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फफक पड़ी बहन.. बोली! पुलिस ने मारे भाई को मरवा दिया

Sat, 07 Jan 2017 11:29 PM IST
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस Updated Sat, 07 Jan 2017 11:29 PM IST
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Anil's sister says, Police responsible for my brother's murder
peoples weeping after murder of man - फोटो : amar ujala
हाथरस। तालाब चौराहे पर शुक्रवार को दिनदहाड़े अनिल (32) की हत्या के मामले में उसकी बहन ने पुलिस पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। भाई की मौत से दुखी बहन ने शनिवार को शव लेकर पहुंचे एक दरोगा से मारपीट की कोशिश की। इस दौरान फफक-फफक कर रो रही उसकी बहन ने पुलिस पर आरोप लगाए कि इन लोगों ने मारे भाई को मरवा दिया। पुलिस पर लगे आरोपों को एसपी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस संबंध में एसएसपी को जांच सौंपी है। इधर शनिवार शाम को पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में अनिल के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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बता दें कि शुक्रवार दोपहर को तालाब चौराहे पर हमलावरों ने अनिल को दौड़ाकर गोली मारी थी। उपचार के लिए अलीगढ़ ले जाने के दौरान उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। पुलिस ने योगेश, उसके भाई बबलू और सेठी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। इस वारदात के बाद से परिजनों के अलावा उसके मोहल्ला श्रीनगर के लोगों में भी काफी आक्रोश था। शुक्रवार को पूरे दिन परिजन शव के पोस्टमार्टम के लिए जरूरी औपचारिकता में जुटे रहे। शनिवार दोपहर दो बजे के बाद अनिल के शव का पोस्टमार्टम किया गया।
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पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को लेकर थाना हाथरस गेट से होते हुए श्रीनगर जाने वाले थे। अनिल की मौत के लिए परिवार के सदस्य थाना हाथरस गेट पुलिस की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। पुलिस को थाने से सामने शव ले जाने के दौरान हंगामे की आशंका थी। इसे ध्यान में रखते हुए थाने पर पीएसी तैनात कर दी गई। थाना सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सूर्यकांत द्विवेदी को शव को घर तक पहुंचाने का जिम्मा दिया गया।
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इंस्पेक्टर द्विवेदी ने सूझबूझ दिखाते हुए रुहेरी तिराहे पर परिजनों को रोक लिया और समझाकर उन्हें बाईपास के रास्ते से श्रीनगर तक ले गए। इससे थाने पर होने वाले हंगामे की आशंका खत्म हो गई। श्रीनगर में अनिल के घर पर हाथरस गेट के अलावा सदर कोतवाली का फोर्स भी मौजूद था। परिजनों के रोने-बिलखने के बीच शव को कुछ देर के लिए घर पर रखा गया। विलाप के दौरान अनिल की बहन ने मौके पर मौजूद एक दरोगा के साथ मारपीट की कोशिश की। महिला विलाप करते हुए बोली, इन लोगाें ने मेरे भाई को मरवा दिया। इसके बाद जल्द ही परिजन शव को लेकर श्मशान की ओर चले गए। शवयात्रा के आगे-पीछे काफी फोर्स साथ रहा। शव के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।


सपा छात्र सभा का जिला महासचिव है हत्यारोपी
अनिल की हत्या का आरोपी योगेश पुत्र रामेश्वर निवासी श्रीनगर, नई बस्ती सपा नेता है। वह सपा की छात्रसभा का जिला महासचिव है। गत माह सपा कार्यालय पर हुए मिष्ठान वितरण कार्यक्रम में भी वह शामिल था। अनिल के भाई दौजीराम के मुताबिक नेतागीरी के दम पर ही योगेश तमंचा लेकर लोगों को धमकाता था। पहली बार जब उसने दौजीराम के साथ मारपीट की थी तब उसने थाना पुलिस को फोन कर अपने सपा नेता होने का रुतबा दिखाया था। यही नहीं कई सपा नेताओं से उसने अपनी सिफारिश में फोन भी कराए थे। यही वजह थी कि योगेश के विरुद्ध पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पीड़ित पक्ष के साथ कई बार मारपीट किए जाने के बाद भी पुलिस ने योगेश पर हाथ नहीं डाला।

एनसीआर से हटाया गया योगेश, बबलू का नाम
हाथरस। अनिल के छोटे भाई दौजीराम से मारपीट के आरोप में थाना हाथरस गेट पुलिस ने 20 दिसंबर को एनसीआर दर्ज की थी। पड़ोस में रहने वाली दुर्गेश को उसका पति कालू पीट रहा था। दौजीराम ने उसे कालू से बचाने की कोशिश की थी। इस मारपीट में दुर्गेश के सिर में चार टांके आए थे और पसलियों में भी फ्रैक्चर हो गया था। पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर कालू को शांति भंग में पाबंद कर खानापूरी कर दी। दुर्गेश ने 22 दिसंबर को इस संबंध में कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए थाना हाथरस गेट पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे और कालू के दोस्त हत्यारोपी योगेश, बबलू को आरोपी बनाए जाने की मांग करते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई थी। दौजीराम का आरोप है कि उनकी ओर से चार आरोपियों के नाम तहरीर में थे। पुलिस ने दबाव देकर हत्यारोपी योगेश और उसके छोटे भाई बबलू का नाम निकलवाया था। अगर उसी दिन योगेश और बब्लू के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाती तो अनिल की हत्या नहीं होती।


पुलिस अधिकारियों की आरोपियों से मिलीभगत के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। इस मामले में एएसपी को जांच सौंपी गई है। जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अनिल की हत्या के बाद थाना पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
- दिलीप कुमार, एसपी
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