्ञापन
कोतवाली पर पुलिस अधीक्षक सुशीलचंद्र घुले तथा सीओ आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने गांव जनसोई के समीप कुटैरा की मढै़या भुर्रका रोड पर छापा मारा, जहां कमलेश पुत्र बाबूलाल निवासी गांव भिसी मिर्जापुर, गजराज पुत्र घनश्याम सिंह निवासी भिसी मिर्जापुर के कब्जे से देशी बंदूक तमंचों के जखीरा मिला। मौके पर पुलिस को शस्त्र बनाने के तमाम उपकरणों के अलावा तीन सिंगल बैरल गन 12 बोर, 315 बोर के 8 तमंचे, कारतूस व तमंचा बनाने के उपकरण मिले।
विज्ञापन
पकड़े गये दोनों लोग कई बार तमंचा फैक्ट्री सहित पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं। ये लोग एक हजार रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक में तमंचे बेचते थे। ये लोग निकाय चुनाव के चलते आर्डर के हिसाब से तमंचे बना रहे थे। पकड़े गए कमलेश पर पांच अवैध असलहे की फैक्ट्री संचालित करने के केस तो गजराज पर चार मामले चल रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि दूसरे थानों से इनकी क्राइम हिस्ट्री मंगाई जा रही है। ये लोग प्रदेश से जिस हिस्से से डिमांड आती थी, ब्रोकर के माध्यम से तमंचे सप्लाई करते थे। फिलहाल इन्होंने तमंचे निकाय चुनाव के चलते पैदा हुई डिमांड के हिसाब से बनाने शुरू किए थे। एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। गौरतलब है कि कुछ माह पहले बरेली की एसटीफ टीम ने रेलवे स्टेशन कॉलोनी के पास एक कार से 92 तमंचों का बड़ा जखीरा बरामद किया था। तभी से पुलिस तमंचे बनाने वालों की तलाश में जुटी थी।