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आवासीय स्कूल भेजने से खिन्न किशोर ट्रेन के आगे कूदा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Sun, 11 Feb 2018 11:26 PM IST
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suicide at railway track
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हाथरस। आवासीय विद्यालय में पढ़ने के लिए परिजनों के दबाव से खिन्न होकर रविवार तड़के करीब पांच बजे एक किशोर ने मुरसान क्षेत्र में दुलारी चौकी के पास ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। कुछ दिन पहले वह अपने विद्यालय से चुपचाप घर चला आया था। इस पर परिजन दोबारा रविवार को उसे वहां ले जाने वाले थे। किशोर घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित इगलास थाना क्षेत्र के गांव बड़ा कला का रहने वाला था।
ग्रामीणों के मुताबिक किशोर रामू (15) का दाखिला कुछ दिनों पहले ही उनके पिता बाबूलाल ने नौहझील के एक आवासीय विद्यालय की कक्षा नौ में कराया था। वहां रामू का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। उसे गांव और परिवार की याद सताती रहती थी। हाल ही में वह वहां से चुपचाप घर चला आया था। रामू ने परिजनों से साफ कह दिया था कि वह अब आवासीय विद्यालय में पढ़ने नहीं जाएगा। दूसरी ओर परिजन उसके भविष्य का हवाला देकर उस पर विद्यालय लौटने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने रविवार को रामू के नौहझील जाने की तारीख तय कर दी थी।
इस पर रविवार तड़के रामू चुपचाप नंगे पैर घर से करीब चार किलोमीटर दूर मुरसान थाना क्षेत्र की दुलारी चौकी के निकट रेलवे ट्रैक पर पहुंचा। ट्रेन के आते ही उसने छलांग लगा दी। पटरी पर शव पड़े देख किसी राहगीर ने सुबह करीब छह बजे पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे शोकाकुल पिता बाबूलाल ने लिखित में दिया कि वह शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते परंतु पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मुरसान कोतवाल अनिल कुमार सिंह ने बताया कि किशोर आवासीय स्कूल भेजने से दुखी था, इसलिए उसने खुदकुशी कर ली।
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ग्रामीणों के मुताबिक किशोर रामू (15) का दाखिला कुछ दिनों पहले ही उनके पिता बाबूलाल ने नौहझील के एक आवासीय विद्यालय की कक्षा नौ में कराया था। वहां रामू का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। उसे गांव और परिवार की याद सताती रहती थी। हाल ही में वह वहां से चुपचाप घर चला आया था। रामू ने परिजनों से साफ कह दिया था कि वह अब आवासीय विद्यालय में पढ़ने नहीं जाएगा। दूसरी ओर परिजन उसके भविष्य का हवाला देकर उस पर विद्यालय लौटने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने रविवार को रामू के नौहझील जाने की तारीख तय कर दी थी।
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इस पर रविवार तड़के रामू चुपचाप नंगे पैर घर से करीब चार किलोमीटर दूर मुरसान थाना क्षेत्र की दुलारी चौकी के निकट रेलवे ट्रैक पर पहुंचा। ट्रेन के आते ही उसने छलांग लगा दी। पटरी पर शव पड़े देख किसी राहगीर ने सुबह करीब छह बजे पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे शोकाकुल पिता बाबूलाल ने लिखित में दिया कि वह शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते परंतु पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मुरसान कोतवाल अनिल कुमार सिंह ने बताया कि किशोर आवासीय स्कूल भेजने से दुखी था, इसलिए उसने खुदकुशी कर ली।
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