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पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को पत्र भेजने वालों का नहीं लगा सुराग
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:29 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को मिले धमकी भरे पत्रों को लेकर पुलिस की छानबीन जारी है। जिन लोगों के नाम से यह पत्र भेजे गए हैं। वह अभी ट्रेस नहीं हुए हैं। इधर, इस पूरे प्रकरण को लेकर खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व उनके बेटे चिराग उपाध्याय को धमकी भरे दो पत्र मिले हैं। पत्र में उन्हें धमकी दी गई थी कि या तो वह पुष्पेंद्र हत्याकांड में समझौता कर लें, वरना उनकी सपरिवार हत्या कर दी जाएगी। एक पत्र पर राजेंद्र उर्फ राजा निवासी सहपऊ व दूसरे पर सुनील निवासी सहपऊ के नाम से भेजा गया था।
यह दोनों पत्र बिना हस्ताक्षर के थे। इस मामले में एनसीआर थाना हाथरस गेट में दर्ज करा दी गई थी। पुलिस इन दोनों नाम के लोगों की खोज में जुटी रही लेकिन यह दोनों का पता नहीं चल सका है। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा का कहना है कि इस नाम के लोग अभी तक नहीं मिले हैं। फिर भी गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
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पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को मिले धमकी भरे पत्रों को लेकर पुलिस की छानबीन जारी है। जिन लोगों के नाम से यह पत्र भेजे गए हैं। वह अभी ट्रेस नहीं हुए हैं। इधर, इस पूरे प्रकरण को लेकर खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व उनके बेटे चिराग उपाध्याय को धमकी भरे दो पत्र मिले हैं। पत्र में उन्हें धमकी दी गई थी कि या तो वह पुष्पेंद्र हत्याकांड में समझौता कर लें, वरना उनकी सपरिवार हत्या कर दी जाएगी। एक पत्र पर राजेंद्र उर्फ राजा निवासी सहपऊ व दूसरे पर सुनील निवासी सहपऊ के नाम से भेजा गया था।
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यह दोनों पत्र बिना हस्ताक्षर के थे। इस मामले में एनसीआर थाना हाथरस गेट में दर्ज करा दी गई थी। पुलिस इन दोनों नाम के लोगों की खोज में जुटी रही लेकिन यह दोनों का पता नहीं चल सका है। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा का कहना है कि इस नाम के लोग अभी तक नहीं मिले हैं। फिर भी गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
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